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बल्लू शाह फिल्म से कंजूसी नहीं करने की मिली प्रेरणा
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पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुशभौना में बाल फिल्म देखते बच्चे। संवाद
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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बल्लू शाह फिल्म से कंजूसी नहीं करने की मिली प्रेरणा
- अमर उजाला फाउंडेशन एवं बाल चित्र समिति की ओर से दिखाई गई बाल फिल्म
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अमर उजाला फाउंडेशन एवं बाल चित्र समिति की ओर से शनिवार को बाल फिल्म दिखाई गई। बल्लू शाह फिल्म से बच्चों को कंजूसी नहीं करने की प्रेरणा मिली, जबकि पकड़ा गया फिल्म में बंदर की उछल कूद देखकर बच्चे प्रसन्न नजर आएं।
महादेवा बाजार क्षेत्र के संविलियन विद्यालय गनेरा और पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुशभौना में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। फिल्मों पर आधारित प्रश्नों का सही उत्तर देने वाले बच्चों को मुंशी प्रेमचंद की कहानियों की किताब देकर प्रोत्साहित किया गया।
संविलियन महाविद्यालय गनेरा में 168 बच्चों ने फिल्म देखी। पहले बच्चों को समाचार पत्र के प्रकाशन की प्रक्रिया बताने के लिए लघु फिल्म दिखाई गई। इसके बाद बच्चों ने पकड़ा गया फिल्म में बंदर की हरकत देखी। सूरज, मुकेश, महिमा, सिवानी, प्रेमकली, मतीउल्लाह, अनारकली ने कहा कि फिल्म से सीख मिली कि जानवरों को कैद करके रखने के बजाय उन्हें उनकी दुनिया में ही रहने देना चाहिए। राहुल व श्रुति ने प्रश्नों का सही उत्तर दिया।
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उसके बाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुशभौना में 122 बच्चों को बल्लू शाह फिल्म कार्टून देखकर बच्चे खुश नजर आएं। प्रश्नों का सही उत्तर देने पर संगम, साधना व आंचल को पुरस्कार दिया गया। उन्होंने बताया कि फिल्म देखकर सीख मिली कि कंजूसी नहीं करनी चाहिए, इससे काम बिगड़ जाता है। कमाए हुए रुपये अच्छे कार्य के लिए खर्च करने चाहिए।
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बल्लू शाह फिल्म से कंजूसी नहीं करने की मिली प्रेरणा
- अमर उजाला फाउंडेशन एवं बाल चित्र समिति की ओर से दिखाई गई बाल फिल्म
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अमर उजाला फाउंडेशन एवं बाल चित्र समिति की ओर से शनिवार को बाल फिल्म दिखाई गई। बल्लू शाह फिल्म से बच्चों को कंजूसी नहीं करने की प्रेरणा मिली, जबकि पकड़ा गया फिल्म में बंदर की उछल कूद देखकर बच्चे प्रसन्न नजर आएं।
महादेवा बाजार क्षेत्र के संविलियन विद्यालय गनेरा और पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुशभौना में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। फिल्मों पर आधारित प्रश्नों का सही उत्तर देने वाले बच्चों को मुंशी प्रेमचंद की कहानियों की किताब देकर प्रोत्साहित किया गया।
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संविलियन महाविद्यालय गनेरा में 168 बच्चों ने फिल्म देखी। पहले बच्चों को समाचार पत्र के प्रकाशन की प्रक्रिया बताने के लिए लघु फिल्म दिखाई गई। इसके बाद बच्चों ने पकड़ा गया फिल्म में बंदर की हरकत देखी। सूरज, मुकेश, महिमा, सिवानी, प्रेमकली, मतीउल्लाह, अनारकली ने कहा कि फिल्म से सीख मिली कि जानवरों को कैद करके रखने के बजाय उन्हें उनकी दुनिया में ही रहने देना चाहिए। राहुल व श्रुति ने प्रश्नों का सही उत्तर दिया।
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उसके बाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुशभौना में 122 बच्चों को बल्लू शाह फिल्म कार्टून देखकर बच्चे खुश नजर आएं। प्रश्नों का सही उत्तर देने पर संगम, साधना व आंचल को पुरस्कार दिया गया। उन्होंने बताया कि फिल्म देखकर सीख मिली कि कंजूसी नहीं करनी चाहिए, इससे काम बिगड़ जाता है। कमाए हुए रुपये अच्छे कार्य के लिए खर्च करने चाहिए।