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Siddharthnagar News: मित्रता हो तो श्रीकृष्ण और सुदामा जैसी
Fri, 26 May 2023 11:33 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 26 May 2023 11:33 PM IST
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शोहरतगढ़। नगर पंचायत के शिव नगर में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन बृहस्पतिवार रात कथा वाचक आचार्य चितरंजन पांडेय ने सुदामा चरित्र का वर्णन किया। जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
कथावाचक ने कहा कि सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर अपने मित्र श्री कृष्ण से मिलने के लिए द्वारिका पहुंचे। द्वारपाल ने श्रीकृष्ण को संदेश दिया कि प्रभु आप से कोई मिलने आया है। अपना नाम सुदामा बता रहा है। जैसे ही द्वारपाल के मुंह से उन्होंने सुदामा का नाम सुना, प्रभु सुदामा सुदामा कहते हुए तेजी से द्वार की तरफ भागे। सामने सुदामा सखा को देखकर उन्होंने अपने सीने से लगा लिया। सुदामा ने भी कन्हैया, कन्हैया कहकर उन्हें गले लगाया।
दोनों की ऐसी मित्रता देखकर सभा में बैठे सभी लोग अचंभित हो गए। कृष्ण ने सुदामा को अपने राज सिंहासन पर बैठाया। श्रीकृष्ण ने सुदामा को दो लोक का अधिपति बना दिया। उन्होंने कहा कि हर मनुष्य को ईश्वर में आस्था रखते हुए उनकी उपासना जरूर करनी चाहिए और यथा संभव गरीब व असहाय की मदद करनी चाहिए। संगीत कलाकारों ने श्रीकृष्ण और सुदामा की बहुत ही मनमोहक झांकी प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। महिलाओं ने निकाली गयी झांकियों पर फूलों की वर्षा कर जयकारा लगाया। इस दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु रहे।
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कथावाचक ने कहा कि सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर अपने मित्र श्री कृष्ण से मिलने के लिए द्वारिका पहुंचे। द्वारपाल ने श्रीकृष्ण को संदेश दिया कि प्रभु आप से कोई मिलने आया है। अपना नाम सुदामा बता रहा है। जैसे ही द्वारपाल के मुंह से उन्होंने सुदामा का नाम सुना, प्रभु सुदामा सुदामा कहते हुए तेजी से द्वार की तरफ भागे। सामने सुदामा सखा को देखकर उन्होंने अपने सीने से लगा लिया। सुदामा ने भी कन्हैया, कन्हैया कहकर उन्हें गले लगाया।
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दोनों की ऐसी मित्रता देखकर सभा में बैठे सभी लोग अचंभित हो गए। कृष्ण ने सुदामा को अपने राज सिंहासन पर बैठाया। श्रीकृष्ण ने सुदामा को दो लोक का अधिपति बना दिया। उन्होंने कहा कि हर मनुष्य को ईश्वर में आस्था रखते हुए उनकी उपासना जरूर करनी चाहिए और यथा संभव गरीब व असहाय की मदद करनी चाहिए। संगीत कलाकारों ने श्रीकृष्ण और सुदामा की बहुत ही मनमोहक झांकी प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। महिलाओं ने निकाली गयी झांकियों पर फूलों की वर्षा कर जयकारा लगाया। इस दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु रहे।
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