{"_id":"6446c295bc25ee642f096cab","slug":"annual-urs-was-organized-on-monday-at-the-tomb-of-makhdum-shah-baba-located-at-village-vasa-dargah-of-tehsil-area-siddharthnagar-news-c-7-1-138364-2023-04-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिद्धार्थनगर : अकीदतमंदों ने मजार पर चादर चढ़ा कर फातिहा पढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिद्धार्थनगर : अकीदतमंदों ने मजार पर चादर चढ़ा कर फातिहा पढ़ी
Mon, 24 Apr 2023 11:25 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 24 Apr 2023 11:25 PM IST
विज्ञापन
वासा दरगाह में आयोजित उर्स में चादर चढ़ाते हुए अकीदतमंद।
डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर)। तहसील क्षेत्र के ग्राम वासा दरगाह स्थित मखदूम शाह बाबा की मजार पर सोमवार को सालाना उर्स का आयोजन किया गया। भारी संख्या में आए अकीदतमंदों ने मजार पर माथा टेका। लोगों ने मजार पर चादर चढ़ाकर, फातिहा पढ़ खुशहाली और तरक्की की दुआ मांगी।
उर्स की शुरुआत कलाम पाक की तिलावत और गुस्ल के साथ हुई और उसके बाद मजार के सज्जादानशीन मुतवल्ली काजी मो. मदनी फिरदौसी ने कमेटी के पदाधिकारियों के साथ सामूहिक रूप से चादर चढ़ाकर फातिहा पढ़ी। कव्वाल अतीक सुहेल, इमरान वारसी और माजिद की टीम ने मखदूम शाह बाबा की शान में कव्वाली पेश कर श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी। बच्चों के लिए मनोरंजन के लिए यहां झूला लगाया गया था, साथ ही खिलौना, मिठाई, बर्तन आदि की दुकानों पर लोग खरीदारी करते नजर आए। इस दौरान इंजी. इमरान लतीफ, अमजद मुख्तार, काजी अरशद, हबीब काजी, फैसल काजी, अनवर, इमरान हुसैन, काजी अहमद मुख्तार, काजी काशिफ आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
उर्स की शुरुआत कलाम पाक की तिलावत और गुस्ल के साथ हुई और उसके बाद मजार के सज्जादानशीन मुतवल्ली काजी मो. मदनी फिरदौसी ने कमेटी के पदाधिकारियों के साथ सामूहिक रूप से चादर चढ़ाकर फातिहा पढ़ी। कव्वाल अतीक सुहेल, इमरान वारसी और माजिद की टीम ने मखदूम शाह बाबा की शान में कव्वाली पेश कर श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी। बच्चों के लिए मनोरंजन के लिए यहां झूला लगाया गया था, साथ ही खिलौना, मिठाई, बर्तन आदि की दुकानों पर लोग खरीदारी करते नजर आए। इस दौरान इंजी. इमरान लतीफ, अमजद मुख्तार, काजी अरशद, हबीब काजी, फैसल काजी, अनवर, इमरान हुसैन, काजी अहमद मुख्तार, काजी काशिफ आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन