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बारिश से मुस्कुराए किसान
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 27 Jan 2017 11:05 PM IST
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बारिश से दोपहर को दिखाई नहीं देने के कारण लाइट जलाकर चलते चालक।
- फोटो : अमर उजाला
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डुमरियागंज। रबी के सीजन में बारिश न होने से परेशान किसानों के लिए शुक्रवार को आसमान से मोती बरसा। दिनभर रुक-रुक कर हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। वहीं बारिश के दौरान आसमान में काले बादलों के घिर आने से रात का नजारा बन गया, जिससे सड़कों पर आने-जाने वाले वाहनों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। करीब चार माह से बारिश न होने से बेहाल किसान रबी के फसल की पैदावार को लेकर चिंतित थे। लोग जैसे-तैसे फसलों की सिंचाई अपने-अपने संसाधनों से कर रहे थे, लेकिन बारिश न होने से फसल और जमीन की प्यास ठीक से नहीं बुझ पा रही थी।
शुक्रवार की भोर में हल्की बूंदाबांदी के बाद मौसम साफ हो गया, जिससे किसान मायूस हो उठे। 11 बजते ही आसमान में फिर से बादल घुमडने लगे और देखते ही देखते बारिश शुरू हो गई, जो शाम 4 बजे तक रुक-रुक कर होती रही। वहीं दोपहर करीब 12.20 बजे आसमान में काले बादलों के छाने से रात जैसा नजारा हो गया। सड़कों पर चलने वाले सभी वाहनों के लाइट जल रहे थे। क्षेत्र के किसान हरिश्चंद्र शुक्ला, हरीराम साहू, बृजनंदन शुक्ला और भगवती प्रसाद जायसवाल आदि ने बताया कि यह बारिश फसलों के लिए वरदान से कम नहीं है। बारिश से पर्याप्त पानी मिलने से गेहूं का रुका हुआ विकास तेजी से होगा। साथ ही दलहनी व तिलहनी फसलों में पाला व कीड़े का प्रभाव कम हो जाएगा।
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शुक्रवार की भोर में हल्की बूंदाबांदी के बाद मौसम साफ हो गया, जिससे किसान मायूस हो उठे। 11 बजते ही आसमान में फिर से बादल घुमडने लगे और देखते ही देखते बारिश शुरू हो गई, जो शाम 4 बजे तक रुक-रुक कर होती रही। वहीं दोपहर करीब 12.20 बजे आसमान में काले बादलों के छाने से रात जैसा नजारा हो गया। सड़कों पर चलने वाले सभी वाहनों के लाइट जल रहे थे। क्षेत्र के किसान हरिश्चंद्र शुक्ला, हरीराम साहू, बृजनंदन शुक्ला और भगवती प्रसाद जायसवाल आदि ने बताया कि यह बारिश फसलों के लिए वरदान से कम नहीं है। बारिश से पर्याप्त पानी मिलने से गेहूं का रुका हुआ विकास तेजी से होगा। साथ ही दलहनी व तिलहनी फसलों में पाला व कीड़े का प्रभाव कम हो जाएगा।
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