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किसान दिवस में हंगामा, झड़प

Wed, 18 May 2016 11:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर Updated Wed, 18 May 2016 11:31 PM IST
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Farmers' uproar, skirmish
अंबेडकर सभागार में गुरुवार को हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराते सीडीओ अखिलेश तिवारी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विकास भवन के अंबेडकर सभागार में बुधवार को आयोजित किसान दिवस हंगामे की भेंट चढ़ गया। जिलाधिकारी और कृषि विभाग के अफसरों के न पहुंचने से क्षुब्ध किसानों ने सभागार में नारेबाजी की। सीडीओ, पीडी सहित अन्य अफसरों से झड़प हुई।
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एक महिला ने नलकूप विभाग के एक्सईएन हाथापाई की कोशिश भी की। अफसरों के रवैए से क्षुब्ध किसानों ने किसान दिवस का बहिष्कार कर दिया। सभागार से बाहर निकलकर विकास भवन के मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। करीब एक घंटे बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए। बाद में चंद किसानों को लेकर प्रशासन ने किसान दिवस की औपचारिकताएं पूरी की।
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तय कार्यक्रम के तहत माह के तीसरे बुधवार को अंबेडकर सभागार में किसान दिवस का आयोजन था। इसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी को करनी थी। किसान उनकी प्रतीक्षा में सुबह 11 बजे से ही बैठे थे। कार्यक्रम शुरू हुआ तो डीएम नदारद थे। उनकी जगह सीडीओ अखिलेश तिवारी, पीडी प्रदीप पांडेय किसान दिवस में पहुंचे।
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उप कृषि निदेशक डॉ. राजीव कुमार, जिला कृषि अधिकारी एसएन चौधरी भी उपस्थित नहीं थे। किसानों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि महीने में एक दिन ही किसान दिवस का कार्यक्रम निर्धारित है, मगर इस दिन भी जिम्मेदार उपस्थित नहीं है।
भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने सूखे तालाबों में पानी भरने के डीएम के निर्देश का अब तक क्रियान्वयन न होने का मुद्दा उठाया। नलकूप विभाग के एक्सईएन ने कहा कि तालाब भरे गए हैं। वह किसानों को मोबाइल फोन में वाट्सएप पर आई तस्वीर दिखाने लगे। इस पर किसान भड़क गए। एक महिला किसान ने तो एक्सईएन पर हाथ तान दिया। अन्य किसान भी लामबंद हो गए।
डीएम और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा मचाने लगे। सीडीओ, पीडी सहित अन्य अधिकारी उन्हें शांत कराते रहे, मगर किसान नहीं माने। उनका कहना था कि कार्यक्रम में डीएम नहीं आ सकते तो उनकी मौजूदगी का कोई मतलब नहीं है। भाकियू के नेतृत्व में सभी किसान कार्यक्रम का बहिष्कार करते हुए सभागार से बाहर निकल आए और विकास भवन के मुख्य गेट के समक्ष धरने पर बैठ गए।

सूचना मिलने पर सदर थानाध्यक्ष शिवाकांत मिश्र मौके पर पहुंचे। किसानों का गुस्सा शांत करते हुए उन्हें समझा-बुझाकर वापस भेजा। बाद में प्रशासन ने चंद किसानों के साथ बैठक कर किसान दिवस की औपचारिकताएं पूरी की।
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