गोरखपुर विश्वविद्यालय: होली, दशहरा और दीवाली पर अब सिर्फ एक दिन अवकाश, छुट्टियों में भारी कटौती
गोरखपुर विश्वविद्यालय व कॉलेजों के लिए वर्ष 2024 का कैलेंडर जारी कर दिया है। नए कैलेंडर के मुताबिक, सिर्फ 29 दिन ही सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है, जबकि निर्बंधित अवकाशों में से कोई दो अवकाश लेने का विकल्प शिक्षकों और कर्मचारियों को दिया गया है।
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों को अवकाश को लेकर जारी नए कैलेंडर में तगड़ा झटका लगा है। होली, दशहरा और दीपावली जैसे पर्व पर मिलने वाली लंबी छुट्टियां खत्म कर दी गई हैं। इन पर्वों पर अब सिर्फ एक दिन अवकाश रहेगा। छुट्टियों की संख्या 52 से घटाकर 31 कर दी गई हैं।
गोरखपुर विश्वविद्यालय व कॉलेजों के लिए वर्ष 2024 का कैलेंडर जारी कर दिया है। नए कैलेंडर के मुताबिक, सिर्फ 29 दिन ही सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है, जबकि निर्बंधित अवकाशों में से कोई दो अवकाश लेने का विकल्प शिक्षकों और कर्मचारियों को दिया गया है।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने अवकाशों में कटौती को लेकर नवंबर महीने में ही अपना रुख साफ कर दिया था। अब परिणाम सामने है। पिछले वर्ष होली में 6 से 10 मार्च तक अवकाश घोषित था। इसी तरह दशहरा और दिवाली में छह-छह दिन अवकाश घोषित किए गए थे। इसके अलावा 26 से 30 दिसंबर तक शीतावकाश घोषित था।
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डीडीयू से लेकर कॉलेजों तक शिक्षकों में रोष
अवकाशों की सूची जारी होने के बाद डीडीयू से लेकर कॉलेजों तक के शिक्षकों में रोष है। इसे लेकर अंदरखाने चर्चा तेज हो गई है। इसमें कई भ्रांतियां बताते हुए इसके विरोध को लेकर कॉलेजों के शिक्षक मुखर होने लगे हैं। चर्चा है कि एक-दो दिन में वे खुलकर विरोध दर्ज कराएंगे।
शीतावकाश भी किया समाप्त
डीडीयू में शीतकालीन अवकाश भी समाप्त कर दिया गया है। करीब दो दशक बाद शीतावकाश खत्म करने का निर्णय लिया गया है। इस बार भी कैलेंडर में होने के बाद भी शीतावकाश रद्द कर दिया गया था। हालांकि शासन के आदेश के बाद गुआक्टा के तीखे तेवरों के कारण शीतावकाश घोषित करना पड़ा।
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हर महीने द्वितीय शनिवार को कार्यालयी अवकाश रहेगा। यह डीडीयू व कॉलेजों के अधिकारियों व कर्मचारियों पर लागू होगा। शैक्षणिक कार्य चलता रहेगा। शिक्षण कार्य में लगे कर्मचारी द्वितीय शनिवार की जगह उसी महीने में किसी अन्य दिन प्रतिकर अवकाश ले सकेंगे।
निर्बंधित में से कोई दो अवकाश ही ले सकेंगे
कुल 27 पर्व, व्रत, जयंती को निर्बंधित अवकाश घोषित किया गया है। कोई भी शिक्षक या कर्मचारी इनमें से कोई दो अवकाश ही ले सकेंगे। ऐसे में शिक्षक-कर्मचारी पर्व, व्रत के एक दिन आगे पीछे या शनिवार, सोमवार पर नजर टिकाए हुए हैं।