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सिल्ट सफाई के नाम पर सिर्फ छील रहे घास
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 02 Jun 2016 10:34 PM IST
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पथरा क्षेत्र के तिगोड़वा सें जोगिया बुजुर्ग को जाने वाली डिहवा माइनर नहर पर उगी घास की हो रही कटाई।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बारिश का मौसम नजदीक आने के साथ ही नहरों की सिल्ट सफाई के नाम पर नया खेल शुरू हो गया है। सफाई के बदले सिर्फ तली पर उगे घास की कटाई हो रही है। पथरा क्षेत्र का डिहवा माइनर इसकी नजीर है। तिगोड़वा से जोगिया बुजुर्ग को जाने वाली इस माइनर की सिल्ट सफाई के रूप में सिर्फ कागजी कोरम पूर्ति की जा रही है।
डिहवा माइनर में सिल्ट सफाई का कार्य मनरेगा के तहत स्वीकृत है। ठेकेदार चंद मजदूरों को लगाकर सफाई का कार्य करा रहा है। इसमें तली में जमी मोटी सिल्ट बाहर निकालने की बजाय हल्की घास को काटा जा रहा है।
काम की गति भी इतनी धीमी है, मानो बारिश का इंतजार किया जा रहा है। सिल्ट सफाई कार्य की स्थिति देख ग्रामीण किसानों में असंतोष बना हुआ है। क्षेत्र के आत्माराम पटेल, शिवप्रसाद मिश्र, कन्हैया यादव, जय सिंह, रामपाल आदि का कहना है कि ठेकेदार की मनमानी से नहर की सफाई नहीं हो रही।
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सिल्ट जस का तस है। यही हाल रहा तो टेल तक पानी पहुंचना इस बार भी संभव नहीं हो पाएगा। किसानों ने विभागीय अधिकारियों से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई व सिल्ट सफाई कार्य में पारदर्शिता लाने की मांग की है। इस संबंध में एक्सईएन एबी सिंह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी। अनियमितता मिलने पर कार्रवाई होगी।
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डिहवा माइनर में सिल्ट सफाई का कार्य मनरेगा के तहत स्वीकृत है। ठेकेदार चंद मजदूरों को लगाकर सफाई का कार्य करा रहा है। इसमें तली में जमी मोटी सिल्ट बाहर निकालने की बजाय हल्की घास को काटा जा रहा है।
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काम की गति भी इतनी धीमी है, मानो बारिश का इंतजार किया जा रहा है। सिल्ट सफाई कार्य की स्थिति देख ग्रामीण किसानों में असंतोष बना हुआ है। क्षेत्र के आत्माराम पटेल, शिवप्रसाद मिश्र, कन्हैया यादव, जय सिंह, रामपाल आदि का कहना है कि ठेकेदार की मनमानी से नहर की सफाई नहीं हो रही।
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सिल्ट जस का तस है। यही हाल रहा तो टेल तक पानी पहुंचना इस बार भी संभव नहीं हो पाएगा। किसानों ने विभागीय अधिकारियों से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई व सिल्ट सफाई कार्य में पारदर्शिता लाने की मांग की है। इस संबंध में एक्सईएन एबी सिंह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी। अनियमितता मिलने पर कार्रवाई होगी।