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Siddharthnagar News: नहीं हटा खेतों में गिरा तार, बारिश में खतरा बरकरार
Sun, 12 Jul 2026 12:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 12 Jul 2026 12:27 AM IST
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सकारपार क्षेत्र के सिसहनिया गांव के सिवान में धान की नर्सरी से तार हटाने का प्रयास करता किसान।
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सकारपार। बिजली निगम की लापरवाही का खामियाजा बांसी तहसील क्षेत्र के सिसहनिया गांव के दर्जनों किसान भुगत रहे हैं। गांव के सिवान में 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार आंधी में 15 दिन से टूट कर गिरा है जो किसानों के खेतों और संपर्क मार्ग पर पड़ा है। जिम्मेदारों की उदासीनता से अब तक तार नहीं हटाया जा सका है, जिससे बारिश में खतरा बढ़ गया है।
बांसी-धानी मार्ग स्थित सिसहनिया गांव के दक्षिण, डंडिया नलकूप संख्या-102 बीजी से निकली 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन का तार करीब 15 दिन पहले आई तेज आंधी के दौरान पेड़ की डाल गिरने से क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद तार टूटकर खेत और संपर्क मार्ग पर बिखर गया लेकिन अब तक बिजली निगम ने न तो तार हटाया और न ही लाइन की मरम्मत कराई। क्षेत्र के चंद्र प्रकाश, सुभाष, अविनाश , दिनकर, नागेंद्र, देवेंद्र, बृजेश, राजेश, दिनेश, राम गोविंद, राम गोपाल समेत दर्जनों किसानों के खेतों से होकर टूटा हुआ हाईटेंशन तार गुजर रहा है। इससे किसान जोताई, सिंचाई, धान की रोपाई और अन्य कृषि कार्य नहीं कर पा रहे हैं।
किसानों का कहना है कि समय पर रोपाई न होने से उनकी तैयार धान की नर्सरी खराब हो रही है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि तार गांव के संपर्क मार्ग पर भी है, जिससे विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, किसान और अन्य राहगीर आवागमन करते हैं। कई बार दोपहिया और चारपहिया वाहनों के पहियों में तार फंसने से लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। किसानों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों को कई बार सूचना देने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
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किसानों और ग्रामीणों ने दी चेतावनी
खेतों और संपर्क मार्गों में पड़े तार को लेकर किसानों और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही खेतों से टूटे तार को हटाकर लाइन की मरम्मत नहीं कराई गई तो वे बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। यही नहीं, किसानों ने कहा कि यदि लापरवाही के कारण कोई जनहानि होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।
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बोले जिम्मेदार
मामले की जानकारी मिली है। जल्द ही टीम भेजकर टूटे हुए तार को हटवाकर लाइन की मरम्मत कराई जाएगी, ताकि किसानों की खेती-किसानी प्रभावित न हो और आमजन का आवागमन सुचारू रूप से हो सके।
- दशरथ राम, एसडीओ, बिजली निगम बांसी
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बांसी-धानी मार्ग स्थित सिसहनिया गांव के दक्षिण, डंडिया नलकूप संख्या-102 बीजी से निकली 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन का तार करीब 15 दिन पहले आई तेज आंधी के दौरान पेड़ की डाल गिरने से क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद तार टूटकर खेत और संपर्क मार्ग पर बिखर गया लेकिन अब तक बिजली निगम ने न तो तार हटाया और न ही लाइन की मरम्मत कराई। क्षेत्र के चंद्र प्रकाश, सुभाष, अविनाश , दिनकर, नागेंद्र, देवेंद्र, बृजेश, राजेश, दिनेश, राम गोविंद, राम गोपाल समेत दर्जनों किसानों के खेतों से होकर टूटा हुआ हाईटेंशन तार गुजर रहा है। इससे किसान जोताई, सिंचाई, धान की रोपाई और अन्य कृषि कार्य नहीं कर पा रहे हैं।
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किसानों का कहना है कि समय पर रोपाई न होने से उनकी तैयार धान की नर्सरी खराब हो रही है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि तार गांव के संपर्क मार्ग पर भी है, जिससे विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, किसान और अन्य राहगीर आवागमन करते हैं। कई बार दोपहिया और चारपहिया वाहनों के पहियों में तार फंसने से लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। किसानों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों को कई बार सूचना देने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
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किसानों और ग्रामीणों ने दी चेतावनी
खेतों और संपर्क मार्गों में पड़े तार को लेकर किसानों और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही खेतों से टूटे तार को हटाकर लाइन की मरम्मत नहीं कराई गई तो वे बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। यही नहीं, किसानों ने कहा कि यदि लापरवाही के कारण कोई जनहानि होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।
बोले जिम्मेदार
मामले की जानकारी मिली है। जल्द ही टीम भेजकर टूटे हुए तार को हटवाकर लाइन की मरम्मत कराई जाएगी, ताकि किसानों की खेती-किसानी प्रभावित न हो और आमजन का आवागमन सुचारू रूप से हो सके।
- दशरथ राम, एसडीओ, बिजली निगम बांसी