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बिजली निगम : एक्सईएन का तबादला न होता तो दबा रहता गबन का मामला
Wed, 11 Dec 2024 12:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 11 Dec 2024 12:05 AM IST
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डुमरियागंज/भनवापुर। डुमरियागंज विद्युत निगम में हुए 60 लाख के गबन का मामला गोपनीय जांच में सामने आया था। इसके बाद ही टेक्नीशियन को निलंबित कर दिया गया है। यह सब नए एक्सईएन के कार्यभार ग्रहण करने के दो माह के भीतर ही हो गया।
बिजली खपत और बिलिंग में मिली धनराशि के मिलान में गड़बड़ी दिखी तो जांच शुरू हुई और बड़ी राशि के हेराफेरी की बात सामने आई। अब एक्सईएन की ओर से संंबंधित कर्मी पर डुमरियागंज थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया है।
सूत्रों का कहना है कि इस खेल में कई और लोग भी शामिल रहे होंगे। तत्कालीन अधिशाषी अभियंता और उनके अधिनस्थ अधिकारी सब कुछ जानने के बावजूद चुप्पी साधे रहे हैं। जबकि नियमानुसार विद्युत निगम में प्रति दिन का लेखा-जोखा दर्ज किया जाता है।
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जिसमें बिल का ऑफलाइन और ऑनलाइन भुगतान का हिसाब रहता है। बावजूद इसके एक महीना कौन कहे एक वर्ष तक हिसाब का मिलान न होना तथा टेक्नीशियन को जारी पासवर्ड आईडी निलंबन के बाद उससे लेने के बाद भी जमकर खेला किया गया, जो जांच का अहम विषय है। जांच में जुटी पुलिस टीम के हाथ कई ऐसे तथ्य लगे हैं, जिसके जरिए वह अन्य जांच के दायरे में आ रहे हैं। वहीं, विद्युत निगम की तीन सदस्यीय टीम अलग से इस मामले की जांच कर रही है।
ऐसे हुआ गबन का खुलासा : डुमरियागंज विद्युत डिवीजन द्वितीय संतोष कुमार त्रिपाठी ने बताया कि विद्युत वितरण उपखंड प्रथम डुमरियागंज के अधीन 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र डुमरियागंज ग्रामीण मनोज कुमार तकनीशियन ने 2023 में 4 अप्रैल तक बिजली बिल वसूली कार्य किया। विद्युत निगम ने उन्हें स्वतंत्र पासवर्ड/ आईडी प्रदान किया गया था।
मनोज कुमार द्वारा किए गए राजस्व संग्रह एवं इस खंड के राजस्व बैक में संग्रहित की गई धनराशि का मिलान कराने पर सज्ञान में आया कि माह अप्रैल 2022 से अप्रैल 2023 तक की अवधि में राजस्व संग्रह कुल धनराशि 8,41,70,218 रुपये के सापेक्ष धनराशि 7,81,54,792.43 रुपये इस खंड के राजस्व खाते में जमा किए गए।
शेष राजस्व संग्रह की धनराशि 60,15,425.57 रुपये को इस खंड के राजस्व बैक खाते में जमा नहीं किए गए। पूरे मामले का खुलासा दिसंबर 2023 में एक्सईएन संतोष कुमार त्रिपाठी के कार्यभार ग्रहण करने के बाद वसूल किए गए धनराशि व विभाग में जमा किए गए धनराशि का मिलान करने पर सामने आया।
टेक्नीशियन मनोज कुमार के गबन का मामला सामने आने पर 28 फरवरी 2024 को निलंबित कर दिया गया। े
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बिजली खपत और बिलिंग में मिली धनराशि के मिलान में गड़बड़ी दिखी तो जांच शुरू हुई और बड़ी राशि के हेराफेरी की बात सामने आई। अब एक्सईएन की ओर से संंबंधित कर्मी पर डुमरियागंज थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया है।
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सूत्रों का कहना है कि इस खेल में कई और लोग भी शामिल रहे होंगे। तत्कालीन अधिशाषी अभियंता और उनके अधिनस्थ अधिकारी सब कुछ जानने के बावजूद चुप्पी साधे रहे हैं। जबकि नियमानुसार विद्युत निगम में प्रति दिन का लेखा-जोखा दर्ज किया जाता है।
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जिसमें बिल का ऑफलाइन और ऑनलाइन भुगतान का हिसाब रहता है। बावजूद इसके एक महीना कौन कहे एक वर्ष तक हिसाब का मिलान न होना तथा टेक्नीशियन को जारी पासवर्ड आईडी निलंबन के बाद उससे लेने के बाद भी जमकर खेला किया गया, जो जांच का अहम विषय है। जांच में जुटी पुलिस टीम के हाथ कई ऐसे तथ्य लगे हैं, जिसके जरिए वह अन्य जांच के दायरे में आ रहे हैं। वहीं, विद्युत निगम की तीन सदस्यीय टीम अलग से इस मामले की जांच कर रही है।
ऐसे हुआ गबन का खुलासा : डुमरियागंज विद्युत डिवीजन द्वितीय संतोष कुमार त्रिपाठी ने बताया कि विद्युत वितरण उपखंड प्रथम डुमरियागंज के अधीन 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र डुमरियागंज ग्रामीण मनोज कुमार तकनीशियन ने 2023 में 4 अप्रैल तक बिजली बिल वसूली कार्य किया। विद्युत निगम ने उन्हें स्वतंत्र पासवर्ड/ आईडी प्रदान किया गया था।
मनोज कुमार द्वारा किए गए राजस्व संग्रह एवं इस खंड के राजस्व बैक में संग्रहित की गई धनराशि का मिलान कराने पर सज्ञान में आया कि माह अप्रैल 2022 से अप्रैल 2023 तक की अवधि में राजस्व संग्रह कुल धनराशि 8,41,70,218 रुपये के सापेक्ष धनराशि 7,81,54,792.43 रुपये इस खंड के राजस्व खाते में जमा किए गए।
शेष राजस्व संग्रह की धनराशि 60,15,425.57 रुपये को इस खंड के राजस्व बैक खाते में जमा नहीं किए गए। पूरे मामले का खुलासा दिसंबर 2023 में एक्सईएन संतोष कुमार त्रिपाठी के कार्यभार ग्रहण करने के बाद वसूल किए गए धनराशि व विभाग में जमा किए गए धनराशि का मिलान करने पर सामने आया।
टेक्नीशियन मनोज कुमार के गबन का मामला सामने आने पर 28 फरवरी 2024 को निलंबित कर दिया गया। े