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अहिरौली हत्याकांड : कॉल डिटेल से बदल गई जांच की दिशा
Mon, 09 Oct 2023 11:05 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 09 Oct 2023 11:05 PM IST
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- गवाहों के बयान पूरे, बहस के बाद अब फैसले पर टिकी परिवार की निगाह
- नौ जून 2017 की रात में चिल्हिया थाना क्षेत्र अहिरौली गांव में खेत में की गई थी युवक की हत्या
- विवेचना में मोबाइल सीडीआर से सच आया था सामने, आशनाई के संदेह में की गई थी हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। चिल्हिया थाना क्षेत्र के अहिरौली गांव में नौ जून 2017 को धारदार हथियार से हुई राजबहादुर उर्फ गुड्डू हत्याकांड में गवाहों के बयान हो चुके हैं। बहस के साथ ही जल्द ही फैसला आएगा। इस हत्याकांड में मृतक के मोबाइल पर हुई बात ने पुख्ता कर दिया था कि आशनाई के संदेह में इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। विवेचक की ओर से दिए गए साक्ष्य के बाद केस की दिशा बदल गई है। वहीं, गवाहों के बयान होने के बाद पीड़ित परिवार फैसला आने के इंतजार में है। उनका कहना है कि उन्हें न्यायिक व्यवस्था पर पूर्ण भरोसा है।
अहिरौली हत्याकांड में मृत युवक के आसपास ही कातिल टहल रहे थे। इस कारण उनके ऊपर किसी को शक नहीं हो रहा था। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मोबाइल कॉल डिटेल से जांच की दिशा बदल गई। इसमें महिला की साजिश भी पकड़ी गई। हत्या होने के बाद केस किस तरफ जाएगा, यह किसी को पता नहीं था। शक और संदेह के बीच गिरफ्तारी और अलग-अलग पूछताछ में आरोपी ने घटना कारित करने की बात कुबूल कर ली। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गंभीर धारदार हथियार से हमला करने की बात सामने आई थी। पुलिस ने साक्ष्य संकलन का कार्य आगे बढ़ाया और कत्ल में प्रयोग फावड़ा और गड़ासा बरामद किया। यह पुलिस की विवेचना का हिस्सा बना। इसके साथ ही केस को तब और मजबूती मिल गई, जब मोबाइल फोन पर हुई आखिरी कॉल के बारे में जानकारी मिली।
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इसमें पाया गया कि महिला से बात हुई थी। आशनाई के मामले में हत्यारोपी पीछा करते हुए मृतक के पास गए और हत्या कर दी। इस कॉल से केस की दिशा बदल गई और केस को मजबूती मिल गई।
यह थी घटना
चिल्हिया थाना क्षेत्र के अहिरौली गांव निवासी राजबहादुर उर्फ गुड्डू पुत्र गोमती यादव नौ जून की शाम को घर से बाइक से गांव के चौराहे पर निकला था। गांव के ही एक युवक को उसने बाइक दे दी और कहा कि हम अभी लौटकर आएंगे। परिजनों ने खोजबीन शुरू की, मोबाइल पर कॉल किया तो नंबर बंद आने लगा। रात में खोजबीन करने के बाद परिवार के लोग सुबह के इंतजार में लग गए। इधर, सुबह गांव से दूर खेत में पुआल के ढेर के पास खून से सना हुआ ग्रामीणों ने उसका शव देखा।
इस बात की जानकारी होने के बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे तो लाश के पास खून फैले होने के निशान मिले और कपड़े खून से सने हुए थे। शरीर पर कई जगह धारदार हथियार से हमला किया गया था। इस मामले में पुलिस ने मृतक के भाई पिंटू यादव की तहरीर के आधार पर गांव के ही गोविंद यादव और राजकुमार उर्फ महतो के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करके जेल भेज दिया गया था। इस मामले में गवाहों के बयान हो चुके हैं। बहस के साथ ही जल्द ही फैसला आने की उम्मीद है।
मृतक के भाई की तहरीर पर दर्ज हुआ था केस
मृतक के भाई पिंटू यादव ने तहरीर दी थी। उनकी तहरीर के आधार पर हत्या सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ था। सनसनी फैला देने वाले इस हत्याकांड में आठ थानों की पुलिस के अलावा पीएसी लगा दी गई थी। यह ऐसा उलझाऊ केस था कि पुलिस दिशा ही नहीं पा रही थी। कारण हत्यारोपी कहीं गए नहीं थे। वे घर पर और सामान्य स्थिति में थे। इससे किसी को शक ही नहीं हो रहा था कि इन्होंने ही वारदात को अंजाम दिया था। लेकिन पुलिस ने जब केस पर काम किया और शक में उठाया तो पूछताछ में आरोपियों ने हत्या करने की बात को स्वीकार करते हुए पुख्ता कर दिया था। मृतक के भाई पिंटू ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है कि उन्हें इंसाफ मिलेगा।
