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Siddharthnagar News: पिछले चुनाव में नदारद थी साइकिल, इस बार पंजा मैदान से बाहर
Sun, 17 Mar 2024 10:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 17 Mar 2024 10:59 PM IST
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सिद्धार्थनगर। 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा से गठबंधन के चलते सपा का सिंबल साइकिल चुनाव मैदान से बाहर था। तो इस बार सपा से गठबंधन के चलते 2009 के चुनाव में जीत हासिल करने वाली कांग्रेस का सिंबल पंजा ईवीएम पर नहीं दिखेगा। गठबंधन की सियासत में चुनावी रणभूमि में किसी न किसी एक बड़ी पार्टी का चुनाव मैदान से बाहर रहना चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी को इंडिया गठबंधन की तरफ से सपा के उम्मीदवार का इंतजार है।
डुमरियागंज लोकसभा सीट के चुनावी इतिहास पर नजर दौड़ाए तो यहां हर चुनाव में बेहद रोचक और कांटे का टक्कर रहा। चुनाव परिणाम एकतरफा नहीं होने से प्रत्याशियों में अंतिम क्षण तक जीत-हार का असमंजस बना रहता है। 2019 के चुनाव में गठबंधन करने से सपा चुनाव मैदान में नहीं उतरी थी। यहां बसपा प्रत्याशी आफताब आलम चुनाव लड़कर दूसरे स्थान पर रहे। इस बार कांग्रेस से गठबंधन में यह सीट सपा को मिली है। इस सीट से सपा से 1996 में स्व. बृजभूषण तिवारी सांसद चुने गए थे, लेकिन बाद के चुनावों में सपा मुख्य लड़ाई में नहीं आ सकी।
हालांकि बृजभूषण तिवारी इससे पहले भी 1989 में जनता दल के सिंबल से चुनाव जीत चुके थे। उधर, 2009 के चुनाव में कांग्रेस से चुनाव जीतने वाले सांसद जगदंबिका पाल 2014 में पाला बदल कर भाजपा से चुनाव जीतने में सफल रहे। वह 2019 में भी भाजपा से जीतने के बाद भाजपा से ही तीसरी बार भी चुनाव मैदान में है।
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17 संसदीय चुनावों में सात बार जीती कांग्रेस
1952 से 2019 तक हुए लोकसभा के 17 चुनावों में डुमरियागंज सीट से कांग्रेस ने सात बार जीत हासिल की है। जबकि भाजपा पांच बार, जनसंघ, बीकेडी, जनता दल, सपा और बसपा ने सिर्फ एक-एक बार यहां से जीत का स्वाद चखा।
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डुमरियागंज लोकसभा सीट के चुनावी इतिहास पर नजर दौड़ाए तो यहां हर चुनाव में बेहद रोचक और कांटे का टक्कर रहा। चुनाव परिणाम एकतरफा नहीं होने से प्रत्याशियों में अंतिम क्षण तक जीत-हार का असमंजस बना रहता है। 2019 के चुनाव में गठबंधन करने से सपा चुनाव मैदान में नहीं उतरी थी। यहां बसपा प्रत्याशी आफताब आलम चुनाव लड़कर दूसरे स्थान पर रहे। इस बार कांग्रेस से गठबंधन में यह सीट सपा को मिली है। इस सीट से सपा से 1996 में स्व. बृजभूषण तिवारी सांसद चुने गए थे, लेकिन बाद के चुनावों में सपा मुख्य लड़ाई में नहीं आ सकी।
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हालांकि बृजभूषण तिवारी इससे पहले भी 1989 में जनता दल के सिंबल से चुनाव जीत चुके थे। उधर, 2009 के चुनाव में कांग्रेस से चुनाव जीतने वाले सांसद जगदंबिका पाल 2014 में पाला बदल कर भाजपा से चुनाव जीतने में सफल रहे। वह 2019 में भी भाजपा से जीतने के बाद भाजपा से ही तीसरी बार भी चुनाव मैदान में है।
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17 संसदीय चुनावों में सात बार जीती कांग्रेस
1952 से 2019 तक हुए लोकसभा के 17 चुनावों में डुमरियागंज सीट से कांग्रेस ने सात बार जीत हासिल की है। जबकि भाजपा पांच बार, जनसंघ, बीकेडी, जनता दल, सपा और बसपा ने सिर्फ एक-एक बार यहां से जीत का स्वाद चखा।