फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Doctors increased, yet long queues of patients

बढ़ गए डॉक्टर, फिर भी मरीजों की लंबी कतार

Mon, 26 Jul 2021 11:00 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 26 Jul 2021 11:00 PM IST
विज्ञापन
Doctors increased, yet long queues of patients
बढ़ गए डॉक्टर, फिर भी मरीजों की लंबी कतार
विज्ञापन

सिद्धार्थनगर। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के बाद जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों की संख्या भी बढ़ गई है। इसके बाद भी मरीजों की लंबी कतार लग रही है। इसके पीछे रेजीडेंट डॉक्टरों के बैठने के लिए ओपीडी कक्ष का अभाव प्रमुख कारण माना जा रहा है। सोमवार को आए 548 मरीजों के उपचार में 30 डॉक्टरों ने योगदान दिया।
निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज में प्राचार्य और वित्त नियंत्रक की तैनाती के बाद से जिला अस्पताल में मेडिकल कॉलेज की ओपीडी भी शुरू हो चुकी है। जिला चिकित्सालयों में पहले से तैनात चिकित्सकों के अलावा रेजीडेंट डॉक्टरों के ओपीडी शुरू होने के बाद भी चिकित्सकों के कमरों में लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। जिला अस्पताल में पहले से विभागीय 30 और संविदा के पांच डॉक्टर तैनात हैं। साथ ही 21 रेजीडेंट चिकित्सकों की नियुक्ति हो चुकी है।
विज्ञापन

इसके बाद भी ओपीडी के कक्ष में भीड़ कम नहीं हो रही है। इसके पीछे कमरों की संख्या पुरानी और चिकित्सकों की संख्या में बढ़ोतरी प्रमुख कारण है। हालत यह है कि एक-एक कमरे में तीन से चार चिकित्सक एक साथ बैठकर ओपीडी करने को मजबूर हैं। सोमवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों से उपचार कराने पहुंचे 548 मरीजों में अधिकांश की भीड़ फिजीशियन, हड्डी, आंख, बाल रोग, स्त्री रोग से जुड़े डॉक्टरों के कमरों में रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीना वर्मा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में नियुक्ति रेजीडेंट चिकित्सकों के ओपीडी में बैठने से कमरों का अभाव है। इसके बाद भी समयसारिणी तय करते हुए सभी को उपचार देने के लिए निर्देशित किया गया है। मरीजों और तीमारदारों को कोविड-19 को प्रोटोकाल का पालन करने के लिए मुख्य द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग कराई जा रही है।

कोविड प्रोटोकाल का पालन नहीं
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर किसी भी समय आने की आशंका जताई जा रही है। इसके बाद भी जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों और तीमारदारों को कोरोना का भय नहीं है। पर्चा कटवाने से लेकर चिकित्सकों और पैथोलॉजी कक्ष में जांच कराने के दौरान शारीरिक दूरी का पालन नहीं किया जा रहा है। इस दौरान कई के चेहरे पर मास्क भी नहीं था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed