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Siddharthnagar News: आशा बहुएं गर्भवती महिलाओं की सेहत की नियमित करें जांच
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भनवापुर क्षेत्र के सीएचसी सिरसिया में आयोजित क्लस्टर बैठक में जानकारी देते अधीक्षक। स्रोत विज्ञ
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संवाद न्यूज एजेंसी
भनवापुर। क्षेत्र सीएचसी सिरसिया में मंगलवार को एएनएम, संगिनी व आशाओं की क्लस्टर बैठक आयोजित की गई। अधीक्षक ने समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि आशा बहुएं योग्य दंपती महिलाओं के घर जाकर अंतिम मासिक तिथि अपडेट करें। ताकि गर्भवतियों का पंजीकरण एक माह सात दिन के भीतर किया जा सके तथा खाने के लिए फोलिक एसिड की गोली उपलब्ध करवाई जा सके।
उन्होंने बताया कि प्रथम त्रिमास में फोलिक एसिड टैबलेट खाने से नवजात शिशु को न्यूरोलॉजिकल परेशानी से बचाया जा सकता है। अधीक्षक ने एएनएम को निर्देशित किया कि गर्भावस्था के दौरान कम से कम चार बार प्रसव पूर्व जांच जरूर करें तथा गर्भवती महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित अभियान में हेल्थ चेकअप के लिए प्रेरित करें, जिससे समय रहते उच्च जोखिम के लक्षण की पहचान की जा सके तथा चिकित्सीय इलाज के द्वारा जच्चा व बच्चे को सुरक्षित किया जा सके, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य में नहीं की जाएगी।
एचईओ राजीव त्रिपाठी तथा बीसीपीएम मेराज अहमद ने कहा कि आशा बहुएं नवजात शिशु देखभाल कार्यक्रम के तहत 42 दिन में सात बार प्रसूता के घर पहुंचकर नवजात शिशु व प्रसूता की स्वास्थ्य संबंधित जानकारी लें।
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भनवापुर। क्षेत्र सीएचसी सिरसिया में मंगलवार को एएनएम, संगिनी व आशाओं की क्लस्टर बैठक आयोजित की गई। अधीक्षक ने समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि आशा बहुएं योग्य दंपती महिलाओं के घर जाकर अंतिम मासिक तिथि अपडेट करें। ताकि गर्भवतियों का पंजीकरण एक माह सात दिन के भीतर किया जा सके तथा खाने के लिए फोलिक एसिड की गोली उपलब्ध करवाई जा सके।
उन्होंने बताया कि प्रथम त्रिमास में फोलिक एसिड टैबलेट खाने से नवजात शिशु को न्यूरोलॉजिकल परेशानी से बचाया जा सकता है। अधीक्षक ने एएनएम को निर्देशित किया कि गर्भावस्था के दौरान कम से कम चार बार प्रसव पूर्व जांच जरूर करें तथा गर्भवती महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित अभियान में हेल्थ चेकअप के लिए प्रेरित करें, जिससे समय रहते उच्च जोखिम के लक्षण की पहचान की जा सके तथा चिकित्सीय इलाज के द्वारा जच्चा व बच्चे को सुरक्षित किया जा सके, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य में नहीं की जाएगी।
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एचईओ राजीव त्रिपाठी तथा बीसीपीएम मेराज अहमद ने कहा कि आशा बहुएं नवजात शिशु देखभाल कार्यक्रम के तहत 42 दिन में सात बार प्रसूता के घर पहुंचकर नवजात शिशु व प्रसूता की स्वास्थ्य संबंधित जानकारी लें।
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