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Siddharthnagar News: करवा चौथ के लिए तैयार महिलाएं रखेंगी आज निराजल व्रत
Tue, 31 Oct 2023 11:20 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 31 Oct 2023 11:20 PM IST
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जमकर की खरीदारी, ब्यूटी पॉर्लर और मेहंदी लगाने वालों के यहां लगा रहा महिलाओं का तांता
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। करवा चौथ व्रत का बेसब्री से इंतजार कर रहीं सुहागिन महिलाओं ने तैयारी के लिए मंगलवार को जमकर खरीदारी की। एक नवंबर को पड़ने वाले करवा चौथ पर सजने के लिए महिलाओं ने पूरी तैयारी कर ली है।
बाजार में सौंदर्य प्रसाधन के सामान की खरीदारी खूब हो रही है। चूड़ी, कंगन के साथ ही फेस पैक काजल, बिंदी की खरीदारी खूब हुई है। मेंहदी लगाने के लिए और कास्टमेटिक की दुकानों पर पूरे दिन महिलाओं की भीड़ लगी रही।
बाजार में महिला ग्राहकों की भीड़ को देखकर दुकानदार भी उत्साहित हैं। करवा चौथ के लिए महिलाओं में साड़ी, कपड़ा, गहना के बाद सबसे ज्यादा प्रसाधन के सामान की रही। व्रत से एक दिन पहले ब्यूटी पॉर्लर और मेहंदी लगवाने वाली पर सुहागिनों का तांता लगा रहा।
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हर साल यह व्रत कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन रखा जाता है। इस व्रत को सुहागिन स्त्रियां पति की दीर्घायु और सुखी जीवन के लिए रखती हैं। यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है। इस व्रत में चंद्र दर्शन के बाद पारण किया जाता है। पति की लंबी आयु के लिए करवा चौथ का व्रत रखा जाता है। महिलाएं सुबह चार बजे उठकर सरगी खाती हैं और दिनभर पानी तक नहीं पीती हैं। कई पति भी पत्नी के साथ यह व्रत करते हैं। महिलाएं चंद्रोदय के समय पूजा की थाली सजाती हैं।
व्रती महिलाएं रखें इन बातों का ध्यान
इस व्रत में महिलाएं सास, मां या अन्य किसी बुजुर्ग का अनादर करती हैं तो यह व्रत पूरा नहीं माना जाता है। इस व्रत में पति की कामना के साथ ही बड़े-बुजुर्गों का भी महत्व होता है। इस दिन गौरी मां की पूजा की जाती है। उन्हें हलवे-पूरी का भोग लगाने के बाद यह प्रसाद आदर पूर्वक अपनी सास को देना न भूलें। इस व्रत के दिन विवाहित महिलाएं चांद देखने से पहले किसी को भी दूध, दही, चावल, सफेद कपड़ा या कोई भी सफेद वस्तु न दें। माना जाता है कि ऐसा करने से चंद्रमा नाराज हो जाते हैं और अशुभ फल देते हैं।
कथा सुनने से पूर्ण होता है व्रत
बर्डपुर। ज्योतिर्विद योगेश पांडेय ने बताया कि इस दिन गेहूं अथवा चावल के 13 दाने हाथ में लेकर कथा सुननी चाहिए। मिट्टी के करवे में गेहूं, ढक्कन में चीनी एवं उसके ऊपर वस्त्र आदि रखकर सास, जेठानी को देना चाहिए। रात में चंद्रमा उदय होने पर छलनी की ओट में चंद्रमा का दर्शन करके अर्घ्य देने के पश्चात व्रत खोलना शुभप्रद रहता है। शास्त्रों के अनुसार महाभारत काल में द्रोपदी ने अर्जुन के लिए यह व्रत किया था। वहीं व्रत रखने वाली स्त्री को काले और सफेद कपड़े पहनने से बचना चाहिए। इस दिन लाल और पीले रंग के कपड़े पहनना विशेष फलदायी होता है। इस दिन महिलाओं को चाहिए कि वे पूर्ण शृंगार करें और अच्छा भोजन करें। इस दिन पति की लंबी उम्र के साथ संतान सुख भी मिल सकता है।
पति की लंबी आयु के लिए कई वर्षों से करते आ रहे हैं। इस बार भी पूरी श्रद्धा के साथ व्रत रखेंगे। नए कपड़े शृंगार और पूजन के अन्य सामान की खरीद हो चुकी है।
-सत्यवती विश्वकर्मा
परंपरानुसार दिन भर व्रत रहकर शाम को घर में ही सज-संवर कर व्रत को पूरा करना है। व्रत का महत्व पति की दीर्घायु से जुड़ा है। इसलिए इसमें किसी प्रकार की कसर नहीं रखी जाएगी।
-शिल्पा मोदनवाल
हर सुहागिन के लिए करवा चौथ विशेष महत्व रखता है। हम भी व्रत को श्रद्धा के साथ पूरा करेंगे। पूजन-अर्चन के बाद पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत का पारण करना है।
-सुमन शुक्ला
नई साड़ी, चूड़ी सहित अन्य सामान की खरीदारी हो चुकी है। त्योहार के लिए पूरी तैयारी है। श्रद्धा के साथ व्रत रहकर पूजन होगा। व्रत रखकर पति की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करेंगे।
-नीलम श्रीवास्तव
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जमकर की खरीदारी, ब्यूटी पॉर्लर और मेहंदी लगाने वालों के यहां लगा रहा महिलाओं का तांता
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। करवा चौथ व्रत का बेसब्री से इंतजार कर रहीं सुहागिन महिलाओं ने तैयारी के लिए मंगलवार को जमकर खरीदारी की। एक नवंबर को पड़ने वाले करवा चौथ पर सजने के लिए महिलाओं ने पूरी तैयारी कर ली है।
बाजार में सौंदर्य प्रसाधन के सामान की खरीदारी खूब हो रही है। चूड़ी, कंगन के साथ ही फेस पैक काजल, बिंदी की खरीदारी खूब हुई है। मेंहदी लगाने के लिए और कास्टमेटिक की दुकानों पर पूरे दिन महिलाओं की भीड़ लगी रही।
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बाजार में महिला ग्राहकों की भीड़ को देखकर दुकानदार भी उत्साहित हैं। करवा चौथ के लिए महिलाओं में साड़ी, कपड़ा, गहना के बाद सबसे ज्यादा प्रसाधन के सामान की रही। व्रत से एक दिन पहले ब्यूटी पॉर्लर और मेहंदी लगवाने वाली पर सुहागिनों का तांता लगा रहा।
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हर साल यह व्रत कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन रखा जाता है। इस व्रत को सुहागिन स्त्रियां पति की दीर्घायु और सुखी जीवन के लिए रखती हैं। यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है। इस व्रत में चंद्र दर्शन के बाद पारण किया जाता है। पति की लंबी आयु के लिए करवा चौथ का व्रत रखा जाता है। महिलाएं सुबह चार बजे उठकर सरगी खाती हैं और दिनभर पानी तक नहीं पीती हैं। कई पति भी पत्नी के साथ यह व्रत करते हैं। महिलाएं चंद्रोदय के समय पूजा की थाली सजाती हैं।
व्रती महिलाएं रखें इन बातों का ध्यान
इस व्रत में महिलाएं सास, मां या अन्य किसी बुजुर्ग का अनादर करती हैं तो यह व्रत पूरा नहीं माना जाता है। इस व्रत में पति की कामना के साथ ही बड़े-बुजुर्गों का भी महत्व होता है। इस दिन गौरी मां की पूजा की जाती है। उन्हें हलवे-पूरी का भोग लगाने के बाद यह प्रसाद आदर पूर्वक अपनी सास को देना न भूलें। इस व्रत के दिन विवाहित महिलाएं चांद देखने से पहले किसी को भी दूध, दही, चावल, सफेद कपड़ा या कोई भी सफेद वस्तु न दें। माना जाता है कि ऐसा करने से चंद्रमा नाराज हो जाते हैं और अशुभ फल देते हैं।
कथा सुनने से पूर्ण होता है व्रत
बर्डपुर। ज्योतिर्विद योगेश पांडेय ने बताया कि इस दिन गेहूं अथवा चावल के 13 दाने हाथ में लेकर कथा सुननी चाहिए। मिट्टी के करवे में गेहूं, ढक्कन में चीनी एवं उसके ऊपर वस्त्र आदि रखकर सास, जेठानी को देना चाहिए। रात में चंद्रमा उदय होने पर छलनी की ओट में चंद्रमा का दर्शन करके अर्घ्य देने के पश्चात व्रत खोलना शुभप्रद रहता है। शास्त्रों के अनुसार महाभारत काल में द्रोपदी ने अर्जुन के लिए यह व्रत किया था। वहीं व्रत रखने वाली स्त्री को काले और सफेद कपड़े पहनने से बचना चाहिए। इस दिन लाल और पीले रंग के कपड़े पहनना विशेष फलदायी होता है। इस दिन महिलाओं को चाहिए कि वे पूर्ण शृंगार करें और अच्छा भोजन करें। इस दिन पति की लंबी उम्र के साथ संतान सुख भी मिल सकता है।
पति की लंबी आयु के लिए कई वर्षों से करते आ रहे हैं। इस बार भी पूरी श्रद्धा के साथ व्रत रखेंगे। नए कपड़े शृंगार और पूजन के अन्य सामान की खरीद हो चुकी है।
-सत्यवती विश्वकर्मा
परंपरानुसार दिन भर व्रत रहकर शाम को घर में ही सज-संवर कर व्रत को पूरा करना है। व्रत का महत्व पति की दीर्घायु से जुड़ा है। इसलिए इसमें किसी प्रकार की कसर नहीं रखी जाएगी।
-शिल्पा मोदनवाल
हर सुहागिन के लिए करवा चौथ विशेष महत्व रखता है। हम भी व्रत को श्रद्धा के साथ पूरा करेंगे। पूजन-अर्चन के बाद पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत का पारण करना है।
-सुमन शुक्ला
नई साड़ी, चूड़ी सहित अन्य सामान की खरीदारी हो चुकी है। त्योहार के लिए पूरी तैयारी है। श्रद्धा के साथ व्रत रहकर पूजन होगा। व्रत रखकर पति की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करेंगे।
-नीलम श्रीवास्तव