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Siddharthnagar News: उद्योगों को बढ़ावा देने एवं रोजगार सृजन के लिए सही आंकड़े जरूरी

Tue, 25 Jul 2023 11:43 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jul 2023 11:43 PM IST
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Correct data is necessary for promotion of industries and employment generation
अम्बेडकर सभागार में सांख्यिकीय आंकड़ा संग्रहण कार्यशाला काे संबो​धित करते डीएम संजीव रंजन साथ मे
विकास भवन के आंबेडकर सभागार में जनपदीय सांख्यिकीय आंकड़ा संग्रहण कार्यशाला हुई
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन इकोनाॅमी बनाने के लिए सर्वेक्षणों में एकत्र किए गए आंकड़े महत्वपूर्ण हैं। सर्वेक्षणों में एकत्र आंकड़े नीति निर्माण एवं कार्यक्रम मूल्यांकन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जो गरीबी उन्मूलन, शिक्षा, स्वास्थ्य की देखभाल, ग्रामीण विकास और आर्थिक विकास के लिए एक अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं। ये बातें डीएम संजीव रंजन ने विकास भवन के आंबेडकर सभागार में आयोजित जनपदीय सांख्यिकीय आंकड़ा संग्रहण कार्यशाला में कहीं।
उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण विशेष रूप से विनिर्माण, व्यापार और अन्य सेवा क्षेत्रों में अनिगमित गैर-कृषि प्रतिष्ठानों की आर्थिक और परिचालन विशेषताओं के लिए समर्पित है। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद की इकाइयों का वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण में पंजीकरण कराया जाए। सभी ईंट-भटठों का एएसआई में पंजीकरण कराया जाए। उद्योग विभाग के अधिकारी पंजीकरण में सुधार के लिए अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित करें। उन्होंने बताया कि जनपद में उद्योगों को बढ़ावा मिला है। सरकार उद्योगों को बढ़ाने के लिए पूरा प्रयास कर रही है तांकि बड़ी संख्या में रोजगार सृजन हो सके।
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उन्होंने एनएसएसओ के अधिकारियों से कहा कि कार्य में किसी भी कठिनाई की दशा में तत्काल सूचित करें। मुख्य विकास अधिकारी जयेंद्र कुमार ने कहा कि ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए कि रिपोर्टिंग शत प्रतिशत किया जा सके। उद्यमियों को संवेदीकृत किया जाए। उपनिदेशक सांख्यिकी ने कहा कि कि संवेदीकरण कार्यशाला का उद्येश्य लोगों को सही आंकड़े देने के लिए प्रेरित करना। सभी उद्योगों को फैक्ट्री अधिनियम के दायरे में लाना चाहिए। समस्त सार्वजनिक निजी संस्थाओं विभिन्न क्षेत्रीय अधिकारियों से आपस में समन्वय स्थापित करते हुए सर्वेक्षण कार्य में सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए गए। जिसमें सर्वेक्षण कर्ताओं को गुणवत्तापूर्व एवं वास्तविक आंकड़े भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार को उपलब्ध कराने में सहयोग प्रदान किया जा सकें।
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प्रशिक्षक वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी सनी सोनी व सुजीत सक्सेना ने विस्तार से बताया कि किन उद्यमों सर्वेक्षण में शामिल किया जाना है और किन उद्यमों को इसकी परिधि से बाहर रखना है। उन्होंने सर्वेक्षण के दौरान प्रयोग होने वाले अधिनियमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया की किन बिंदुओं पर आंकड़ों का संग्रहण किया जाएगा। सर्वेक्षण के दौरान प्रतिष्ठान रोजगार का विवरण दर्ज किया जाएगा। प्रशिक्षकों ने वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण तथा अनुप्रयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण की वैधानिक स्थिति के बारे में बताया तथा वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण की कवरेज पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि एनएसओ द्वारा उपलब्ध कराए गए शेड्यूल पर एएसआई के माध्यम से आंकड़ा संग्रहित किया गया। विभिन्न प्रकार के सर्वेक्षणों को एक साथ जोड़ा गया है। इस दौरान उप निदेशक अर्थ एवं संख्या, बस्ती अमजद अली अंसारी, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर सौरभ श्रीवास्तव, सहायक प्रोफेसर संतोष सिंह, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी बीएस यादव, एडीईएसटीओ वीरेंद्र सिंह, अजीत प्रताप सिंह, विनय कुमार और अजय कुमार आनंद उपस्थित रहे।
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