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पूर्व विधायक ईश्वर चंद्र का निधन, जनपदवासी हतप्रभ
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पूर्व विधायक ईश्वरचंद शुक्ल (फाइलफोटो)
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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पूर्व विधायक ईश्वर चंद्र का निधन
सोशल मीडिया पर मौत की खबर की पुष्टि करते रहे चहेते
सायं बांसी क्षेत्र से घर लौटे, बिस्तर पर लेटे तो फिर उठे नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके 72 वर्षीय ईश्वरचंद्र शुक्ल का शनिवार रात आकस्मिक निधन हो गया। उनकी मौत की खबर से जनपदवासियों में दुख व्याप्त है। शनिवार रात से ही उनके घर पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। रविवार को उनके पैतृक गांव करमा के नौखनिया स्थित घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
वर्ष 2007 में नौगढ़ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए ईश्वरचंद्र शुक्ल शहर के बुद्धनगर मुहल्ले में रह रहे थे। शनिवार को बांसी क्षेत्र से भ्रमण करने के बाद कमरे में आराम करने गए। नाती उन्हें रात के खाने के लिए बुलाने गया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इस पर उसने परिवार वालों को जानकारी दी। बड़े बेटे प्रभात ने पिता की तबीयत ठीक नहीं होने पर निजी चिकित्सक को बुलाया तो डाक्टर ने जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। रास्ते में उनकी सांसें थम गईं।
दलगत राजनीति से परे थे ईश्वर चंद्र
राजनीतिक के धुरंधर पूर्व विधायक ईश्वरचंद्र शुक्ल का जन्म इसी विकास क्षेत्र के करमा गांव में तीन जनवरी 1948 को हुआ था। तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। भाई हरिश्चंद्र शुक्ल और कृष्णचंद्र शुक्ल सरकारी सेवा में थे। एमए, बीएडृ और एलएलबी की शिक्षा ग्रहण कर वकालत पेशे से जुड़े। राजनीति में रुचि होने के कारण वह तेतरी निवासी स्वतंत्रता सेनानी व पूर्व विधायक मथुरा प्रसाद पांडेय के करीबी रहे। राजनीति का ककहरा मथुरा काका से सीखा। सबसे पहले वह इस क्षेत्र से बस्ती सहकारी बैंक के डायरेक्टर चुने गए। इसके बाद वह 1980 से 1990 तक एकीकृत उसका, लोटन भी सम्मिलित विकास क्षेत्र से दो बार ब्लॉक प्रमुख रहे। कई बार चुनाव लड़े, पर सफलता नहीं मिली। वर्ष 2007 में वह विधायक बने। इनके कार्यकाल में ही उसका बाजार को नगर पंचायत का दर्जा मिला। वर्ष 2012 में कपिलवस्तु विधानसभा सुरक्षित सीट होने के कारण इन्होंने अपना क्षेत्र बांसी विधानसभा को चुना, पर सफलता नहीं मिली। कांग्रेस पार्टी में राष्ट्रीय सदस्य और प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर भी रहे।
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नम आंखों के बीच अंतिम संस्कार
करमा के निकट नौखनिया घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान ईश्वरचंद्र शुक्ला को श्रद्धांजलि देने वालों में पूर्व सांसद मोहम्मद मुकीम, निवर्तमान एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी, सपा जिलाध्यक्ष लालजी यादव, पूर्व विधायक विजय पासवान, पूर्व विधायक अनिल सिंह, ठाकुर प्रसाद त्रिपाठी, किरन शुक्ला, रंजना मिश्रा, राधेरमण त्रिपाठी, मुरलीधर मिश्र, मुमताज अहमद, दयाराम लोधी, हरिशंकर सिंह, सरोज शुक्ला शामिल थीं।
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सोशल मीडिया पर मौत की खबर की पुष्टि करते रहे चहेते
सायं बांसी क्षेत्र से घर लौटे, बिस्तर पर लेटे तो फिर उठे नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके 72 वर्षीय ईश्वरचंद्र शुक्ल का शनिवार रात आकस्मिक निधन हो गया। उनकी मौत की खबर से जनपदवासियों में दुख व्याप्त है। शनिवार रात से ही उनके घर पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। रविवार को उनके पैतृक गांव करमा के नौखनिया स्थित घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
वर्ष 2007 में नौगढ़ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए ईश्वरचंद्र शुक्ल शहर के बुद्धनगर मुहल्ले में रह रहे थे। शनिवार को बांसी क्षेत्र से भ्रमण करने के बाद कमरे में आराम करने गए। नाती उन्हें रात के खाने के लिए बुलाने गया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इस पर उसने परिवार वालों को जानकारी दी। बड़े बेटे प्रभात ने पिता की तबीयत ठीक नहीं होने पर निजी चिकित्सक को बुलाया तो डाक्टर ने जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। रास्ते में उनकी सांसें थम गईं।
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दलगत राजनीति से परे थे ईश्वर चंद्र
राजनीतिक के धुरंधर पूर्व विधायक ईश्वरचंद्र शुक्ल का जन्म इसी विकास क्षेत्र के करमा गांव में तीन जनवरी 1948 को हुआ था। तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। भाई हरिश्चंद्र शुक्ल और कृष्णचंद्र शुक्ल सरकारी सेवा में थे। एमए, बीएडृ और एलएलबी की शिक्षा ग्रहण कर वकालत पेशे से जुड़े। राजनीति में रुचि होने के कारण वह तेतरी निवासी स्वतंत्रता सेनानी व पूर्व विधायक मथुरा प्रसाद पांडेय के करीबी रहे। राजनीति का ककहरा मथुरा काका से सीखा। सबसे पहले वह इस क्षेत्र से बस्ती सहकारी बैंक के डायरेक्टर चुने गए। इसके बाद वह 1980 से 1990 तक एकीकृत उसका, लोटन भी सम्मिलित विकास क्षेत्र से दो बार ब्लॉक प्रमुख रहे। कई बार चुनाव लड़े, पर सफलता नहीं मिली। वर्ष 2007 में वह विधायक बने। इनके कार्यकाल में ही उसका बाजार को नगर पंचायत का दर्जा मिला। वर्ष 2012 में कपिलवस्तु विधानसभा सुरक्षित सीट होने के कारण इन्होंने अपना क्षेत्र बांसी विधानसभा को चुना, पर सफलता नहीं मिली। कांग्रेस पार्टी में राष्ट्रीय सदस्य और प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर भी रहे।
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नम आंखों के बीच अंतिम संस्कार
करमा के निकट नौखनिया घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान ईश्वरचंद्र शुक्ला को श्रद्धांजलि देने वालों में पूर्व सांसद मोहम्मद मुकीम, निवर्तमान एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी, सपा जिलाध्यक्ष लालजी यादव, पूर्व विधायक विजय पासवान, पूर्व विधायक अनिल सिंह, ठाकुर प्रसाद त्रिपाठी, किरन शुक्ला, रंजना मिश्रा, राधेरमण त्रिपाठी, मुरलीधर मिश्र, मुमताज अहमद, दयाराम लोधी, हरिशंकर सिंह, सरोज शुक्ला शामिल थीं।