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कलेक्ट्रेट परिसर में भिड़ गए भाकियू कार्यकर्ता
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 01 Sep 2016 10:48 PM IST
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आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर भाकियू ने घेरा थाना
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। कलेक्ट्रेट परिसर में गुरुवार को आयोजित जिला कमेटी की बैठक के दौरान भाकियू (अराजनैतिक) के दो गुटों में झड़प हो गई। तू-तू, मैं-मैं के बीच नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। एक-दूसरे के खिलाफ नारे लगाए गए। किसी तरह बीच-बचाव कर लोगों ने मामला शांत कराया। बाद में अलग-अलग बैठक कर दोनों गुुटों ने अगली रणनीति तैयार की। विवाद के चलते तनाव की स्थिति बनी रही।
भाकियू (अराजनैतिक) के जिला कमेटी की बैठक कलेक्ट्रेट परिसर में गुरुवार को आयोजित थी। बैठक में तब बखेड़ा हो गया जब बारी प्रेस विज्ञप्ति जारी करने की आई। एक गुट का आरोप था कि ऐसे लोगों के नाम विज्ञप्ति में लिखे गए हैं, जो बैठक में थे ही नहीं, जबकि उपस्थित सक्रिय कार्यकर्ताओं के नाम गायब हैं।
विवाद बढ़ा तो 28 अगस्त की बैठक का भी जिक्र आ गया। एक गुट का नेतृत्व कर रहे जिला संगठन मंत्री इंद्रजीत दुबे, रामसमुझ गुप्ता, भारत किसान, राजेश दुबे, कपिलमणि त्रिपाठी आदि का कहना था कि इश्तियाक अहमद को कार्यवाहक जिलाध्यक्ष बनाया गया था, जिसे 28 को हुई बैठक में मंडल पदाधिकारियों ने रद्द कर दिया था। ऐसे में उनके नेतृत्व में वह काम नहीं करेंगे। उधर, दूसरे गुट का कहना था कि इश्तियाक अहमद ही अध्यक्ष हैं। इसे लेकर दोनों गुटों में झड़प और नारेबाजी हुई।
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बीच-बचाव करते हुए अन्य कार्यकर्ताओं ने मामला शांत कराया। इस संबंध में इंद्रजीत का कहना था कि उनके खेमे के सभी पदाधिकारियों के साथ 5 सितंबर को बैठक कर अगली रणनीति बनाई जाएगी। उधर, इश्तियाक अहमद ने बताया कि बैठक की पूरी प्रक्रिया मंडल उपाध्यक्ष प्रदीप पांडेय व मोहम्मद रफीक की मौजूदगी में हुई। इंद्रजीत दुबे को अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है। सभी कार्यकर्ता एकजुटता के साथ हमारे नेतृत्व में संगठित हैं।
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भाकियू (अराजनैतिक) के जिला कमेटी की बैठक कलेक्ट्रेट परिसर में गुरुवार को आयोजित थी। बैठक में तब बखेड़ा हो गया जब बारी प्रेस विज्ञप्ति जारी करने की आई। एक गुट का आरोप था कि ऐसे लोगों के नाम विज्ञप्ति में लिखे गए हैं, जो बैठक में थे ही नहीं, जबकि उपस्थित सक्रिय कार्यकर्ताओं के नाम गायब हैं।
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विवाद बढ़ा तो 28 अगस्त की बैठक का भी जिक्र आ गया। एक गुट का नेतृत्व कर रहे जिला संगठन मंत्री इंद्रजीत दुबे, रामसमुझ गुप्ता, भारत किसान, राजेश दुबे, कपिलमणि त्रिपाठी आदि का कहना था कि इश्तियाक अहमद को कार्यवाहक जिलाध्यक्ष बनाया गया था, जिसे 28 को हुई बैठक में मंडल पदाधिकारियों ने रद्द कर दिया था। ऐसे में उनके नेतृत्व में वह काम नहीं करेंगे। उधर, दूसरे गुट का कहना था कि इश्तियाक अहमद ही अध्यक्ष हैं। इसे लेकर दोनों गुटों में झड़प और नारेबाजी हुई।
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बीच-बचाव करते हुए अन्य कार्यकर्ताओं ने मामला शांत कराया। इस संबंध में इंद्रजीत का कहना था कि उनके खेमे के सभी पदाधिकारियों के साथ 5 सितंबर को बैठक कर अगली रणनीति बनाई जाएगी। उधर, इश्तियाक अहमद ने बताया कि बैठक की पूरी प्रक्रिया मंडल उपाध्यक्ष प्रदीप पांडेय व मोहम्मद रफीक की मौजूदगी में हुई। इंद्रजीत दुबे को अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है। सभी कार्यकर्ता एकजुटता के साथ हमारे नेतृत्व में संगठित हैं।