फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   133 शिक्षकों की जांच में विभाग बना ‘रोड़ा’

133 शिक्षकों की जांच में विभाग बना ‘रोड़ा’

Wed, 18 Jul 2018 11:46 PM IST
siddharthnagar
siddharthnagar Updated Wed, 18 Jul 2018 11:46 PM IST
विज्ञापन
133 शिक्षकों की जांच में विभाग बना ‘रोड़ा’
investigation
सिद्धार्थनगर। सहायक शिक्षा निदेशक द्वारा जांच का आदेश देने के बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जिले के133 शिक्षकों की जांच नहीं हो पा रही है। यह हाल तब है कि जब इन शिक्षकों की डिग्री संदेह के घेरे में है। हाल ही में एक फर्जी शिक्षक पकड़ा भी गया है। इसके बाद भी विभाग सतर्क नहीं हुआ। डीएम के निर्देश के बाद अब मामले की जांच नए सिरे से सीडीओ हर्षिता माथुर स्वयं करेंगी। इस बाबत बुधवार को सीडीओ ने बीएसए को कार्यालय में बुलाकर खरी-खोटी भी सुनाई और जांच में सहयोग न करने के कारण डुमरियागंज के बीईओ चंद्रभूषण पांडेय पर कार्रवाई का निर्देश दिया। साथ ही मामले में बीएसए से पूरी रिपोर्ट मांगी गई है। सीडीओ ने कहा कि जांच की जा रही है। किसी भी कीमत पर फर्जी शिक्षक बख्शे नहीं जाएंगे।
विज्ञापन


24 अप्रैल को वीरेंद्र, दयाशंकर, अजय यादव, पूजा, सोनी व धर्मेंद्र यादव ने सहायक शिक्षा निदेशक से शिकायत की थी। इसमें प्रदेश में 16,648 सहायक अध्यापकों की भर्ती के क्रम में जिले में 618 पदों पर नियुक्ति हुई। इसमें बहुत सारे फर्जी अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दे दिया गया। जिनके शैक्षिक अभिलेख, टीईटी और सीटीईटी संदिग्ध है। इनके टीईटी प्रमाण पत्र पर प्राप्तांक कोड तक दर्ज नहीं है। ऐसे अभ्यर्थियों की संख्या 45 से अधिक है। जबकि इन्होंने 15 हजार की भर्ती में भी आवेदन किया था। 15 हजार की भर्ती में 68 अभ्यर्थी ऐसे है, जिन्होंने चार वर्षीय बीएलएड कोर्स की डिग्री भी दर्शायी है। इस पर सहायक शिक्षा निदेशक ने जांच के लिए विभाग को पत्र लिखा। जांच का जिम्मा बीएसए को सौंपा गया। लेकिन बीएसए ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इसके बाद 25 जून को फिर से ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की। फिर भी जांच नहीं हुई। इसके बाद शिकायतकर्ताओं ने सीडीओ हर्षिता माथुर को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन


चार महीने में नहीं पहुंचा विशेष वाहक
बीएसए ने सभी बीईओ को निर्देशित करते हुए शिक्षकों से सूची मांगी। इसके लिए 25 अप्रैल को विशेष वाहक भेजा। लेकिन अब तक किसी भी बीईओ ने कोई सूचना नहीं दी। ऐसे में विभाग का अपना तर्क है कि अब तक विशेष वाहक उन तक नहीं पहुंचा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed