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तालाब की खुदाई हुई नहीं, निकाल लिए 1.92 लाख
siddharthnagar
Updated Tue, 26 Jun 2018 11:27 PM IST
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खेसरहा ब्लॉक के नासिरगंज में गदंगी से पटा पोखरा।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। विकास खंड खेसरहा अंतर्गत प्रधान विहीन ग्राम पंचायत नासिरगंज में तालाब की खुदाई में एक लाख 92 हजार रुपये गलत तरीके से निकाल लिए जाने का मामला प्रकाश में आया है। मनरेगा के तहत दिखाए गए कार्य की पुष्टि जांच में नहीं हो सकी है। खंड विकास अधिकारी ने दोषियों पर कार्रवाई के लिए उपायुक्त श्रम को रिपोर्ट सौंप दी है। इसके बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं हो रही है।
विकास खंड खेसरहा के ग्राम पंचायत नासिरगंज निवासी गोपाल जी पाठक ने जिलाधिकारी समेत उच्चाधिकारियों को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि प्रधान पद का आरक्षण अनुसूचित जनजाति होने के कारण यहां के विकास की बागडोर एडीओ पंचायत व ग्राम पंचायत अधिकारी के संयुक्त हाथ में है। मनरेगा के तहत वर्ष 2015 से अब तक कोई कार्य नहीं हुआ है। इसके बावजूद गांव के तालाब की खुदाई कराकर मनरेगा के तहत फर्जी मस्टरोल के जरिए लाखों रुपये निकाल लिए गए हैं। इसकी शिकायत करने के बाद भी दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं है। खंड विकास अधिकारी सुशील कुमार पांडेय का कहना है कि मामले की जांच में पाया गया कि जिस तिथि में मस्टरोल दिखाया है, उस दौरान कोई कार्य हुआ ही नहीं है। इस प्रकरण में 1.92 लाख रुपये का गोलमाल किया गया है। दोषियों पर कार्रवाई के लिए मनरेगा के उपायुक्त श्रम को जांच रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है।
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विकास खंड खेसरहा के ग्राम पंचायत नासिरगंज निवासी गोपाल जी पाठक ने जिलाधिकारी समेत उच्चाधिकारियों को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि प्रधान पद का आरक्षण अनुसूचित जनजाति होने के कारण यहां के विकास की बागडोर एडीओ पंचायत व ग्राम पंचायत अधिकारी के संयुक्त हाथ में है। मनरेगा के तहत वर्ष 2015 से अब तक कोई कार्य नहीं हुआ है। इसके बावजूद गांव के तालाब की खुदाई कराकर मनरेगा के तहत फर्जी मस्टरोल के जरिए लाखों रुपये निकाल लिए गए हैं। इसकी शिकायत करने के बाद भी दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं है। खंड विकास अधिकारी सुशील कुमार पांडेय का कहना है कि मामले की जांच में पाया गया कि जिस तिथि में मस्टरोल दिखाया है, उस दौरान कोई कार्य हुआ ही नहीं है। इस प्रकरण में 1.92 लाख रुपये का गोलमाल किया गया है। दोषियों पर कार्रवाई के लिए मनरेगा के उपायुक्त श्रम को जांच रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है।
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