{"_id":"57a4ce134f1c1bc3762bb09c","slug":"chan-was-stripped-of-power-cuts","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली कटौती ने छीन लिया चैन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली कटौती ने छीन लिया चैन
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 05 Aug 2016 11:04 PM IST
विज्ञापन
एक्सईएन कार्यालय पर प्रदर्शन करते पथरा क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ता।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। चुनावी वर्ष में भी जनता बिजली के लिए हाहाकार कर रही है। गांवों को 14 और नगर को 20 घंटे आपूर्ति का शेड्यूल जिले में ध्वस्त हो चुका है। विधानसभा अध्यक्ष का गृह जनपद होने के बावजूद यहां 12-14 घंटे की बमुश्किल बिजली मिल रही है। उपभोक्ता परेशान हैं और जिम्मेदार बेपरवाह। लापरवाही का आलम यह है कि विभाग के अफसरों को ही नहीं पता कि कटौती कब, कैसे और किसलिए की जा रही है। उमसभरी गर्मी में बिजली संकट में उबलती जनता का धैर्य टूटने लगा है।
सूबे में दोबारा सत्ता पाने को लालायित सपा सरकार बेहतर बिजली के दावे कर रही है। सरकार के अनुसार शहर को 20 और ग्रामीण क्षेत्र को 14 घंटे की नियमित आपूर्ति दी जा रही है। यह दावा वीआईपी जिले में ही ध्वस्त हो गया है। जिले की पांच में से चार विधानसभा सीटें सत्ताधारी दल के कब्जे में हैं। बावजूद जिले की बिजली व्यवस्था बदतर हाल में हैं। गांवों को तो दूर यहां जिला मुख्यालय सहित प्रमुख कस्बों को ही 14 घंटे बिजली नहीं मिल पा रही है।
शुक्रवार की ही नजीर लें तो दोपहर 11 बजे से ठप हुई आपूर्ति शाम 6 बजे तक बंद थी। रात साढ़े 10 से 1 बजे तक कटौती भी नियमित हो रही है। इसके अलावा भी बिजली मनमाने ढंग से जब-तब काट दी जा रही है। बिजली व्यवस्था का यह हाल तब है, जब सदर विधायक ने एक माह पहले ही 16-18 घंटे आपूर्ति हर हाल में कराने का दावा किया था। बदहाल विद्युत व्यवस्था में लोगों का रोष बढ़ता जा रहा है।
विज्ञापन
बांसी। पथरा क्षेत्र के रकवारे गांव में बिजली आपूर्ति के लिए बिछाए गए तार को गांव के ही कुछ लोगों ने काट दिया। इसके चलते पिछले चार माह से विद्युत आपूर्ति ठप है। विभागीय दुव्र्यवस्था से गुस्साए ग्रामीणों ने शुक्रवार को एक्सईएन कार्यालय पहुंचकर गुस्सा जाहिर किया। विरोध प्रदर्शन करते हुए नारे लगाए और बिजली दुव्र्यवस्था से निजात दिलाने की मांग की है।
उपभोक्ताओं का कहना था कि कुछ माह पूर्व ग्राम पंचायत बनगंवा के पुरवा रकवारे में बिजली विभाग ने विद्युतीकरण किया और गांव के 22 लोगों ने बिजली का कनेक्शन ले लिया। बिजली आपूर्ति शुरू होने के कुछ दिनों बाद गांव के दो लोगों ने आपूर्ति के लिए बिछाए गए तार को यह कह कर काट लिया कि मैं अपने खेत से बिजली का तार नहीं जाने दूंगा। इसके बाद चार माह से बिजली आपूर्ति ठप है। इसकी सूचना गांव के लोगों ने पथरा सब स्टेशन पर दिया, लेकिन किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया।
थक हार कर ग्रामीणों ने अधिशासी अभियंता कार्यालय डुमरियागंज पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। एसडीओ रितेश कौशल ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जल्द ही मामले का निस्तारण कर बिजली आपूर्ति को शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
सूबे में दोबारा सत्ता पाने को लालायित सपा सरकार बेहतर बिजली के दावे कर रही है। सरकार के अनुसार शहर को 20 और ग्रामीण क्षेत्र को 14 घंटे की नियमित आपूर्ति दी जा रही है। यह दावा वीआईपी जिले में ही ध्वस्त हो गया है। जिले की पांच में से चार विधानसभा सीटें सत्ताधारी दल के कब्जे में हैं। बावजूद जिले की बिजली व्यवस्था बदतर हाल में हैं। गांवों को तो दूर यहां जिला मुख्यालय सहित प्रमुख कस्बों को ही 14 घंटे बिजली नहीं मिल पा रही है।
विज्ञापन
शुक्रवार की ही नजीर लें तो दोपहर 11 बजे से ठप हुई आपूर्ति शाम 6 बजे तक बंद थी। रात साढ़े 10 से 1 बजे तक कटौती भी नियमित हो रही है। इसके अलावा भी बिजली मनमाने ढंग से जब-तब काट दी जा रही है। बिजली व्यवस्था का यह हाल तब है, जब सदर विधायक ने एक माह पहले ही 16-18 घंटे आपूर्ति हर हाल में कराने का दावा किया था। बदहाल विद्युत व्यवस्था में लोगों का रोष बढ़ता जा रहा है।
विज्ञापन
बांसी। पथरा क्षेत्र के रकवारे गांव में बिजली आपूर्ति के लिए बिछाए गए तार को गांव के ही कुछ लोगों ने काट दिया। इसके चलते पिछले चार माह से विद्युत आपूर्ति ठप है। विभागीय दुव्र्यवस्था से गुस्साए ग्रामीणों ने शुक्रवार को एक्सईएन कार्यालय पहुंचकर गुस्सा जाहिर किया। विरोध प्रदर्शन करते हुए नारे लगाए और बिजली दुव्र्यवस्था से निजात दिलाने की मांग की है।
उपभोक्ताओं का कहना था कि कुछ माह पूर्व ग्राम पंचायत बनगंवा के पुरवा रकवारे में बिजली विभाग ने विद्युतीकरण किया और गांव के 22 लोगों ने बिजली का कनेक्शन ले लिया। बिजली आपूर्ति शुरू होने के कुछ दिनों बाद गांव के दो लोगों ने आपूर्ति के लिए बिछाए गए तार को यह कह कर काट लिया कि मैं अपने खेत से बिजली का तार नहीं जाने दूंगा। इसके बाद चार माह से बिजली आपूर्ति ठप है। इसकी सूचना गांव के लोगों ने पथरा सब स्टेशन पर दिया, लेकिन किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया।
थक हार कर ग्रामीणों ने अधिशासी अभियंता कार्यालय डुमरियागंज पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। एसडीओ रितेश कौशल ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जल्द ही मामले का निस्तारण कर बिजली आपूर्ति को शुरू कर दिया जाएगा।