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Siddharthnagar News: दहेज के लालची पत्नी के हत्यारे को 10 वर्ष की कैद
Wed, 07 Jun 2023 12:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 07 Jun 2023 12:05 AM IST
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सिद्धार्थनगर। अपर सत्र न्यायाधीश एफ़टीसी प्रथम कामेश शुक्ला ने दहेज के लालच में पत्नी की हत्या करने वाले को 10 वर्ष कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उसे 25 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। घटना ढेबरुआ थानाक्षेत्र के ग्राम मिठवनिया में 25 मार्च 2018 को घटी थी।
मोहाना थानाक्षेत्र के ग्राम हरदासपुर टोला फागूजोत निवासी राम सिंह पुत्र उमराव ने पुलिस को तहरीर देकर कहा था कि उसने बेटी मालती की शादी घटना से पांच वर्ष पूर्व ढेबरुआ थानाक्षेत्र के ग्राम मिठवनिया निवासी प्रदीप पुत्र उदयराज के साथ की थी। शादी के एक वर्ष बाद गौने के जरिये उसकी विदाई हुई थी। दोनों से डेढ़ वर्ष का एक लड़का भी है। ससुराल वाले कम दहेज की वजह से नाखुश थे जो उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। कई बार संभ्रांत लोगों की मौजूदगी में पंचायत हुई किंतु स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। दहेज की मांग पूरी न होने पर बेटी के ससुराल के लोगों ने उसके ऊपर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दिया जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गयी। अस्पताल पहुंचते पहुंचते उसकी मृत्यु हो गयी। पुलिस ने दहेज उत्पीड़न व दहेज हत्या का एफआईआर दर्ज करके लाश का पोस्टमार्टम करवाकर विवेचना किया। विवेचना के बाद पुलिस ने अभियुक्तों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, अन्य प्रपत्रों व घटना की स्थिति व परिस्थिति को मद्देनजर रखते हुए पति को दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने का दोषी ठहराते हुए उसे सजा सुनाई। राज्य सरकार की तरफ से पीड़ित पक्ष की पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश कुमार त्रिपाठी ने किया। संवाद
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मोहाना थानाक्षेत्र के ग्राम हरदासपुर टोला फागूजोत निवासी राम सिंह पुत्र उमराव ने पुलिस को तहरीर देकर कहा था कि उसने बेटी मालती की शादी घटना से पांच वर्ष पूर्व ढेबरुआ थानाक्षेत्र के ग्राम मिठवनिया निवासी प्रदीप पुत्र उदयराज के साथ की थी। शादी के एक वर्ष बाद गौने के जरिये उसकी विदाई हुई थी। दोनों से डेढ़ वर्ष का एक लड़का भी है। ससुराल वाले कम दहेज की वजह से नाखुश थे जो उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। कई बार संभ्रांत लोगों की मौजूदगी में पंचायत हुई किंतु स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। दहेज की मांग पूरी न होने पर बेटी के ससुराल के लोगों ने उसके ऊपर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दिया जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गयी। अस्पताल पहुंचते पहुंचते उसकी मृत्यु हो गयी। पुलिस ने दहेज उत्पीड़न व दहेज हत्या का एफआईआर दर्ज करके लाश का पोस्टमार्टम करवाकर विवेचना किया। विवेचना के बाद पुलिस ने अभियुक्तों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, अन्य प्रपत्रों व घटना की स्थिति व परिस्थिति को मद्देनजर रखते हुए पति को दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने का दोषी ठहराते हुए उसे सजा सुनाई। राज्य सरकार की तरफ से पीड़ित पक्ष की पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश कुमार त्रिपाठी ने किया। संवाद
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