फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   First I got addicted to drugs, now I have to take medicine to get rid of it

Siddharthnagar News: पहले किया नशा, अब छुड़ाने के लिए खानी पड़ रही दवा

Tue, 13 May 2025 11:30 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 13 May 2025 11:30 PM IST
विज्ञापन
First I got addicted to drugs, now I have to take medicine to get rid of it
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

सिद्धार्थनगर। अगर आपके घर में कोई महिला गुल और तंबाकू का सेवन कर रहा है तो आप सतर्क हो जाएं। क्योंकि, एक बार जो इन दोनों नशे का आदी हो जा रहा है, उसे छुड़ाने के लिए दवा तक खाने की नौबत आ जा रही है। इन दोनों नशे में महिलाओं की तादाद अधिक है।
इस बात की पुष्टि हो रहा है कि मेडिकल कॉलेज के नशामुक्ति केंद्र में इन दोनों नशे से पीड़ित महिलाएं उससे मुक्ति पाने के लिए पहुंच रही हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो माह में 40 से 50 की संख्या में पहुंच रही हैं। जिन्हें दवा के साथ ही डॉक्टर तलब लगने पर कैसे बचा जाए। इसके बारे में भी बता रहे हैं। फिलहाल महिलाओं का नशे का शिकार होना घातक संदेश है। ऐसे जानकारी बता रहे हैं।
विज्ञापन

युवा से लेकर अन्य उम्र के लोग किसी ने किसी प्रकार के नशे की लत का शिकार हो रहे हैं। इसमें शराब और गांजा, सिगरेट की गिनती आम नशे में है। इसमें इसी वर्ग के लोग सेवन कर रहे हैं। वहीं, तंबाकू और गुल का सेवन तेजी से बढ़ रहा है। उसका प्रयोग पुरुषों की तुलना में महिलाएं अधिक हैं। यह गुल को मंजन के रूप में प्रयोग करने के साथ- साथ नशे के रूप में प्रयोग कर रही हैं। दिन में एक नहीं अनेक बार तंबाकू की तरह से रखती हैं। वहीं, तंबाकू का चलन भी बढ़ा है। जबकि, विशेषज्ञ का मानना है कि तंबाकू और गुल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारक हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के नशा मुक्ति केंद्र पर पुरुषों की तरह से महिलाएं नशे की तलब छुड़ाने के लिए पहुंच रही हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो माह में 40 से 50 महिला मरीज गुल और तंबाकू की लत छुड़ाने के लिए पहुंच रही है। जानकारी यह मिली कि चोरी छिपे प्रयोग करते- करते आदी हो गईं। अब उसी को लेकर पति के साथ- साथ सास और परिवार के अन्य सदस्यों से विवाद हो रहा है। इसलिए अब इससे मुक्ति पाने के लिए इलाज कराने पहुंच रही हैं।

नशामुक्ति केंद्र के डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि गुल और तंबाकू की लत की शिकार महिलाएं अकसर पहुंच रही हैं। उन्हें दवा देने के साथ ही तलब लगने पर उससे दूर रहने की सलाह दी जा रही है। कम से कम छह माह दवा और बचाव के बाद इससे मुक्ति मिलती है। मरीजों को यह भी बताया जा रहा है कि इन दाेनों के सेवन से कैंसर जैसी बीमारी हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed