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Siddharthnagar News: गुरु को नमन कर मनाया गुरु पूर्णिमा का पर्व
Tue, 04 Jul 2023 12:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 04 Jul 2023 12:04 AM IST
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बिस्कोहर में भनवापुर इकाई के तरफ से गुरु पूर्णिमा का पर्व पर यज्ञ करते अखिल विश्व गायत्री परिवा
अखिल विश्व गायत्री परिवार भनवापुर इकाई की ओर से आयोजित हुआ कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अखिल विश्व गायत्री परिवार भनवापुर इकाई की तरफ से सोमवार को गायत्री चेतना केंद्र फूलपुर लाला में गुरु पूर्णिमा का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इसमें सुबह साधना व सामूहिक जप के बाद मंदिर परिसर में बने यज्ञशाला में विश्व के कल्याण के लिए एक कुंडीय गायत्री महायज्ञ किया गया। इसमें क्षेत्र के परिजनों ने एक साथ आहुतियां डालकर विश्व वसुधा के कल्याण की प्रार्थना की।
गायत्री परिवार के कैलाशनाथ पांडेय ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को अत्यधिक सम्मानित स्थान प्राप्त है। गुरु और शिष्य के बीच सबसे बड़ी बात यह है कि गुरु के हर आदेश का पालन करना है। भरोसा, आस्था और विश्वास पक्का होना चाहिए। कोई भी प्रार्थना बेकार नहीं जाती। अपनी आस्था बनाए रखो और डर को परे रखो।
उन्होंने कहा कि जीवन एक रहस्य है जिसे तुम्हें खोजना है। अगर तुम यह जान जाओ कि जीना कैसे है तो जीवन सचमुच बेहद आश्चर्यजनक है। गुरू पर भरोसा और समर्पण का भाव रखेंगे तो जीवन सफल हो जाएगा। गुरु का महत्व बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को अत्यधिक सम्मानित स्थान प्राप्त है।
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उन्होंने कहाकि भारतीय इतिहास पर नजर डालें तो उसमें गुरु की भूमिका समाज को सुधार की ओर ले जाने वाले मार्गदर्शक के रूप में होने के साथ क्रांति को दिशा दिखाने वाली भी रही है। भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊपर माना गया है। भक्ति कभी समाप्त नहीं होना चाहिए, मनुष्य की इच्छा और आकांक्षा कभी समाप्त नहीं होना चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अखिल विश्व गायत्री परिवार भनवापुर इकाई की तरफ से सोमवार को गायत्री चेतना केंद्र फूलपुर लाला में गुरु पूर्णिमा का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इसमें सुबह साधना व सामूहिक जप के बाद मंदिर परिसर में बने यज्ञशाला में विश्व के कल्याण के लिए एक कुंडीय गायत्री महायज्ञ किया गया। इसमें क्षेत्र के परिजनों ने एक साथ आहुतियां डालकर विश्व वसुधा के कल्याण की प्रार्थना की।
गायत्री परिवार के कैलाशनाथ पांडेय ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को अत्यधिक सम्मानित स्थान प्राप्त है। गुरु और शिष्य के बीच सबसे बड़ी बात यह है कि गुरु के हर आदेश का पालन करना है। भरोसा, आस्था और विश्वास पक्का होना चाहिए। कोई भी प्रार्थना बेकार नहीं जाती। अपनी आस्था बनाए रखो और डर को परे रखो।
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उन्होंने कहा कि जीवन एक रहस्य है जिसे तुम्हें खोजना है। अगर तुम यह जान जाओ कि जीना कैसे है तो जीवन सचमुच बेहद आश्चर्यजनक है। गुरू पर भरोसा और समर्पण का भाव रखेंगे तो जीवन सफल हो जाएगा। गुरु का महत्व बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को अत्यधिक सम्मानित स्थान प्राप्त है।
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उन्होंने कहाकि भारतीय इतिहास पर नजर डालें तो उसमें गुरु की भूमिका समाज को सुधार की ओर ले जाने वाले मार्गदर्शक के रूप में होने के साथ क्रांति को दिशा दिखाने वाली भी रही है। भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊपर माना गया है। भक्ति कभी समाप्त नहीं होना चाहिए, मनुष्य की इच्छा और आकांक्षा कभी समाप्त नहीं होना चाहिए।