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जिला अस्पताल आएं तो चादर साथ में लाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 25 Nov 2016 10:38 PM IST
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जिला अस्पताल में बेड पर नहीं बिछा है चादर।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को अव्यवस्थाओं का शिकार होना पड़ रहा है। अस्पताल में भर्ती मरीजों को ठंड में भी बेड पर डालने के लिए चादर नहीं दिया जा रहा। एक तरफ बीमारी की पीड़ा तो दूसरी ओर ठंड मरीजों को और भारी पड़ने लगी है, लेकिन जिम्मेदार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
100 बेड वाले जिला अस्पताल में दवाओं और डॉक्टरों की कमी तो आम बात है, लेकिन मरीजों को सही इलाज को कौन कहे उन्हें बेड पर चादर भी नहीं मिल रहा है। अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीज बीमारी से तो परेशान हैं ही, साथ ही उन्हें भी ठंड सताने लगी है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को चादर मुहैया नहीं कराई जा रही है। इससे मरीजों का बुरा हाल है। मरीज सर्दी-जुकाम सहित अन्य बीमारी की भी चपेट में आ रहे हैं। जिम्मेदार मरीजों की समस्याओं को लेकर तनिक भी गंभीर नहीं हैं। सदर थाना क्षेत्र के कन्यानपुर गांव निवासी प्रभावति ने बताया कि भतीजे बुद्धेश को बुखार था।
बुधवार को अस्पताल में भर्ती किया गया। तीन दिन हो गए अभी तक चादर नहीं मिली है कुछ लोगों को दिया भी गया हमे मांगने के बाद चादर नहीं मिला। लोटन की रेखा देवी ने बताया कि बच्चा बीमार था। दो दिनों से अस्पताल में भर्ती किए हैं, यहां बेड पर डालने के लिए न तो चादर दिया जा रहा है और न ही ओढने के लिए कंबल।
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घर से बिस्तर लाए हैं। मांगने के बाद भी चादर अभी तक नहीं मिला। इमरजेंसी में भर्ती राकेश ने बताया कि पिता का तबीयत खराब था शुक्रवार की सुबह भर्ती कराए हैं, लेकिन अभी तक चादर नहीं मिला है यहां किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं है। इस संबंध में सीएमएस डॉ.रोचस्मति पांडेय ने बताया कि सभी मरीजों को बेड पर डालने के लिए चादर दिया जाता है। इस प्रकार की कोई बात नहीं है।
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100 बेड वाले जिला अस्पताल में दवाओं और डॉक्टरों की कमी तो आम बात है, लेकिन मरीजों को सही इलाज को कौन कहे उन्हें बेड पर चादर भी नहीं मिल रहा है। अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीज बीमारी से तो परेशान हैं ही, साथ ही उन्हें भी ठंड सताने लगी है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को चादर मुहैया नहीं कराई जा रही है। इससे मरीजों का बुरा हाल है। मरीज सर्दी-जुकाम सहित अन्य बीमारी की भी चपेट में आ रहे हैं। जिम्मेदार मरीजों की समस्याओं को लेकर तनिक भी गंभीर नहीं हैं। सदर थाना क्षेत्र के कन्यानपुर गांव निवासी प्रभावति ने बताया कि भतीजे बुद्धेश को बुखार था।
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बुधवार को अस्पताल में भर्ती किया गया। तीन दिन हो गए अभी तक चादर नहीं मिली है कुछ लोगों को दिया भी गया हमे मांगने के बाद चादर नहीं मिला। लोटन की रेखा देवी ने बताया कि बच्चा बीमार था। दो दिनों से अस्पताल में भर्ती किए हैं, यहां बेड पर डालने के लिए न तो चादर दिया जा रहा है और न ही ओढने के लिए कंबल।
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घर से बिस्तर लाए हैं। मांगने के बाद भी चादर अभी तक नहीं मिला। इमरजेंसी में भर्ती राकेश ने बताया कि पिता का तबीयत खराब था शुक्रवार की सुबह भर्ती कराए हैं, लेकिन अभी तक चादर नहीं मिला है यहां किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं है। इस संबंध में सीएमएस डॉ.रोचस्मति पांडेय ने बताया कि सभी मरीजों को बेड पर डालने के लिए चादर दिया जाता है। इस प्रकार की कोई बात नहीं है।