फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   doctor not appoited in heart care centre

15 साल बाद भी हार्ट केयर सेंटर में डॉक्टर की नहीं हुई तैनाती

Mon, 21 Nov 2022 10:49 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 21 Nov 2022 10:49 PM IST
विज्ञापन
doctor not appoited in heart care centre
जिला अस्पताल के परिसर में स्तिथ हार्ट केयर सेंटर। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
15 साल बाद भी हार्ट केयर सेंटर में डॉक्टर की नहीं हुई तैनाती
विज्ञापन

- मेडिकल कॉलेज बनने के बाद भी नहीं बना काडिर्योलॉजी विभाग
- मरीजों को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज व अन्य जगह किया जाता है रेफर संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिला अस्पताल में लगभग 15 साल पहले हार्ट केयर सेंटर का निर्माण किया गया, लेकिन अब तक दिल के डॉक्टर की तैनाती नहीं हो सकी है। वहीं, मेडिकल कॉलेज से जिला अस्पताल को संबद्ध हुए भी लगभग एक साल हो गया है। अब तक काडिर्योलॉजी विभाग नहीं बन सका है। ऐसे में दिल के मरीजों को दूसरी जगह रेफर करना पड़ता है।
ठंड के मौसम में हृदय रोगियों के संख्या में इजाफा हो गया है। लेकिन माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में चिकित्सक के न होने के कारण उनका इलाज नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन

जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के आंकड़ों पर गौर करें तो 4 से 10 मरीज 24 घंटे में रेफर किए जा रहे हैं। नवंबर माह में संख्या में इजाफा हुआ है। चिकित्सकों को कहना है कि हाई और लो ब्लडप्रेशर वाले मरीजों को यह समस्या हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला अस्पताल में अगर हृदय रोग के चिकित्सक तैनात होते तो मरीजों को रेफर नहीं करना पड़ता। इस संबंध में माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके झा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलाजी वार्ड के साथ ही चिकित्सक की तैनाती होगी। इस संबंध में पत्राचार किया गया है।
---
गोरखपुर जाना पड़ता है इलाज कराने
हृदय रोग का इलाज कराने वाले सूर्यप्रकाश ने बताया कि पहली बार जब सीने में दर्द हुआ तो ब्लड प्रेशर बहुत अधिक बढ़ा था। पता चला कि हार्ट की समस्या है, लेकिन जिला अस्पताल में चिकित्सक के न होने के कारण गोरखपुर इलाज करवाने के लिए जाना पड़ता है। रुपये खर्च होने के साथ-साथ समय भी लगता है। नगर के निवासी रामहित पांडेय और मुक्तेश्वर गुप्ता ने कहा कि जिले में मेडिकल कॉलेज हो गया है, लेकिन हृदय रोग के डॉक्टर नहीं बैठ रहे हैं। उनकी तैनाती को लेकर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। अगर चिकित्सक होते तो गोरखपुर, लखनऊ नहीं जाना पड़ता।

---
ओपीडी में पहुंचते हैं 20 से अधिक मरीज
जिला अस्पताल के ओपीडी में सीने में दर्द की शिकायत से जुड़े हृदयरोगी प्रतिदिन 20 से अधिक संख्या में पहुंचते हैं। लक्षण के हिसाब से चिकित्सक सामान्य दवाएं लिखते तो हैं, लेकिन उन्हें बहुत लाभ नहीं हो पाता। कई रोगी तो अस्पताल आने के बाद डॉक्टर के न होने के कारण लौट जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed