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Siddharthnagar News: 16 घंटे में 121 सेमी बढ़ी बूढ़ी राप्ती, आठ स्थानों पर कटान तेज
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एक दिन की बारिश से बूढ़ी राप्ती ने पकड़ी रफ्तार, तटवर्ती क्षेत्र के ग्रामीण सहमे
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कई दिनों के बाद सोमवार रात हुई बारिश से जिले की बूढ़ी राप्ती नदी ने रफ्तार पकड़ ली है। मात्र 16 घंटे में इसके जलस्तर में 121 सेमी वृद्धि हुई है। साथ ही नदी किनारे आठ स्थानों पर कटान तेज हो गई है, जिससे ग्रामीण सहमे हुए हैं। वहीं कूड़ा धीरे-धीरे बढ़ रही है, जबकि घोघी स्थिर बनी हुई है।
पिछले 15 दिनों से बारिश नहीं होने के कारण नदियों का जलस्तर नीचे पहुंच गया था। सोमवार रात हुई बारिश से बूढ़ी राप्ती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। सोमवार शाम चार बजे जलस्तर 82.060 मीटर था, जो मंगलवार सुबह आठ बजे बढ़कर 83.270 मीटर पर पहुंच गया। हालांकि यह अभी खतरे के निशान 85.650 मीटर से दो मीटर नीचे है, लेकिन जलस्तर बढ़ने के चलते जोगिया क्षेत्र में फत्तेपुर, झुनकी, टलडिहवा, खजुरडाड़ व अजगरा और उसका क्षेत्र में हथिवड़ताल में कटान तेज हो गई है। जिससे नदी किनारे के गांवों में लोग सहमे हुए हैं। उधर, राप्ती का जलस्तर सोमवार को बढ़ने के बाद स्थिर हो गया था, जो मंगलवार को धीरे-धीरे घटने लगा है। नेपाल में हुई बारिश के चलते बानगंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है।
भयावह मंजर याद कर सहमे ग्रामीण
पिछले वर्ष सितंबर और अक्तूबर माह में आई बाढ़ से मची तबाही याद कर ग्रामीण सहमे हुए हैं। जोगिया कछार क्षेत्र निवासी पलटन का कहना है कि मानसून का पूरा सीजन जून, जुलाई और अगस्त माह बीतने के बाद भी पिछले वर्ष 2022 में सितंबर और अक्तूबर माह में बाढ़ आ गई थी। जिस कारण अभी भी खतरा टला नहीं है। बता दें कि पिछले वर्ष बाढ़ से राप्ती और बूढ़ी राप्ती किनारे बांध के टूटने के चलते 600 गांवों में तबाही मची थी। जिससे 19 लोगों की मौत हुई थी और 60 हजार हेक्टेयर फसल डूबने से नष्ट हो गई थी। साथ ही पांच लाख आबादी भी प्रभावित हुई थी, जिन्हें महीनों सांसत झेलनी पड़ी थी। यहां तक कि घर गिरने से कई लोग अब भी बाढ़ का दंश झेलने को मजबूर हैं।
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नदियां का जलस्तर (मीटर में)
नदी खतरे का स्तर सोमवार मंगलवार
राप्ती 84.900 82.140 81.980
बूढ़ी राप्ती 85.650 82.060 83.270
कूड़ा 83.520 79.050 79.390
घोघी 87.000 83.10 83.00
बानगंगा 93.420 93.10 93.20
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बाढ़ से बचाव की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं, विभागीय अधिकारियों को लगातार निगरानी का निर्देश दिया गया है, प्रशासन बाढ़ को लेकर अलर्ट है।
उमाशंकर, एडीएम
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कई दिनों के बाद सोमवार रात हुई बारिश से जिले की बूढ़ी राप्ती नदी ने रफ्तार पकड़ ली है। मात्र 16 घंटे में इसके जलस्तर में 121 सेमी वृद्धि हुई है। साथ ही नदी किनारे आठ स्थानों पर कटान तेज हो गई है, जिससे ग्रामीण सहमे हुए हैं। वहीं कूड़ा धीरे-धीरे बढ़ रही है, जबकि घोघी स्थिर बनी हुई है।
पिछले 15 दिनों से बारिश नहीं होने के कारण नदियों का जलस्तर नीचे पहुंच गया था। सोमवार रात हुई बारिश से बूढ़ी राप्ती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। सोमवार शाम चार बजे जलस्तर 82.060 मीटर था, जो मंगलवार सुबह आठ बजे बढ़कर 83.270 मीटर पर पहुंच गया। हालांकि यह अभी खतरे के निशान 85.650 मीटर से दो मीटर नीचे है, लेकिन जलस्तर बढ़ने के चलते जोगिया क्षेत्र में फत्तेपुर, झुनकी, टलडिहवा, खजुरडाड़ व अजगरा और उसका क्षेत्र में हथिवड़ताल में कटान तेज हो गई है। जिससे नदी किनारे के गांवों में लोग सहमे हुए हैं। उधर, राप्ती का जलस्तर सोमवार को बढ़ने के बाद स्थिर हो गया था, जो मंगलवार को धीरे-धीरे घटने लगा है। नेपाल में हुई बारिश के चलते बानगंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है।
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भयावह मंजर याद कर सहमे ग्रामीण
पिछले वर्ष सितंबर और अक्तूबर माह में आई बाढ़ से मची तबाही याद कर ग्रामीण सहमे हुए हैं। जोगिया कछार क्षेत्र निवासी पलटन का कहना है कि मानसून का पूरा सीजन जून, जुलाई और अगस्त माह बीतने के बाद भी पिछले वर्ष 2022 में सितंबर और अक्तूबर माह में बाढ़ आ गई थी। जिस कारण अभी भी खतरा टला नहीं है। बता दें कि पिछले वर्ष बाढ़ से राप्ती और बूढ़ी राप्ती किनारे बांध के टूटने के चलते 600 गांवों में तबाही मची थी। जिससे 19 लोगों की मौत हुई थी और 60 हजार हेक्टेयर फसल डूबने से नष्ट हो गई थी। साथ ही पांच लाख आबादी भी प्रभावित हुई थी, जिन्हें महीनों सांसत झेलनी पड़ी थी। यहां तक कि घर गिरने से कई लोग अब भी बाढ़ का दंश झेलने को मजबूर हैं।
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नदियां का जलस्तर (मीटर में)
नदी खतरे का स्तर सोमवार मंगलवार
राप्ती 84.900 82.140 81.980
बूढ़ी राप्ती 85.650 82.060 83.270
कूड़ा 83.520 79.050 79.390
घोघी 87.000 83.10 83.00
बानगंगा 93.420 93.10 93.20
बाढ़ से बचाव की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं, विभागीय अधिकारियों को लगातार निगरानी का निर्देश दिया गया है, प्रशासन बाढ़ को लेकर अलर्ट है।
उमाशंकर, एडीएम