फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Antigen test kit was saved by playing in the investigation

जांच में खेल से बचा रहते थे एंटीजन टेस्ट किट

Thu, 17 Jun 2021 10:21 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 17 Jun 2021 10:21 PM IST
विज्ञापन
Antigen test kit was saved by playing in the investigation
जांच में खेल कर बचा रहे थे एंटीजन टेस्ट किट
विज्ञापन

दो हजार एंटीजन जांच किट की कालाबाजारी करने के मामले की जांच जारी
एसओजी की टीम ने चार स्वास्थ्य कर्मियों को किट के साथ किया था गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। एंटीजन टेस्ट किट की हेराफेरी करने के मामले में जांच जारी है। चार स्वास्थ्यकर्मी जेल जा चुके हैं। अभी कुछ लोग संदेह के घेरे में हैं, जिन पर पुलिस टीम की नजर है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोगों का मानना है कि कोरोना जांच में खेल करते हुए रिपोर्ट में हेराफेरी करके ही एंटीजन टेस्ट किट छुपाते थे।
दरअसल कोरोना जांच के लिए आने वाली एंटीजन टेस्ट किट को बेचने वाले गिरोह के चार सदस्यों को डीएम के निर्देशन में गठित प्रशासनिक और एसओजी की संयुक्त टीम ने दो दिन पूर्व गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से दो हजार एंटीजन टेस्ट किट बरामद हुआ। पूछताछ में पटना में बेचने की बात सामने आई थी। मामला सामने आने के बाद हड़कंप मचा और आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग ने भी जांच शुरू कर दी। मगर जो तथ्य सामने आ रहे हैं, उससे यह स्पष्ट है कि किट को यह गिरोह लंबे दिनों से जुटा रहे थे। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोगों की माने तो एक बार में जांच के लिए एक कर्मी को केवल 100 किट दिया जाता है। साथ ही आरटीपीसीआर किट भी दी जाती है। ऐसे में चार लोग एक दिन में दो हजार किट कहीं से नहीं निकाल सकते हैं। इसे एकत्र करने में उन्हें समय लगा होगा। साथ ही योजनाबद्ध तरीके से इस खेल को अंजाम दिया गया है, जिससे पकड़ में न आएं। अभी तक चले जांच में स्टॉक में गड़बड़ी की बात सामने नहीं आई है। अगर सब कुछ सही है तो सवाल यह है कि किट आई कहां से। एसपी रामअभिलाष त्रिपाठी ने बताया कि मामले की जांच जारी है। टीम लगी हुई है, हर बिंदुओं पर जांच की जा रही है। वहीं सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि जांच के लिए टीम बनी है। जांच जहां से गड़बड़ी मिलेगी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

गड़बड़ी करने की तरीका
स्वास्थ्य विभाग के जानकारों की माने तो सामान्य व्यक्ति जिसमें हल्का कोरोना का लक्षण होता है, उसकी जांच एंटीजन से की जाती है। वहीं जिसकी हालात खराब रहती है या फिर एंटीजन में रिपोर्ट नहीं आने पर आरटीपीसीआर की जांच होती है। मगर कालाबाजारी करने के लिए जांच में एंटीजन के बजाए आरटीपीसीआर जांच की गई होगा। रिपोर्ट में दो जांच दिखाकर एंटीजन किट बचा लिया गया होगा। इस प्रकार से किट को बचाकर बेचने काम किया किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसलिए एंटीजन टेस्ट किट को बेचना सुरक्षित
स्वास्थ्य कर्मियों ने इसलिए एंटीजन को बेचने की योजना तैयार किया कि उसने में तत्काल रिपोर्ट मिल जाती है। जब महामारी चरम पर थी जो जांच के लिए मारामारी थी। एंटीजन जांच किसी लैब में भेजने की जरूरत नहीं पड़ती है और तत्काल रिपोर्ट मिल जाती है। जबकि आरटीपीसीआर जांच सरकारी अस्पताल वह भी गोरखपुर, लखनऊ, बनारस आदि स्थानों पर होता। आरटीपीसीआर किट चोरी करते तो उसका कोई फायदा उन्हें नहीं होता, क्योंकि सैंपल के बाद जांच का कोई साधन नहीं है। इसलिए एंटीजन किट को बेचने का काम शुरू किया जो आसानी से संभव था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed