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चरस तस्करी में तीन को 10 वर्ष की सजा
Updated Fri, 09 Jun 2017 11:43 PM IST
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सिद्धार्थनगर। चरस तस्करी के छह वर्ष पुराने मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट-द्वितीय ने तीन नेपाली नागरिकों को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। मामला थाना डुमरियागंज के बेवां चौराहे का है। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अभियोजन के अनुसार डुमरियागंज पुलिस नेेेे मुखबिर की सूचना पर सात जून 2011 की रात बेवां चौराहे से चार लोगों को गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान चारों के पास से 17 किलो चरस बरामद हुआ था। आरोपियों की पहचान नेपाल के बड़ा जिला के सेमरा थाना अंतर्गत भवानीपुर जीत निवासी केदार मुखिया, माधुरी, रोमौली गांव निवासीनी कुसुम देवी और नेपाल के ललितपुर जिले के चापगवां निवासी सविता के रूप में हुई थी। सत्य परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष अपर जिला शासकीय अधिकवक्ता अखिलेश नरायन श्रीवास्तव की ओर से सात गवाह और कई अभिलेखीय साक्ष्य कोर्ट के समक्ष पेश किया। कोर्ट ने परीक्षण के बाद केदार मुखिया, माधुरी और कुसुम को तस्करी का दोषी पाते हुए 10-10 वर्ष की कठोर कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार डुमरियागंज पुलिस नेेेे मुखबिर की सूचना पर सात जून 2011 की रात बेवां चौराहे से चार लोगों को गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान चारों के पास से 17 किलो चरस बरामद हुआ था। आरोपियों की पहचान नेपाल के बड़ा जिला के सेमरा थाना अंतर्गत भवानीपुर जीत निवासी केदार मुखिया, माधुरी, रोमौली गांव निवासीनी कुसुम देवी और नेपाल के ललितपुर जिले के चापगवां निवासी सविता के रूप में हुई थी। सत्य परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष अपर जिला शासकीय अधिकवक्ता अखिलेश नरायन श्रीवास्तव की ओर से सात गवाह और कई अभिलेखीय साक्ष्य कोर्ट के समक्ष पेश किया। कोर्ट ने परीक्षण के बाद केदार मुखिया, माधुरी और कुसुम को तस्करी का दोषी पाते हुए 10-10 वर्ष की कठोर कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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