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भाजपा कार्यकर्ताओं का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
ब्यूरो/ अमर उजाला, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 07 Jun 2016 12:04 AM IST
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कलेक्ट्रेट गेट के सामने प्रदर्शन करते भाजपा कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा में हुई जवाहर बाग घटना के विरोध में भाजपा कार्यकताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में राज्यपाल को संबोधित 11 सूत्रीय ज्ञापन डीएम को सौंपा।
जिलाध्यक्ष राम कुमार कुंवर ने कहा कि सत्याग्रह करने के नाम पर सरकारी जमीन पर कब्जा किया गया तो शासन-प्रशासन मूक दर्शक क्यों बना रहा। रामवृक्ष यादव, अपने समर्थकों के साथ कानून का मजाक उड़ाता रहा और उस पर कोई कार्रवाई समय रहते नहीं हुई।
सरकारी भवन पर कब्जा जमाए रहा और किसी अधिकारी की हिम्मत नहीं होती थी कि उससे बात कर सके। बिना शासन-प्रशासन के संरक्षण के वह इतनी बड़ी अराजकता फैलाने की हिम्मत नहीं जुटा सकता था। जवाहर बाग में जिस तरह के संसाधन जुटाए गए थे, वह हैरान करने वाले हैं।
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जिसका नतीजा यह रहा कि दो पुलिस अधिकारियों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी। यह घटना शासन प्रशासन के जिम्मेदारों की चूक को प्रदर्शित करने के लिए काफी है। ज्ञापन में शहीद हुए पुलिस अधिकारियों के परिजनों को एक करोड़ रूपये सरकारी सहायता देनें की मांग की गई।
इस दौरान राजेंद्र पांडेय, राजेश जायसवाल, श्यामसुंदर त्रिपाठी, गोविंद माधव, अशोक त्रिपाठी, संतोष श्रीवास्तव, सतीश चंद्र द्विवेदी, कन्हैया पासवान, दिलीप चतुर्वेदी, दीपक मौर्य, राघवेंद्र पांडेय, भुनेश्वर वर्मा, चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, हेमंत जायसवाल आदि मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष राम कुमार कुंवर ने कहा कि सत्याग्रह करने के नाम पर सरकारी जमीन पर कब्जा किया गया तो शासन-प्रशासन मूक दर्शक क्यों बना रहा। रामवृक्ष यादव, अपने समर्थकों के साथ कानून का मजाक उड़ाता रहा और उस पर कोई कार्रवाई समय रहते नहीं हुई।
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सरकारी भवन पर कब्जा जमाए रहा और किसी अधिकारी की हिम्मत नहीं होती थी कि उससे बात कर सके। बिना शासन-प्रशासन के संरक्षण के वह इतनी बड़ी अराजकता फैलाने की हिम्मत नहीं जुटा सकता था। जवाहर बाग में जिस तरह के संसाधन जुटाए गए थे, वह हैरान करने वाले हैं।
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जिसका नतीजा यह रहा कि दो पुलिस अधिकारियों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी। यह घटना शासन प्रशासन के जिम्मेदारों की चूक को प्रदर्शित करने के लिए काफी है। ज्ञापन में शहीद हुए पुलिस अधिकारियों के परिजनों को एक करोड़ रूपये सरकारी सहायता देनें की मांग की गई।
इस दौरान राजेंद्र पांडेय, राजेश जायसवाल, श्यामसुंदर त्रिपाठी, गोविंद माधव, अशोक त्रिपाठी, संतोष श्रीवास्तव, सतीश चंद्र द्विवेदी, कन्हैया पासवान, दिलीप चतुर्वेदी, दीपक मौर्य, राघवेंद्र पांडेय, भुनेश्वर वर्मा, चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, हेमंत जायसवाल आदि मौजूद रहे।