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Siddharthnagar News: 12 के बजाय 10 माह का मिल रहा मानदेय, आक्रोश
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-मिड डे मील रसोइया कर्मचारी यूनियन ने सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी। मिड डे मील रसोइया कर्मचारी यूनियन ने जिला अध्यक्ष गीता देवी की अगुवाई में बृहस्पतिवार को प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम प्रदीप कुमार यादव को सौंपा। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि रसोइया महत्वपूर्ण सेवा का योगदान दे रही हैं, लेकिन उनकी समस्या बनी हुई है। बार-बार मांग करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि बहुत अफसोस की बात है कि रसोइयों को एक वर्ष में 12 माह के बजाय 10 माह का मानदेय मिलता है, जबकि शिक्षा से जुड़े अन्य सभी अधिकारियों, शिक्षकों व कर्मचारियों को अवकाश 12 माह का वेतन दिया जाता है। ऐसे में रसोइयों को भी पूरे 12 माह का वेतन दिया जाए।
ज्ञापन के माध्यम से रसोइया ने मांग की कि रसोइया सहित सभी योजना के श्रमिकों को न्यूनतम वेतन 26000 रुपया प्रतिमाह दिया जाए। भोजन योजना का निजीकरण बंद हो। इलाहबाद हाईकोर्ट ने चंद्रावती केस में रसोइयों के न्यूनतम वेतन देने का निर्णय लागू करते हुए 12 माह का मानदेय दिया जाए। पाल्य की व्यवस्था व प्रतिवर्ष नवीनीकरण समाप्त किया जाए।
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इस अवसर पर विजय नाथ तिवारी, अनीता, रीता, साधना, प्रमिला, गीता, माधुरी, संगीता, प्रभावती, अनारकली सहित काफी संख्या में रसोइया मौजूद रहीं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी। मिड डे मील रसोइया कर्मचारी यूनियन ने जिला अध्यक्ष गीता देवी की अगुवाई में बृहस्पतिवार को प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम प्रदीप कुमार यादव को सौंपा। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि रसोइया महत्वपूर्ण सेवा का योगदान दे रही हैं, लेकिन उनकी समस्या बनी हुई है। बार-बार मांग करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि बहुत अफसोस की बात है कि रसोइयों को एक वर्ष में 12 माह के बजाय 10 माह का मानदेय मिलता है, जबकि शिक्षा से जुड़े अन्य सभी अधिकारियों, शिक्षकों व कर्मचारियों को अवकाश 12 माह का वेतन दिया जाता है। ऐसे में रसोइयों को भी पूरे 12 माह का वेतन दिया जाए।
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ज्ञापन के माध्यम से रसोइया ने मांग की कि रसोइया सहित सभी योजना के श्रमिकों को न्यूनतम वेतन 26000 रुपया प्रतिमाह दिया जाए। भोजन योजना का निजीकरण बंद हो। इलाहबाद हाईकोर्ट ने चंद्रावती केस में रसोइयों के न्यूनतम वेतन देने का निर्णय लागू करते हुए 12 माह का मानदेय दिया जाए। पाल्य की व्यवस्था व प्रतिवर्ष नवीनीकरण समाप्त किया जाए।
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इस अवसर पर विजय नाथ तिवारी, अनीता, रीता, साधना, प्रमिला, गीता, माधुरी, संगीता, प्रभावती, अनारकली सहित काफी संख्या में रसोइया मौजूद रहीं।