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Siddharthnagar News: पहले आधार कार्ड के लिए करें जद्दोजहद फिर पाएंगे सरकारी योजनाओं का लाभ
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संवाद न्यूज एजेंसी
उसका बाजार। आधार कार्ड बनवाने या उसमें संशोधन कराने के लिए लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। इसके चलते लोग कई सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जा रहे हैं। आधार कार्ड के लिए सर्द मौसम में लोग सुबह से ही जद्दोजहद करते हैं, फिर देर शाम तक चक्कर लगाने के बाद मायूसी हाथ लगती है। हफ्तों दौड़ लगाने के बाद अब लोग पूरी तरह से निराश हो चुके हैं।
ग्राम करछुलिया ग्रांट और करछुलिया खालसा के लोगों का आरोप है कि ब्लॉक कार्यालय से जिला मुख्यालय तक चक्कर काटने के बाद भी इनका आधार नहीं बन पाया है, जिसके अभाव में सरकारी सुविधाएं नही मिल पा रही हैं। ग्राम करछुलिया ग्रांट निवासी नागर (70) ने बताया कि खतौनी, निर्वाचन, निवास, आय प्रमाणपत्र आदि दस्तावेज दिखाने पर भी आधार कार्ड नहीं बन रहा है। सेंटर वाले जन्म प्रमाणपत्र की मांग करते हैं। इस वजह से आधार कार्ड नहीं बन रहा है। इन्हें नहीं मालूम था कि इस उम्र में जन्म प्रमाणपत्र इतना आवश्यक हो जाएगा और इसके बिना आधार कार्ड ही नहीं बनेगा। जन्म प्रमाणपत्र क्या होता है और कहां बनता है यह भी इन्हें नहीं मालूम है।
करछुलिया खालसा गांव के मो. इसहाक (62) का कहना है कि बैंक खाते की केवाईसी किसान सम्मान निधि के लिए आधार कार्ड आवश्यक है। इनके पास ड्राइविंग लाइसेंस, खतौनी, निर्वाचन कार्ड, परिवार रजिस्टर का नकल है, लेकिन इसे दिखाने के बाद भी आधार कार्ड नहीं बन रहा है। करछुलिया ग्रांट के सावित्री (70) ने बताया कि काफी दौड़–भाग के बाद आधार कार्ड नहीं बन पा रहा है, जबकि इनके पास निर्वाचन कार्ड, खतौनी है।
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इसी गांव की लक्षनी (75) ने बताया कि आधार कार्ड होगा तो ही पेंशन मिलेगा, तीन साल चक्कर काट रही हैं फिर भी आधार कार्ड नही बन रहा है। आधार कार्ड न होने से इसी गांव के राम सुमेर (66) को आवास, पेंशन आदि सरकारी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। जबकि अन्य ग्रामीणों को यह सुविधाएं मिल रही है।
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उसका बाजार। आधार कार्ड बनवाने या उसमें संशोधन कराने के लिए लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। इसके चलते लोग कई सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जा रहे हैं। आधार कार्ड के लिए सर्द मौसम में लोग सुबह से ही जद्दोजहद करते हैं, फिर देर शाम तक चक्कर लगाने के बाद मायूसी हाथ लगती है। हफ्तों दौड़ लगाने के बाद अब लोग पूरी तरह से निराश हो चुके हैं।
ग्राम करछुलिया ग्रांट और करछुलिया खालसा के लोगों का आरोप है कि ब्लॉक कार्यालय से जिला मुख्यालय तक चक्कर काटने के बाद भी इनका आधार नहीं बन पाया है, जिसके अभाव में सरकारी सुविधाएं नही मिल पा रही हैं। ग्राम करछुलिया ग्रांट निवासी नागर (70) ने बताया कि खतौनी, निर्वाचन, निवास, आय प्रमाणपत्र आदि दस्तावेज दिखाने पर भी आधार कार्ड नहीं बन रहा है। सेंटर वाले जन्म प्रमाणपत्र की मांग करते हैं। इस वजह से आधार कार्ड नहीं बन रहा है। इन्हें नहीं मालूम था कि इस उम्र में जन्म प्रमाणपत्र इतना आवश्यक हो जाएगा और इसके बिना आधार कार्ड ही नहीं बनेगा। जन्म प्रमाणपत्र क्या होता है और कहां बनता है यह भी इन्हें नहीं मालूम है।
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करछुलिया खालसा गांव के मो. इसहाक (62) का कहना है कि बैंक खाते की केवाईसी किसान सम्मान निधि के लिए आधार कार्ड आवश्यक है। इनके पास ड्राइविंग लाइसेंस, खतौनी, निर्वाचन कार्ड, परिवार रजिस्टर का नकल है, लेकिन इसे दिखाने के बाद भी आधार कार्ड नहीं बन रहा है। करछुलिया ग्रांट के सावित्री (70) ने बताया कि काफी दौड़–भाग के बाद आधार कार्ड नहीं बन पा रहा है, जबकि इनके पास निर्वाचन कार्ड, खतौनी है।
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इसी गांव की लक्षनी (75) ने बताया कि आधार कार्ड होगा तो ही पेंशन मिलेगा, तीन साल चक्कर काट रही हैं फिर भी आधार कार्ड नही बन रहा है। आधार कार्ड न होने से इसी गांव के राम सुमेर (66) को आवास, पेंशन आदि सरकारी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। जबकि अन्य ग्रामीणों को यह सुविधाएं मिल रही है।