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Siddharthnagar News: छोटे उद्योग के लिए जिले में कोल्ड स्टोर की दरकार

Sat, 25 Feb 2023 10:44 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sat, 25 Feb 2023 10:44 PM IST
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cold store not available in siddharthnagar
शहर एवं डुमरियागंज में संचालित कोल्ड स्टोर 30 वर्ष पूर्व हो गए बंद
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कृषि प्रधान जिले में कोल्ड स्टोर नहीं होने से सब्जी एवं फल से संबंधित छोटे उद्यम पनप नहीं पा रहे हैं। एक जिला एक उत्पाद में शामिल कालानमक चावल को रखने के लिए किसानों को दूसरे जिले में जाना पड़ता है। जिले में हुए इन्वेस्टर्स समिट में निवेश का अनुबंध करने वाले उद्यमियों से कोल्ड स्टोरेज बनाने की बात की जा रही है।
जिले के 80 फीसदी लोग खेती आधारित कार्यों में लगे हैं, लेकिन इससे संबंधित उद्यम से दूर रहते हैं। जिले में सब्जियां और फल बाहर से आते हैं। आलू और केले जैसे सामान्य कृषि उपज भी नहीं होते हैं, इसका मुख्य वजह जनपद में कोल्ड स्टोर का न होना है।
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तिघरा निवासी किसान कुलदीप द्विवेदी, महुलानी के मणिकांत तिवारी व कुआहाटा के जगदीश ठकुराई का कहना है कि पहले यहां कोल्ड स्टोर संचालित होने से आलू फसल को सुरक्षित रखने में सहूलियत होती थी। जब से कोल्ड स्टोरेज बंद हुआ है तब से इसका उत्पादन सिर्फ खाने के लिए करते हैं।
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डुमरियागंज, इटवा और शोहरतगढ़ क्षेत्र में किसान केले की खेती में रूचि ले रहे हैं, लेकिन कोल्ड स्टोर नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बंद कर दिया गया कोल्ड स्टोर
डुमरियागंज क्षेत्र के भारतभारी नगर पंचायत में पीसीएफ की तरफ से संचालित कोल्ड स्टोर राजस्व घाटे के कारण बंद कर दिया गया। इसका कारण था कि उस दौर में कोल्ड स्टोरेज में केवल आलू रखा जाता था। किसान कहते हैं कि इसके बंद होने से उन्होंने सब्जी एवं फल से जुड़ी व्यवसायिक गतिविधियां बंद कर दीं।

मिर्जापुर कोल्ड स्टोर में रख रहे कालानमक चावल
एक जिला एक उत्पाद में चयनित कालानमक धान के कृषि आधारित व्यवसाय से जुड़े उद्यमी विजय मिश्र का कहना है कि जिले में कोल्ड स्टोर नहीं होने से वह मिर्जापुर जिले में कालानमक चावल रखते हैं। उन्होंने बताया कि माइनस दो डिग्री तापमान पर कालानमक चावल रखने से उसकी खुशबू सुरक्षित रहती है, साथ ही उसमें फंगस और कीड़े नहीं लगते है।
उनका कहना है कि मिर्जापुर कोल्ड स्टोर में चावल रखने पर वार्षिक चार लाख रुपये खर्च करने पड़ते हैं। यहां कोल्ड स्टोरेज होता तो उन्हें ढुलाई की डेढ़ लाख रुपये के अतिरिक्त खर्च की बचत होती।


स्थापना में 50 फीसदी मिलेगा अनुदान
कोल्ड स्टोर स्थापित होने से जिले में आलू एवं अन्य सब्जी एवं केला आदि फल से संबंधित उद्यम को बढ़ावा मिलेगा। वहीं वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक पीएन राम का कहना है कि कोल्ड स्टोर स्थापित करने वाले उद्यमी को चार करोड़ रुपये की संपूर्ण लागत का 50 फीसदी हिस्सा (दो करोड़ रुपये) अनुदान दिया जाता है। जिला उद्योग अधिकारी दयाशंकर सरोज का कहना है कि सर्विस सेक्टर के कोल्ड स्टोर व्यवसाय के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत ऋण पर 35 फीसदी सब्सिडी दी जाएगी।
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