फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   City residents will get a roof

Siddharthnagar News: खत्म हुआ इंतजार... 4407 शहरियों को मिलेगी छत

Thu, 04 Jan 2024 12:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Thu, 04 Jan 2024 12:34 AM IST
विज्ञापन
City residents will get a roof
सिद्धार्थनगर। छतविहीन रहे 4407 शहरियों के आवेदन के बाद सत्यापन समेत अन्य प्रक्रियाओं में लगे एक से डेढ़ वर्ष तक की इंतजार की घड़ी अब समाप्त हो गई है। उन्हें आवास की पहली किश्त मिलने के साथ ही अन्य किश्तों के लिए निकाय कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। निकाय की तरफ से खुद निगरानी करते हुए इन आवासों को इसी वित्तीय वर्ष में पूर्ण कराना होगा। 125 करोड़ रुपये से बनने वाले इन आवासों से शहरियों को अपना छत नसीब होगा।
विज्ञापन

शहर के शास्त्रीनगर, आजादनगर, सिसहनिया, मुड़िला, बसडिलिया, थरौली व अन्य मोहल्लों में 2664 लोगों ने नवंबर 2021 में और 741 लोगों ने अप्रैल 2022 में शहरी आवास के लिए आवेदन किया था। जिनके आवेदनों के सत्यापन में ही डेढ़ वर्ष से अधिक समय लग गए थे। स्थलीय निरीक्षण व सत्यापन के भेजे रिपोर्ट के आधार पर पात्रों को आवास मिलने में दो वर्ष से अधिक समय लग गए। इस लंबी प्रक्रिया के चलते कई लोग आवास की आस छोड़ चुके थे।
विज्ञापन

अब नई पहल के तहत जिले के चार निकायों में मांगें आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पात्रों को 4407 आवास आवंटित किए गए हैं। इसमें नगर पालिका सिद्धार्थनगर में 1309, नगर पंचायत कपिलवस्तु में 1210, शोहरतगढ़ में 412 व इटवा में 1476 लोगों को आवास मिला है। अब तक अपना छत नहीं होने से दूसरे घर में रहने को मजबूर रही शहर की सुराती देवी का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद उन्हें आवास मिलने की जानकारी हुई है। अब परिवार व बच्चों को ठंड, धूप और बरसात से बचने के लिए अपने छत का छांव मिलने की आस बढ़ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

------------
सत्यापन में देरी पर डीएम ने भेजा था पत्र
शहर समेत जिले के 10 निकायों में 18 हजार से अधिक शहरी आवास के आवेदनों के सत्यापन में तहसील प्रशासन की तरफ से हुई देरी से नाराज एडीएम और डीएम ने कई पत्र भेजे थे। इनमें नवंबर 2021 एवं अप्रैल 2022 में तहसीलों में सत्यापन के लिए भेजे गए आवास आवेदन डेढ़ वर्ष से अधिक समय तक लंबित रह गए थे। जिले के पांचों तहसीलों में समय से सत्यापन रिपोर्ट नहीं मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी थी, तब जाकर सत्यापन रिपोर्ट मिली थी।

----------
पूरा होने को है 13 हजार शहरी आवास
लंबी प्रक्रिया के बाद जिले के 11 नगर निकायों में लाभार्थियों को मिले 18 हजार आवास में अधिकांश के निर्माण पूरे होने की स्थिति में है। इनमें नगर पालिका सिद्धार्थनगर में 1999, बांसी में 2822, नगर पंचायत शोहरतगढ़ में 1496, बढ़नी बाजार में 629, उसका बाजार में 2620, डुमरियागंज में 2462, बिस्कोहर में 1321, इटवा में 1140, कपिलवस्तु में 911, भारतभारी में 1038 और बढ़नीचाफा में 1635 को प्रथम किश्त मिल चुका है। जिनमें 13 हजार आवास पूर्ण होने की स्थिति में है।
-----------
आवास निर्माण को मिलता है ढाई लाख
प्रधानमंत्री शहरी आवास के लाभार्थियों के बैंक खाते में आवास निर्माण के लिए तीन किश्त में ढाई लाख रुपये भेजे जाते हैं। इनमें पहली किश्त में नींव डालने के लिए 50 हजार, छत स्तर तक दीवार खड़ी करने पर दूसरी किश्त में डेढ़ लाख रुपये और छत लगाने पर तीसरी किश्त में 50 हजार रुपये दिए जाते है। इस धन से लाभार्थियों को दो कक्ष, बरामदा, किचन, शौचालय का निर्माण होता है। इसके लिए निर्धारित पात्रता श्रेणी के लोगों के आवेदन सत्यापन के बाद धन आवंटित किया जाता है।
--------------
मिली पहली किश्त तो जगी छत की उम्मीद
आवास के लिए आवेदन के बाद कई माह सत्यापन एवं अन्य जरूरी कागजात इकट्ठा करने में लग गया, पहली किश्त मिलने के बाद घर बनने की उम्मीद जगी है।
-गीता देवी, शास्त्रीनगर शहर
बहुत पहले से अपने छत के नीचे रहने का सपना था, लेकिन पूरा नहीं हो पा रहा था, अब प्रधानमंत्री आवास की पहली किश्त मिलने से यह सपना पूरा होता दिख रहा है।
-ज्ञानमति, शास्त्रीनगर, शहर

बैंक खाते में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना की पहली किश्त 50 हजार रुपये आ गई है। वर्षों इंतजार के बाद अब पक्के मकान का सपना अब पूरा हो जाएगा।
-शारदा, वाल्मीकि नगर, कपिलवस्तु
सालों से कच्चे घर में रहने के दौरान जगह कम पड़ने के साथ ही बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या रही, अब पैसा आने से पक्के मकान का सपना पूरा होता दिख रहा है।


-मंजू, वाल्मीकि नगर, कपिलवस्तु
घर बनाने के लिए कई वर्ष से एक-एक कर रुपया इकट्ठा कर रहे थे, लेकिन अभी तक छत नसीब नहीं हुआ था, अब पहली किश्त मिलने से अपने घर में उम्मीद जगी है।
-रीना, वार्ड नंबर दो, कपिलवस्तु
आवास आवेदन के बाद सत्यापन समेत अन्य प्रक्रियाओं में उलझे रहने से लंबे समय बाद आवास के लिए मिली पहली किश्त से खुद के आशियाने का सपना पूरा होता दिख रहा।
-शीला, निवासी कपिलवस्तु
-----------

अपना पक्का घर नहीं होने से बहुत पहले आवास के लिए आवेदन की थी, अब सूची में नाम आने से पक्के घर में रहने का सपना पूरा होता दिख रहा है।
-दूरपाती, गड़ाकुल, शोहरतगढ़
अब तक 50 साल पुराने कच्चे मकान में परिवार रहता था। लंबे इंतजार के बाद पहली किश्त खाते में आई, जिससे अपना छत मिलने की आस पूरी होती दिख रही।

-सुमित्रा, गड़ाकुल, शोहरतगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed