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Siddharthnagar News: भ्रष्टाचार की जांच से पहले जल गई थी फाइल... अब जांच में तेजी
Wed, 12 Jun 2024 01:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 12 Jun 2024 01:02 AM IST
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टीम की जांच में 71 गांव के अभिलेख जले होने की बात आ चुकी है सामने
चुनाव शुरू होने के कारण आगे नहीं बढ़ पाई थी जांच
अब फिर जांच में जुटी टीम, कौन-कौन अभिलेख जले इस पर आगे बढ़ेगी टीम
एडीओ पंचायत कार्यालय में अगलगी के घटना की जांच अब पकड़ेगी रफ्तार
खुनियांव ब्लॉक परिसर के एडीओ पंचायत कार्यालय में 17 फरवरी को जली थी फाइल
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। खुनियांव ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद जांच शुरू होने से पहले ही एडीओ पंचायत कार्यालय में आग लग गई थी। आग में वह फाइलें जली, जिनकी जांच होनी थी। जांच के लिए टीम गठित की गई। जबतक टीम किसी नतीजे से पहुंचती कि चुनाव आ गया और जांच की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। लेकिन टीम ने 71 गांव के अभिलेख जले होने का अनुमान लगाया था।
इस मामले में एडीओ पंचायत व दो सेक्रेटरी निलंबित भी हुए थे और इटवा में थाने में केस दर्ज हुआ था। जांच जल्द से पूरी हो इसके लिए बनाई गई टीम तो जांच कर रही है। विभागीय सूत्रों की माने तो एक गोपनीय टीम भी जांच में लगाई है, जिससे जल्द मामले का खुलासा हो सके।
खुनियांव ब्लॉक परिसर में स्थित एडीओ पंचायत के कार्यालय में 17 फरवरी को आग लग गई थी। अगलगी के इस घटना में क्षेत्र के बड़ी मात्रा में फाइल जली थी। इस मामले में इसलिए अगलगी की घटना संदिग्ध प्रतीत हुई कि कुछ ही दिन पहले विकास कार्यों में भ्रष्टाचार आरोप लगाते हुए जांच की मांग की गई थी। जिसकी जांच के लिए प्रक्रिया शुरू होने वाली थी। इसी बीच यह घटना हो गई थी। इसके बाद जिलाधिकारी ओर से जांच के लिए टीम गठित की गई।
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टीम ने जांच शुरू की और अभिलेखों को खंगालना शुरू किया था कि तभी लोकसभा चुनाव आ गया और जांच करने वाले चुनावी कार्य में जुट गए थे। इसके बाद जांच की रफ्तार थम गई थी। चुनाव खत्म होते ही टीम फिर जांच के लिए कवायद तेज कर दी है। अधिसूचना समाप्त होने के व डीपीआरओ ने जांच प्रक्रिया पूर्ण कराने को लेकर अनुस्मारक पत्र रिमांइडर लेटर जारी किया गया है। विभाग से जुड़े लोगों की माने तो एक अलग टीम जांच में लगाई गई है। जो कागजात किन-किन कार्यों से जुड़ी है, इसको देख रहे हैं। इसमें टेक्निकल लोग भी शामिल हैं जो अभिलेखों के साथ ही ऑनलाइन अपलोड डाटा और किए गए कार्यों के बारे में जानकारी ले रही है। जांच की रफ्तार बढ़ने से मामला जल्द ही स्पष्ट हो जाएगा।
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71 गांव की फाइल जलने की बात आई सामने
गठित की टीम जांच में इन नतीजे तक पहुंची है कि अगलगी में 71 गांवों की फाइल जली है। जलने वाली फाइलों में मनरेगा, शौचालय और विकास कार्यों से जुड़ी फाइल है। इसमें टीम यह देख रही है कि इन गांवों में विकास के कितने कार्य हुए हैं। ऑनलाइन भी देखेगी। इसके बाद स्थलीय जानकारी लेगी कि वास्तविकता में कार्य हुआ है या फिर नहीं। इसमें परिवार रजिस्टर भी जले होने की बात सामने आई है।
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जांच शुरू होते ही कर दिया गया निलंबित
टीम गठित कर जांच की प्रक्रिया आरंभ हुई। जांच के दौरान प्रथम दृष्टया दोषी अतुल यादव, विकास कुमार चौधरी व यशवंत को निलंबित कर दिया गया था। इसके साथ ही इटवा थाने में अभियोग पंजीकृत कराया गया। निलंबन के बाद उक्त सचिवों ने न्यायालय की शरण में चले गए।
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चुनाव में व्यस्तता के कारण जांच प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो सकी है। जांच टीम के द्वारा जल्द जांच पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-पवन कुमार, डीपीआरओ
