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श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का दर्शन दुर्लभ : राकेश शास्त्री
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भनवापुर क्षेत्र के डिवलीडीहा मिश्र में श्रीमद्भागवत कथा सुनाते पं.राकेश शास्त्री। स्रोत विज्ञप
-भनवापुर क्षेत्र के डिवलीडीहा मिश्र में श्रीमद्भागवत कथा में गोवर्धन पूजा का किया वर्णन
संवाद न्यूज एजेंसी
भनवापुर। स्थानीय ब्लॉक क्षेत्र के डिवलीडीहा मिश्र में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में मंगलवार की रात कथा वाचक राकेश शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का दर्शन दुर्लभ है। इसके लिए देवता भी तरसते हैं। उन्होंने नंदगांव और वृंदावन में श्रीकृष्ण द्वारा की गई लीलाओं, जैसे पूतना वध, शकटासुर, तृणावर्त, कालिया नाग पर विजय, गोवर्धन पूजा और ग्वाल-बालों संग बाल्यकाल की चंचल घटनाओं को सुनाया।
कथा वाचक के द्वारा भगवान की बाल रूपी लीला सुन श्रोतागण भाव-विभोर हो उठे और ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर गायत्री प्रसाद मिश्र, इंद्रावती देवी, पं.केशवानंद त्रिपाठी, आचार्य अमित पांडेय, पं.शिवपूजन दूबे, पं.राजन शास्त्री, महांथ मिश्र, डॉ.रमेश मिश्र आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
भनवापुर। स्थानीय ब्लॉक क्षेत्र के डिवलीडीहा मिश्र में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में मंगलवार की रात कथा वाचक राकेश शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का दर्शन दुर्लभ है। इसके लिए देवता भी तरसते हैं। उन्होंने नंदगांव और वृंदावन में श्रीकृष्ण द्वारा की गई लीलाओं, जैसे पूतना वध, शकटासुर, तृणावर्त, कालिया नाग पर विजय, गोवर्धन पूजा और ग्वाल-बालों संग बाल्यकाल की चंचल घटनाओं को सुनाया।
कथा वाचक के द्वारा भगवान की बाल रूपी लीला सुन श्रोतागण भाव-विभोर हो उठे और ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर गायत्री प्रसाद मिश्र, इंद्रावती देवी, पं.केशवानंद त्रिपाठी, आचार्य अमित पांडेय, पं.शिवपूजन दूबे, पं.राजन शास्त्री, महांथ मिश्र, डॉ.रमेश मिश्र आदि मौजूद रहे।
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