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Siddharthnagar News: नहीं मिली मजदूरी... बेरंग गुजरेगी होली
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संवाद न्यूज एजेंसी
शोहरतगढ़/ ढेबरुआ। विकास खंड शोहरतगढ़ व बढ़नी में मनरेगा मजदूरों के लिए न तो दिवाली में खुशियां आईं और न ही होली का रंग चढ़ेगा। लाखों मजदूर महीनों से मजदूरी के लिए तरस रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बदहाल हो गई है।
देश की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना यहां पूरी तरह से विफल साबित हो रही है। सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का वादा तो किया था, लेकिन समय पर मजदूरी न मिलने के कारण मजदूर पलायन करने को मजबूर हैं। कोई मुंबई जा रहा है, तो कोई दिल्ली और हैदराबाद जा रहा है। विकास खंड शोहरतगढ़ व बढ़नी के ग्राम प्रधानों के घरों पर मजदूरों की भीड़ जमा हो रही है, अपनी मजदूरी की गुहार लगाते हुए। अक्सर यह नजारा देखने को मिलता है।
मनरेगा मजदूरों का कहना है कि उनके परिवार में त्योहारों का रंग फीका पड़ गया है। बच्चों के लिए नए कपड़े और मिठाइयां तो दूर, दो वक्त की रोटी का भी इंतजाम मुश्किल हो रहा है। ऐसे में, सरकार की योजनाओं पर सवाल उठने लगे हैं, और मजदूरों में गहरा असंतोष है।
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शोहरतगढ़/ ढेबरुआ। विकास खंड शोहरतगढ़ व बढ़नी में मनरेगा मजदूरों के लिए न तो दिवाली में खुशियां आईं और न ही होली का रंग चढ़ेगा। लाखों मजदूर महीनों से मजदूरी के लिए तरस रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बदहाल हो गई है।
देश की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना यहां पूरी तरह से विफल साबित हो रही है। सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का वादा तो किया था, लेकिन समय पर मजदूरी न मिलने के कारण मजदूर पलायन करने को मजबूर हैं। कोई मुंबई जा रहा है, तो कोई दिल्ली और हैदराबाद जा रहा है। विकास खंड शोहरतगढ़ व बढ़नी के ग्राम प्रधानों के घरों पर मजदूरों की भीड़ जमा हो रही है, अपनी मजदूरी की गुहार लगाते हुए। अक्सर यह नजारा देखने को मिलता है।
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मनरेगा मजदूरों का कहना है कि उनके परिवार में त्योहारों का रंग फीका पड़ गया है। बच्चों के लिए नए कपड़े और मिठाइयां तो दूर, दो वक्त की रोटी का भी इंतजाम मुश्किल हो रहा है। ऐसे में, सरकार की योजनाओं पर सवाल उठने लगे हैं, और मजदूरों में गहरा असंतोष है।
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