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Siddharthnagar News: आयुष्मान योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी
Sat, 30 May 2026 01:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 30 May 2026 01:46 AM IST
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सिद्धार्थनगर। जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) और स्वास्थ्य विभाग से संबंधित योजनाओं की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह की उपस्थिति में कलक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई।
बैठक में जिलाधिकारी ने आयुष्मान कार्ड निर्माण की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
कहा कि जिन अस्पतालों में आयुष्मान योजना का लाभ दिया जा रहा है, वहां इसकी स्पष्ट वाल पेंटिंग कराई जाए ताकि आमजन को योजना की जानकारी आसानी से मिल सके। साथ ही सभी आयुष्मान केंद्र समय से संचालित करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण करने के निर्देश दिए। कहा कि जो आशा कार्यकर्ता संस्थागत प्रसव में लापरवाही बरत रही हैं, उन्हें चिह्नित कर नोटिस जारी किया जाए। किसी भी स्थिति में घर पर प्रसव न हो और सभी गर्भवतियों का प्रसव अस्पतालों में ही सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा संबंधित एमओआईसी जिम्मेदार होंगे।
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उन्होंने एनबीएसयू को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति में गर्भवतियों और उनके परिजनों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। सभी एमओआईसी को वार रूम का नियमित निरीक्षण करने को भी कहा गया।
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बैठक में जिलाधिकारी ने आयुष्मान कार्ड निर्माण की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
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कहा कि जिन अस्पतालों में आयुष्मान योजना का लाभ दिया जा रहा है, वहां इसकी स्पष्ट वाल पेंटिंग कराई जाए ताकि आमजन को योजना की जानकारी आसानी से मिल सके। साथ ही सभी आयुष्मान केंद्र समय से संचालित करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण करने के निर्देश दिए। कहा कि जो आशा कार्यकर्ता संस्थागत प्रसव में लापरवाही बरत रही हैं, उन्हें चिह्नित कर नोटिस जारी किया जाए। किसी भी स्थिति में घर पर प्रसव न हो और सभी गर्भवतियों का प्रसव अस्पतालों में ही सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा संबंधित एमओआईसी जिम्मेदार होंगे।
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उन्होंने एनबीएसयू को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति में गर्भवतियों और उनके परिजनों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। सभी एमओआईसी को वार रूम का नियमित निरीक्षण करने को भी कहा गया।