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पुलिस लांइस में इंस्पेक्टर की बंद कमरे में मिली लाश
Tue, 28 May 2019 10:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 28 May 2019 10:57 PM IST
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इंस्पेक्टर पंकज शाही (फाइल फोटो )
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। साइबर सेल के प्रभारी के तौर पर जिले में तैनात इंस्पेक्टर पकंज कुमार शाही की लाश मंगलवार रात पुलिस लाइंस के बंद कमरे में मिली। सूचना पर रात नौ बजे एसपी डॉ. धर्मबीर सिंह और सीओ लाइंस सुनील सिंह पहुंचे। एसपी ने बताया कि शव चार-पांच दिन पहले का का प्रतीत हो रहा है।
पंकज कुमार शाही (45) पुत्र कृपा शंकर शाही निवासी पकड़ी बाबू थाना भाटपाररानी जिला देवरिया 2001 बैच के दरोगा थे। इंस्पेक्टर के पद पर एक मार्च 2018 को प्रमोशन मिला था। 30 मई 2018 को जिले में स्थानांतरण होकर आए थे। इसके बाद से वह कभी साइबर सेल के प्रभारी तो कभी स्वाट टीम के प्रभारी के तौर पर काम काज देखते थे। मौजूदा समय में साइबर सेल के प्रभारी के तौर पर तैनाती थी। 22 मई को वह पुलिस लाइंस में देखे गए थे। इसके बाद से वह पुलिस लाइंस में नहीं दिख रहे थे। इस बीच पुलिस लाइंस के कमरा नंबर 19 से जब पुलिसकर्मियों को दुर्गंध आने लगी तो इसकी सूचना पुलिसकर्मियों ने आलाधिकारियों को दी। इसके बाद कमरे को जब तोड़ा गया तो पंकज शाही का शव बिस्तर पर पड़ा मिला। पंकज मौजूदा समय में गोरखपुर के शाहपुर में रहते थे। एसपी डॉ धर्मबीर सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का स्पष्ट कारण पता चल सकेगा।
किसी ने नहीं ली खोज खबर
सर्विलांस सेल प्रभारी का बिना छुट्टी लिए पिछले कई दिनों से दफ्तर न आना पंकज की मौत को संदिग्ध बना रहा है। आखिर अफसरों ने उनकी खैर खबर क्यों नहीं ली। जबकि वे सर्विलांस सेल जैसे महत्वपूर्ण कार्य के प्रभारी थे। यह समझ से परे है।
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पंकज कुमार शाही (45) पुत्र कृपा शंकर शाही निवासी पकड़ी बाबू थाना भाटपाररानी जिला देवरिया 2001 बैच के दरोगा थे। इंस्पेक्टर के पद पर एक मार्च 2018 को प्रमोशन मिला था। 30 मई 2018 को जिले में स्थानांतरण होकर आए थे। इसके बाद से वह कभी साइबर सेल के प्रभारी तो कभी स्वाट टीम के प्रभारी के तौर पर काम काज देखते थे। मौजूदा समय में साइबर सेल के प्रभारी के तौर पर तैनाती थी। 22 मई को वह पुलिस लाइंस में देखे गए थे। इसके बाद से वह पुलिस लाइंस में नहीं दिख रहे थे। इस बीच पुलिस लाइंस के कमरा नंबर 19 से जब पुलिसकर्मियों को दुर्गंध आने लगी तो इसकी सूचना पुलिसकर्मियों ने आलाधिकारियों को दी। इसके बाद कमरे को जब तोड़ा गया तो पंकज शाही का शव बिस्तर पर पड़ा मिला। पंकज मौजूदा समय में गोरखपुर के शाहपुर में रहते थे। एसपी डॉ धर्मबीर सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का स्पष्ट कारण पता चल सकेगा।
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किसी ने नहीं ली खोज खबर
सर्विलांस सेल प्रभारी का बिना छुट्टी लिए पिछले कई दिनों से दफ्तर न आना पंकज की मौत को संदिग्ध बना रहा है। आखिर अफसरों ने उनकी खैर खबर क्यों नहीं ली। जबकि वे सर्विलांस सेल जैसे महत्वपूर्ण कार्य के प्रभारी थे। यह समझ से परे है।
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