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चहुंओर गंदगी, पीआईसीयू में संक्रमण का खतरा

Sat, 13 Aug 2022 11:48 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 13 Aug 2022 11:48 PM IST
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chance of infection in picu
जिला अस्पताल के पीआईसीयू, एसएनसीयू वार्ड के बाहर जमीन पर बैठे तीमारदार। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
चहुंओर गंदगी, पीआईसीयू में संक्रमण का खतरा
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- पीआईसीयू के पीछे उगी है घास, बजबजा रही नालियां
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला अस्पताल के पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट) के आसपास गंदगी के कारण संक्रमण फैलने का खतरा है।
पीआईसीयू के पीछे घास उगी है। नालियां बजबजा रही है। जानवर आसपास घूमते नजर आ जाते हैं। गेट के समीप ही फर्श पर परिजन के बिस्तर लगाकर सोते हैं।
बच्चों के पीआईसीयू के समीप ही नवजात शिशुओं को भर्ती करने वाला यूनिट एसएनसीयू(स्पेशल न्यू बार्न केयर यूनिट) है। कुछ दिन पहले निरीक्षण करने आए राष्ट्रीय बाल संरक्षण समिति के सदस्य अशोक यादव ने पीआईसीयू के अंदर मक्खियां देखकर नाराजगी जताई थी। उन्होंने अस्पताल परिसर में स्वच्छता पर सवाल उठाते हुए कहा कि आईसीयू में संक्रमण की आशंका नहीं होनी चाहिए।
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पीआईसीयू के पीछे के ऑटोमेटिक गेट खराब होने के कारण खुलने के बाद गेट स्वत: बंद नहीं होता है। उसके सामने ही पीछे के गेट के पास घास, खुली नालियां हैं। इस स्थान पर छुट्टा पशु भी रहते हैं। जहां से मक्खियां और मच्छरों को अंदर प्रवेश करने की आशंका रहती है। हालांकि, मक्खियां मिलने के बाद पीछे के गेट को बंद कर दिया गया है।
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अस्पताल में रैन बसेरा बना हुआ है, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने इसमें एंबुलेंस कर्मियों को सुविधा दी है। रैन बसेरा नहीं होने के कारण पीआईसीयू के गेट के समीप ही बीमार बच्चों के परिजन रहते हैं। डॉक्टरों के अनुसार स्वच्छता के लिए गैलरी से परिजन को दूर करने की आवश्यकता है। ऐसी स्थिति में अस्पताल प्रशासन ने मरीजों व उनके परिजन के लिए रैन बसेरा खाली कराने का निर्णय किया है।

जिला अस्पताल में पीआईसीयू में ऑटोमेटिक डोर की मरम्मत करा दी जाएगी। मरीज के परिजनों को रात में रैन बसेरा के हाल में शिफ्ट किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज के अस्पताल भवन निर्माण के कारण नालियां टूट गई है, इस कारण अस्पताल के पीछे स्वच्छता का अभाव है। कुछ दिन में व्यवस्था बेहतर हो जाएगी।
- डॉ. एके झा, प्रभारी सीएमएस, जिला अस्पताल
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