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धुरिया समाज का धरना दूसरे दिन भी रहा जारी
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कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देते धुरिया समाज के लोग।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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धुरिया समाज का धरना दूसरे दिन भी रहा जारी
सिद्धार्थनगर। अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र न जारी किए जाने के विरोध में धुरिया समाज के लोगों ने मंगलवार को भी जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार गोंड ने कहा कि धुरिया समाज को शासन ने अनुसूचित जनजति घोषित किया है, लेकिन वर्ष 2002 में राजपत्र जारी होने के बाद भी प्रशासन का रवैया ठीक नहीं है। वर्ष 2004 में प्रशासन ने रिपोर्ट दे दी कि यहां धुरिया, गोंड जाति के लोग नहीं रहते। जबकि वर्ष 2008 में जिला स्क्रुटनी कमेटी व जिलाधिकारी ने बृहद जांच कर प्रमाणित किया था कि जिले में धुरिया जाति के लोग 130 वर्ष पूर्व से निवास करते हैं और उन्हें प्रमाणपत्र दिया जाना चाहिए।
शासन ने यह भी स्पष्ट किया कि कहार जाति में 17 मूल जातियां दर्ज हैं, जिनकी स्थलीय जांच कर उनकी मूल जाति का प्रमाणपत्र जारी किया जाना चाहिए। बावजूद इसके, जानबूझकर इस दिशा में सकारात्मक कदम नहीं उठाया जा रहा है। मुरलीधर धुरिया ने कहा कि समस्या का समाधान होने तक धरना जारी रहेगा। इस दौरान अकाली धुरिया, सोहराती धुरिया, अवधेश धुरिया, राजनरायन धुरिया, कोईलदास धुरिया, रमेशचंद्र धुरिया, उमेश धुरिया आदि मौजूद रहे।
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सिद्धार्थनगर। अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र न जारी किए जाने के विरोध में धुरिया समाज के लोगों ने मंगलवार को भी जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार गोंड ने कहा कि धुरिया समाज को शासन ने अनुसूचित जनजति घोषित किया है, लेकिन वर्ष 2002 में राजपत्र जारी होने के बाद भी प्रशासन का रवैया ठीक नहीं है। वर्ष 2004 में प्रशासन ने रिपोर्ट दे दी कि यहां धुरिया, गोंड जाति के लोग नहीं रहते। जबकि वर्ष 2008 में जिला स्क्रुटनी कमेटी व जिलाधिकारी ने बृहद जांच कर प्रमाणित किया था कि जिले में धुरिया जाति के लोग 130 वर्ष पूर्व से निवास करते हैं और उन्हें प्रमाणपत्र दिया जाना चाहिए।
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शासन ने यह भी स्पष्ट किया कि कहार जाति में 17 मूल जातियां दर्ज हैं, जिनकी स्थलीय जांच कर उनकी मूल जाति का प्रमाणपत्र जारी किया जाना चाहिए। बावजूद इसके, जानबूझकर इस दिशा में सकारात्मक कदम नहीं उठाया जा रहा है। मुरलीधर धुरिया ने कहा कि समस्या का समाधान होने तक धरना जारी रहेगा। इस दौरान अकाली धुरिया, सोहराती धुरिया, अवधेश धुरिया, राजनरायन धुरिया, कोईलदास धुरिया, रमेशचंद्र धुरिया, उमेश धुरिया आदि मौजूद रहे।
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