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रानीगंज बाजार में बिका 50 हजार का बकरा
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रानीगंज में बिका 50 हजार का बकरा
बर्बरी प्रजाति के बकरों की थी अधिक मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार रविवार की शाम जिलहिज्जा माह की शुरुआत हो गई है और इस माह की दस से तेरह तारीख यानी 21 से 23 जुलाई तक ईदउल अजहा बकरीद का त्योहार मनाया जाएगा। जिसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। कुर्बानी के लिए सोमवार को नगर में स्थिर रानीगंज बाजार में बकरों की बाजार सज गई है। काफी संख्या में बकरों की खरीदारी लोगों ने किया। बाजार में सबसे अधिक डिमांड बर्बरी प्रजाति के बकरों की थी। यह बकरे हजार से 1500 रुपया किलो के औसत से बिके। सोमवार को रानीगंज बाजार में सबसे महंगा बकरा 50 हजार का बिका है। 25 से 30 हजार रुपये में बिकने वाले बकरों की संख्या अधिक थी। देशी छोटे बकरे भी काफी संख्या में बिके। बाजार में आए इसरार अहमद, छोटू शेख, इजहार खान, असलम, अकरम पप्पू कहना है कि बाजार पर भी कोरोना की मार स्पष्ट नजर आ रही है। डेढ़ साल से लॉकडाउन और मंदी का दंश झेल रहे लोगों के पास आमदनी कम हैं। इसलिए लोग इच्छानुसार बकरों की खरीददारी नही कर पा रहे हैं।
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बर्बरी प्रजाति के बकरों की थी अधिक मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार रविवार की शाम जिलहिज्जा माह की शुरुआत हो गई है और इस माह की दस से तेरह तारीख यानी 21 से 23 जुलाई तक ईदउल अजहा बकरीद का त्योहार मनाया जाएगा। जिसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। कुर्बानी के लिए सोमवार को नगर में स्थिर रानीगंज बाजार में बकरों की बाजार सज गई है। काफी संख्या में बकरों की खरीदारी लोगों ने किया। बाजार में सबसे अधिक डिमांड बर्बरी प्रजाति के बकरों की थी। यह बकरे हजार से 1500 रुपया किलो के औसत से बिके। सोमवार को रानीगंज बाजार में सबसे महंगा बकरा 50 हजार का बिका है। 25 से 30 हजार रुपये में बिकने वाले बकरों की संख्या अधिक थी। देशी छोटे बकरे भी काफी संख्या में बिके। बाजार में आए इसरार अहमद, छोटू शेख, इजहार खान, असलम, अकरम पप्पू कहना है कि बाजार पर भी कोरोना की मार स्पष्ट नजर आ रही है। डेढ़ साल से लॉकडाउन और मंदी का दंश झेल रहे लोगों के पास आमदनी कम हैं। इसलिए लोग इच्छानुसार बकरों की खरीददारी नही कर पा रहे हैं।