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Siddharthnagar News: बाबू ने प्रमुख सचिव से मांग लिया मार्गदर्शन, डीएम ने मांगा जवाब
Wed, 20 Dec 2023 02:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 20 Dec 2023 02:05 AM IST
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सिद्धार्थनगर। भूमि अध्याप्ति अधिकारी (एसएलओ) कार्यालय में कार्यरत एक बाबू ने उच्चाधिकारियों को गुमराह कर प्रमुख सचिव को पत्र भेज मार्गदर्शन मांग लिया। उसने ऐसे एक व्यक्ति का मुआवजा का भुगतान टालने के लिए की थी। मामला संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने उसे नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा है, साथ ही कार्रवाई की चेतावनी दी है।
कलक्ट्रेट स्थित एसएलओ कार्यालय में विभिन्न सरकारी परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का मुआवजा दिए जाने का कार्य होता है। वर्तमान में एसएलओ का चार्ज एडीएम उमाशंकर के पास है। एक परियोजना में अधिग्रहित हो रही भूमि का मुआवजा भूस्वामी को दिए जाने के लिए एबार्ड की प्रक्रिया चल रही थी, जिसमें भूस्वामी को मुआवजा दिए जाने की प्रक्रिया लटकाने के लिए यहां कार्यरत बाबू विकास शर्मा ने एडीएम को गुमराह कर उनके हस्ताक्षर से शासन में प्रमुख सचिव राजस्व को पत्र भेज मार्गदर्शन मांग लिया। पूछताछ में बाबू ने अधिकारियों को बताया कि वह व्यक्ति विशेष के दबाव में आकर प्रमुख सचिव को पत्र भेजा है। इसकी जानकारी होने पर डीएम ने संबंधित बाबू को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा है।
उन्होंने बाबू को भेजे नोटिस में कहा है कि बिना उनके संज्ञान में लाए पत्र क्यों भेजा गया? अगर इस मामले में शासन स्तर से कोई मार्गदर्शन अपेक्षित था, तो सक्षम अधिकारी अथवा उनके माध्यम से पत्र भेजा जाना चाहिए। परंतु शासकीय कार्य में कदाचार करने का प्रयास किया गया। जो कर्मचारी के आचरण नियमावली के विरुद्ध है। यह कार्य अनुशासनात्मक एवं आपराधिक के तहत दंडनीय है। साथ ही इस पत्र की नोटशीट भी पत्रावली में संरक्षित नहीं है। उन्होंने समस्त बिंदुओं पर तथ्य सहित स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
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पहले भी चर्चाओं में रहा है एसएलओ कार्यालय
मुआवजा धनराशि में हेरफेर करने और भूस्वामियों को उलझाकर वसूली करने के मामले में एसएलओ कार्यालय पहले भी चर्चा में रह चुका है। इस कार्यालय में कार्यरत एक बाबू एक मामले में धन उगाही करते रंगेहाथ पकड़ाया था। जिसे जेल भी जाना पड़ा था। वर्तमान में खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन बिछाने के लिए किसानों से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इससे पहले इंडो-नेपाल सीमा सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजा वितरण में कई किसानों ने अनियमितता का आरोप लगाया था।
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वर्जन
एसएलओ कार्यालय के बाबू ने प्रमुख सचिव को पत्र भेजकर मार्गदर्शन मांग लिया था। यह मामला संज्ञान में आया तो बाबू से स्पष्टीकरण मांगा गया है। कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
-पवन अग्रवाल, जिलाधिकारी
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कलक्ट्रेट स्थित एसएलओ कार्यालय में विभिन्न सरकारी परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का मुआवजा दिए जाने का कार्य होता है। वर्तमान में एसएलओ का चार्ज एडीएम उमाशंकर के पास है। एक परियोजना में अधिग्रहित हो रही भूमि का मुआवजा भूस्वामी को दिए जाने के लिए एबार्ड की प्रक्रिया चल रही थी, जिसमें भूस्वामी को मुआवजा दिए जाने की प्रक्रिया लटकाने के लिए यहां कार्यरत बाबू विकास शर्मा ने एडीएम को गुमराह कर उनके हस्ताक्षर से शासन में प्रमुख सचिव राजस्व को पत्र भेज मार्गदर्शन मांग लिया। पूछताछ में बाबू ने अधिकारियों को बताया कि वह व्यक्ति विशेष के दबाव में आकर प्रमुख सचिव को पत्र भेजा है। इसकी जानकारी होने पर डीएम ने संबंधित बाबू को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा है।
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उन्होंने बाबू को भेजे नोटिस में कहा है कि बिना उनके संज्ञान में लाए पत्र क्यों भेजा गया? अगर इस मामले में शासन स्तर से कोई मार्गदर्शन अपेक्षित था, तो सक्षम अधिकारी अथवा उनके माध्यम से पत्र भेजा जाना चाहिए। परंतु शासकीय कार्य में कदाचार करने का प्रयास किया गया। जो कर्मचारी के आचरण नियमावली के विरुद्ध है। यह कार्य अनुशासनात्मक एवं आपराधिक के तहत दंडनीय है। साथ ही इस पत्र की नोटशीट भी पत्रावली में संरक्षित नहीं है। उन्होंने समस्त बिंदुओं पर तथ्य सहित स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
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पहले भी चर्चाओं में रहा है एसएलओ कार्यालय
मुआवजा धनराशि में हेरफेर करने और भूस्वामियों को उलझाकर वसूली करने के मामले में एसएलओ कार्यालय पहले भी चर्चा में रह चुका है। इस कार्यालय में कार्यरत एक बाबू एक मामले में धन उगाही करते रंगेहाथ पकड़ाया था। जिसे जेल भी जाना पड़ा था। वर्तमान में खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन बिछाने के लिए किसानों से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इससे पहले इंडो-नेपाल सीमा सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजा वितरण में कई किसानों ने अनियमितता का आरोप लगाया था।
वर्जन
एसएलओ कार्यालय के बाबू ने प्रमुख सचिव को पत्र भेजकर मार्गदर्शन मांग लिया था। यह मामला संज्ञान में आया तो बाबू से स्पष्टीकरण मांगा गया है। कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
-पवन अग्रवाल, जिलाधिकारी