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Siddharthnagar News: दुकानों ने तो कहीं वाहनों ने घेरा फुटपाथ, पैदल यात्रियों के लिए सिकुड़ रही जगह

Sun, 21 Jun 2026 02:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sun, 21 Jun 2026 02:09 AM IST
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Footpaths are being encroached upon by shops and vehicles, leaving shrinking space for pedestrians.
सिद्धार्थनगर। जिला मुख्यालय नौगढ़ में कचहरी रोड हो या बांसी के फोरलेन मार्ग, डुमरियागंज के प्रमुख चौराहे हों या शोहरतगढ़ और इटवा के बाजार, पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित रास्ता तलाशना मुश्किल है। कहीं फुटपाथों पर दुकानें सजी हैं तो कहीं वाहन खड़े कर लोग शॉपिंग में व्यस्त हैं। जिले में सबसे अधिक समस्या डुमरियागंज, इटवा और बांसी में दिखाई देती है। डुमरियागंज में फुटपाथों पर दुकानों और टैक्सी स्टैंड का कब्जा है तो वहीं इटवा में पार्किंग और जाम बड़ी समस्या है, जबकि बांसी में कई स्थानों पर फुटपाथ का अस्तित्व ही खत्म हो चुका है।
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इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में सुरक्षित फुटपाथ पर चलने के अधिकार को नागरिकों का मौलिक अधिकार करार देते हुए पैदल यात्रियों को सड़क पर सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही है लेकिन जिले के कस्बों की जमीनी हकीकत अदालत की इस व्यवस्था से अभी काफी दूर नजर आती है।
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नौगढ़ : फुटपाथ गायब, सड़क पर उतरने को मजबूर राहगीर
नौगढ़। जिला मुख्यालय पर पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित रास्ता लगातार सिकुड़ता जा रहा है। सिद्धार्थ तिराहे से स्टेशन रोड, लुंबिनी मार्ग, बांसी तिराहा, पेट्रोल पंप के पास, सिनेमा हॉल और सीडीओ आवास के आसपास फुटपाथ या तो टूट चुके हैं या अतिक्रमण की भेंट चढ़ गए हैं। कई स्थानों पर ठेले, दुकानें और खड़े वाहन आधी सड़क तक कब्जा किए रहते हैं। ऐसे में पैदल चलने वाले लोगों को सड़क पर चलना पड़ता है। बाजार और कार्यालय समय में स्थिति और गंभीर हो जाती है। राहगीरों का कहना है कि जिला मुख्यालय होने के बावजूद फुटपाथों की हालत बेहद खराब है और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई स्थायी नहीं हो पाती।
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डुमरियागंज : फुटपाथ पर दुकानें, बची जगह में टैक्सी स्टैंड
शाहपुर। डुमरियागंज नगर के प्रमुख चौराहों पर पैदल चलना चुनौती बनता जा रहा है। मंदिर चौराहा, बैदौला चौराहा और शाहपुर चौराहे पर फुटपाथ तक दुकानों और ठेलों का कब्जा है। बची हुई जगह में टैक्सी और अन्य वाहन खड़े रहते हैं। मंदिर चौराहे पर प्रशासन ने कुछ दिन पहले अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया था लेकिन कुछ ही दिनों बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो गई। मंदिर चौराहे से रोडवेज बस स्टेशन जाने वाले मार्ग पर भी ठेले और वाहन जाम की वजह बनते हैं। कई बार बसों को स्टेशन तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। ईओ सचिन कुमार पटेल ने बताया कि लोगों को पहले चेतावनी दी जा चुकी है। जल्द ही अभियान चलाकर फुटपाथों से अवैध कब्जा हटाया जाएगा।

शोहरतगढ़ : एनएच-730 की पटरी पर अतिक्रमण का कब्जा
शोहरतगढ़। कस्बे से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर पैदल यात्रियों की परेशानी बढ़ती जा रही है। सड़क की पटरियों पर अतिक्रमण है, जबकि निजी वाहन सड़क किनारे आड़े-तिरछे खड़े कर दिए जाते हैं। व्यस्त समय में पैदल यात्रियों को सड़क के किनारे चलने तक की जगह नहीं मिलती। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क चौड़ी होने के बावजूद अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। फुटपाथ जैसी व्यवस्था कहीं दिखाई नहीं देती।

इटवा : फुटपाथ बने पार्किंग स्थल, जाम बना नासूर
इटवा। कस्बे में जाम की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। फुटपाथ और सड़क की पटरियां वाहन पार्किंग स्थल में तब्दील हो चुकी हैं। अस्थायी दुकानदारों का कब्जा और बेतरतीब खड़े वाहन लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता संजय तिवारी का कहना है कि नगर पंचायत यदि वैकल्पिक बाईपास मार्गों को दुरुस्त करा दे तो काफी हद तक जाम की समस्या कम हो सकती है। अधिवक्ता राजीव शर्मा बताते हैं कि नेपाल सीमा और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग इटवा आते हैं। गर्मियों में बाहर काम करने वाले प्रवासी भी चार पहिया वाहनों से घर लौटते हैं, जिससे दबाव बढ़ जाता है। नगर पंचायत ईओ शिवकुमार ने कहा कि जाम की समस्या से निजात दिलाना उनकी प्राथमिकता में है और इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

बांसी : फुटपाथ का नामोनिशान नहीं, सड़क की एक लेन पर कब्जा
बांसी। नगर में पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ लगभग गायब हो चुके हैं। फोरलेन मुख्य सड़क के किनारे ठेले, दुकानें और खड़े वाहन सड़क की एक पूरी लेन तक घेर लेते हैं। ऐसे में पैदल यात्रियों को वाहनों के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। बाजार के समय स्थिति और खराब हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर के प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण न केवल जाम लगता है, बल्कि दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बावजूद पैदल यात्रियों के अधिकार जमीनी स्तर पर नजर नहीं आते।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अनुपालन कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। जिले के सभी नगर निकायों और संबंधित विभागों को फुटपाथों और सार्वजनिक मार्गों से अतिक्रमण हटाने, अवैध पार्किंग पर कार्रवाई करने और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे। जहां भी फुटपाथों पर कब्जा या अव्यवस्था की शिकायत मिलेगी, वहां अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
- गौरव श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), सिद्धार्थनगर
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