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खुनियांव के एडीओ पंचायत कार्यालय में अगलगी के घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसकी विवेचना अभी चल रही है। जल्द ही रिपोर्ट न्यायालय को भेजा जाएगा।
-संतोष कुमार तिवारी, प्रभारी निरीक्षक इटवा
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चुनाव शुरू होने के कारण आगे नहीं बढ़ पाई थी जांच
अब फिर जांच में जुटी टीम, कौन-कौन अभिलेख जले इस पर आगे बढ़ेगी टीम
एडीओ पंचायत कार्यालय में अगलगी के घटना की जांच अब पकड़ेगी रफ्तार
खुनियांव ब्लॉक परिसर के एडीओ पंचायत कार्यालय में 17 फरवरी को जली थी फाइल
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। खुनियांव ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद जांच शुरू होने से पहले ही एडीओ पंचायत कार्यालय में आग लग गई थी। आग में वह फाइलें जली, जिनकी जांच होनी थी। जांच के लिए टीम गठित की गई। जबतक टीम किसी नतीजे से पहुंचती कि चुनाव आ गया और जांच की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। लेकिन टीम ने 71 गांव के अभिलेख जले होने का अनुमान लगाया था।
इस मामले में एडीओ पंचायत व दो सेक्रेटरी निलंबित भी हुए थे और इटवा में थाने में केस दर्ज हुआ था। जांच जल्द से पूरी हो इसके लिए बनाई गई टीम तो जांच कर रही है। विभागीय सूत्रों की माने तो एक गोपनीय टीम भी जांच में लगाई है, जिससे जल्द मामले का खुलासा हो सके।
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खुनियांव ब्लॉक परिसर में स्थित एडीओ पंचायत के कार्यालय में 17 फरवरी को आग लग गई थी। अगलगी के इस घटना में क्षेत्र के बड़ी मात्रा में फाइल जली थी। इस मामले में इसलिए अगलगी की घटना संदिग्ध प्रतीत हुई कि कुछ ही दिन पहले विकास कार्यों में भ्रष्टाचार आरोप लगाते हुए जांच की मांग की गई थी। जिसकी जांच के लिए प्रक्रिया शुरू होने वाली थी। इसी बीच यह घटना हो गई थी। इसके बाद जिलाधिकारी ओर से जांच के लिए टीम गठित की गई।
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टीम ने जांच शुरू की और अभिलेखों को खंगालना शुरू किया था कि तभी लोकसभा चुनाव आ गया और जांच करने वाले चुनावी कार्य में जुट गए थे। इसके बाद जांच की रफ्तार थम गई थी। चुनाव खत्म होते ही टीम फिर जांच के लिए कवायद तेज कर दी है। अधिसूचना समाप्त होने के व डीपीआरओ ने जांच प्रक्रिया पूर्ण कराने को लेकर अनुस्मारक पत्र रिमांइडर लेटर जारी किया गया है। विभाग से जुड़े लोगों की माने तो एक अलग टीम जांच में लगाई गई है। जो कागजात किन-किन कार्यों से जुड़ी है, इसको देख रहे हैं। इसमें टेक्निकल लोग भी शामिल हैं जो अभिलेखों के साथ ही ऑनलाइन अपलोड डाटा और किए गए कार्यों के बारे में जानकारी ले रही है। जांच की रफ्तार बढ़ने से मामला जल्द ही स्पष्ट हो जाएगा।
71 गांव की फाइल जलने की बात आई सामने
गठित की टीम जांच में इन नतीजे तक पहुंची है कि अगलगी में 71 गांवों की फाइल जली है। जलने वाली फाइलों में मनरेगा, शौचालय और विकास कार्यों से जुड़ी फाइल है। इसमें टीम यह देख रही है कि इन गांवों में विकास के कितने कार्य हुए हैं। ऑनलाइन भी देखेगी। इसके बाद स्थलीय जानकारी लेगी कि वास्तविकता में कार्य हुआ है या फिर नहीं। इसमें परिवार रजिस्टर भी जले होने की बात सामने आई है।
जांच शुरू होते ही कर दिया गया निलंबित
टीम गठित कर जांच की प्रक्रिया आरंभ हुई। जांच के दौरान प्रथम दृष्टया दोषी अतुल यादव, विकास कुमार चौधरी व यशवंत को निलंबित कर दिया गया था। इसके साथ ही इटवा थाने में अभियोग पंजीकृत कराया गया। निलंबन के बाद उक्त सचिवों ने न्यायालय की शरण में चले गए।
चुनाव में व्यस्तता के कारण जांच प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो सकी है। जांच टीम के द्वारा जल्द जांच पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-पवन कुमार, डीपीआरओ
खुनियांव के एडीओ पंचायत कार्यालय में अगलगी के घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसकी विवेचना अभी चल रही है। जल्द ही रिपोर्ट न्यायालय को भेजा जाएगा।
-संतोष कुमार तिवारी, प्रभारी निरीक्षक इटवा