{"_id":"69274bd822a3351097030e34","slug":"alam-procession-taken-out-in-memory-of-fatimas-martyrdom-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-148807-2025-11-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: फातिमा की शहादत की याद में निकाला अलम का मातमी जुलूस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: फातिमा की शहादत की याद में निकाला अलम का मातमी जुलूस
Thu, 27 Nov 2025 12:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 27 Nov 2025 12:20 AM IST
विज्ञापन
डुमरियागंज। पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब की इकलौती बेटी फातिमा जेहरा की शहादत दिवस के अवसर पर मंगलवार की रात शिया बाहुल्य कस्बा हल्लौर में अलम का जुलूस निकाला गया। इसमे भारी संख्या में अकीदतमंदों ने नौहा पढ़कर मातम किया। हर तरफ हाय सैय्यदा, हाय जेहरा की दर्द भरी आवाज बुलंद होती रही।
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कस्बा हल्लौर स्थित इमामबारगाह वक्फ शाह आलमगीर सानी में मंगलवार की रात मर्सिया-मजलिस आयोजित की गई। मजलिस को जाकिर जमाल हैदर करबलाई ने संबोधित कर फातिमा जेहरा की शहादत का वाकया विस्तार से बयान किया, जिसे सुनकर मजलिस में मौजूद अकीदतमंद हाय जेहरा की सदा बुलंद कर रो पडे़।
मजलिस से पहले मर्सिया अंबर मेहंदी और उनके सहयोगी ने पढ़ा, जिसके बाद इमामबारगाह से अलम का जुलूस निकाला गया। नौहा-मातम के साथ दरगाह हजरत अब्बास, जन्नतुलबकी होते हुए कर्बला पर पहुंचा, जहां पर फातिमा जेहरा के रौजे पर मर्सिया मजलिस आयोजित की गई। मर्सियाख्वानी हैदरे कर्रार और उनके सहयोगी ने पढ़ी। मजलिस को जमाल हैदर करबलाई ने संबोधित किया। मजलिस के बाद नफीस हल्लौरी, कामयाब बब्लू, सावन हल्लौरी, सज्जाद, लकी, मोहम्मद हैदर आदि ने नौहाख्वानी की, जिस पर अकीदतमंदों ने मातम किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कस्बा हल्लौर स्थित इमामबारगाह वक्फ शाह आलमगीर सानी में मंगलवार की रात मर्सिया-मजलिस आयोजित की गई। मजलिस को जाकिर जमाल हैदर करबलाई ने संबोधित कर फातिमा जेहरा की शहादत का वाकया विस्तार से बयान किया, जिसे सुनकर मजलिस में मौजूद अकीदतमंद हाय जेहरा की सदा बुलंद कर रो पडे़।
विज्ञापन
मजलिस से पहले मर्सिया अंबर मेहंदी और उनके सहयोगी ने पढ़ा, जिसके बाद इमामबारगाह से अलम का जुलूस निकाला गया। नौहा-मातम के साथ दरगाह हजरत अब्बास, जन्नतुलबकी होते हुए कर्बला पर पहुंचा, जहां पर फातिमा जेहरा के रौजे पर मर्सिया मजलिस आयोजित की गई। मर्सियाख्वानी हैदरे कर्रार और उनके सहयोगी ने पढ़ी। मजलिस को जमाल हैदर करबलाई ने संबोधित किया। मजलिस के बाद नफीस हल्लौरी, कामयाब बब्लू, सावन हल्लौरी, सज्जाद, लकी, मोहम्मद हैदर आदि ने नौहाख्वानी की, जिस पर अकीदतमंदों ने मातम किया।
विज्ञापन