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छोटी पर्ची की दवा खरीदना बड़ा बोझ

Fri, 09 Sep 2022 12:48 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 09 Sep 2022 12:48 AM IST
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doctors prescribed medicines from out side
शोहरतगढ़ सीएचसी में ओपीडी कक्ष के बाहर बारी का इंतजार करते मरीज। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
छोटी पर्ची की दवा खरीदना बड़ा बोझ
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सीएचसी शोहरतगढ़ के डॉक्टर मरीजों को लिख रहे हैं बाहर की दवाएं
शोहरतगढ़। सीएचसी शोहरतगढ़ के डॉक्टर मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने के लिए छोटी पर्ची थमा दे रहे हैं। इस छोटी पर्ची की दवा खरीदना मरीजों और तीमारदारों के लिए बोझ साबित हो रहा है। जबकि नियम के अनुसार, अस्पताल में ही सभी दवाइयां दी जानी चाहिए।
सीएचसी शोहरतगढ़ की ओपीडी में प्रतिदिन 200 से 250 मरीज आते हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का आदेश है कि सभी चिकित्सक ओपीडी पर्ची पर ही दवाएं लिखें, लेकिन डॉक्टर ओपीडी की पर्ची पर सीएचसी से मिलने वाली कुछ दवाएं लिख देते हैं, साथ में छोटी पर्ची था दे रहे हैं। इस पर्ची में बाहर की दवाएं लिखी रहती हैं। मरीज ओपीडी की पर्ची से औषधि केंद्र से दवा लेने के बाद बाहर के मेडिकल स्टोर पर दवा खरीदता है।
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सीएचसी में बृहस्पतिवार को इलाज कराने पहुंचीं तिवारी रमवापुर की मीना देवी ने बताया कि उनके दांत में दर्द था। डॉक्टर ने तीन दवाएं अस्पताल की लिखी और दो दवाएं बाहर से लेने के लिए लिख दिया। उन्होंने उधार मांगकर दवाएं खरीदी। दवाओं के सेवन के बाद दर्द कम हुआ।
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मड़वा निवासी अनारकली में बताया कि बुखार होने पर वह सीएचसी में दवा लेने गई थीं। अस्पताल में पैथोलॉजी लैब होने के बावजूद, डॉक्टर ने खून की जांच निजी पैथोलॉजी में कराने के लिए भेज दिया।
सीएचसी में आए मरीज अर्जुन यादव, बदरे आलम, दीपा, पूजा सिंह, करन, मनीषा, राजेंद्र का कहना है कि सरकारी अस्पताल में छोटी पर्ची की दवा खरीदने में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टर एक निजी पैथोलॉजी से ज्यादा जांच करा रहे हैं।

सीएचसी अधीक्षक राम नेवास में बताया कि मरीजों को बाहर की दवा लिखने एवं निजी पैथोलॉजी से जांच कराने के मामले की जांच की जाएगी। डॉक्टर दोषी साबित होंगे तो कार्रवाई की जाएगी।
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