बोले अधिवक्ता
अहिरौली में हुए राजबहादुर उर्फ गुड्डू हत्याकांड में गवाहों के बयान हो चुके हैं। बहस भी पूरी हो चुकी है। जल्द ही मामले में फैसला आने की उम्मीद है।
-राजेश कुमार त्रिपाठी, शासकीय अधिवक्ता, जनपद न्यायालय सिद्धार्थनगर
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- नौ जून 2017 की रात में चिल्हिया थाना क्षेत्र अहिरौली गांव में खेत में की गई थी युवक की हत्या
- विवेचना में मोबाइल सीडीआर से सच आया था सामने, आशनाई के संदेह में की गई थी हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। चिल्हिया थाना क्षेत्र के अहिरौली गांव में नौ जून 2017 को धारदार हथियार से हुई राजबहादुर उर्फ गुड्डू हत्याकांड में गवाहों के बयान हो चुके हैं। बहस के साथ ही जल्द ही फैसला आएगा। इस हत्याकांड में मृतक के मोबाइल पर हुई बात ने पुख्ता कर दिया था कि आशनाई के संदेह में इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। विवेचक की ओर से दिए गए साक्ष्य के बाद केस की दिशा बदल गई है। वहीं, गवाहों के बयान होने के बाद पीड़ित परिवार फैसला आने के इंतजार में है। उनका कहना है कि उन्हें न्यायिक व्यवस्था पर पूर्ण भरोसा है।
अहिरौली हत्याकांड में मृत युवक के आसपास ही कातिल टहल रहे थे। इस कारण उनके ऊपर किसी को शक नहीं हो रहा था। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मोबाइल कॉल डिटेल से जांच की दिशा बदल गई। इसमें महिला की साजिश भी पकड़ी गई। हत्या होने के बाद केस किस तरफ जाएगा, यह किसी को पता नहीं था। शक और संदेह के बीच गिरफ्तारी और अलग-अलग पूछताछ में आरोपी ने घटना कारित करने की बात कुबूल कर ली। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गंभीर धारदार हथियार से हमला करने की बात सामने आई थी। पुलिस ने साक्ष्य संकलन का कार्य आगे बढ़ाया और कत्ल में प्रयोग फावड़ा और गड़ासा बरामद किया। यह पुलिस की विवेचना का हिस्सा बना। इसके साथ ही केस को तब और मजबूती मिल गई, जब मोबाइल फोन पर हुई आखिरी कॉल के बारे में जानकारी मिली।
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इसमें पाया गया कि महिला से बात हुई थी। आशनाई के मामले में हत्यारोपी पीछा करते हुए मृतक के पास गए और हत्या कर दी। इस कॉल से केस की दिशा बदल गई और केस को मजबूती मिल गई।
यह थी घटना
चिल्हिया थाना क्षेत्र के अहिरौली गांव निवासी राजबहादुर उर्फ गुड्डू पुत्र गोमती यादव नौ जून की शाम को घर से बाइक से गांव के चौराहे पर निकला था। गांव के ही एक युवक को उसने बाइक दे दी और कहा कि हम अभी लौटकर आएंगे। परिजनों ने खोजबीन शुरू की, मोबाइल पर कॉल किया तो नंबर बंद आने लगा। रात में खोजबीन करने के बाद परिवार के लोग सुबह के इंतजार में लग गए। इधर, सुबह गांव से दूर खेत में पुआल के ढेर के पास खून से सना हुआ ग्रामीणों ने उसका शव देखा।
इस बात की जानकारी होने के बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे तो लाश के पास खून फैले होने के निशान मिले और कपड़े खून से सने हुए थे। शरीर पर कई जगह धारदार हथियार से हमला किया गया था। इस मामले में पुलिस ने मृतक के भाई पिंटू यादव की तहरीर के आधार पर गांव के ही गोविंद यादव और राजकुमार उर्फ महतो के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करके जेल भेज दिया गया था। इस मामले में गवाहों के बयान हो चुके हैं। बहस के साथ ही जल्द ही फैसला आने की उम्मीद है।
मृतक के भाई की तहरीर पर दर्ज हुआ था केस
मृतक के भाई पिंटू यादव ने तहरीर दी थी। उनकी तहरीर के आधार पर हत्या सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ था। सनसनी फैला देने वाले इस हत्याकांड में आठ थानों की पुलिस के अलावा पीएसी लगा दी गई थी। यह ऐसा उलझाऊ केस था कि पुलिस दिशा ही नहीं पा रही थी। कारण हत्यारोपी कहीं गए नहीं थे। वे घर पर और सामान्य स्थिति में थे। इससे किसी को शक ही नहीं हो रहा था कि इन्होंने ही वारदात को अंजाम दिया था। लेकिन पुलिस ने जब केस पर काम किया और शक में उठाया तो पूछताछ में आरोपियों ने हत्या करने की बात को स्वीकार करते हुए पुख्ता कर दिया था। मृतक के भाई पिंटू ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है कि उन्हें इंसाफ मिलेगा।
बोले अधिवक्ता
अहिरौली में हुए राजबहादुर उर्फ गुड्डू हत्याकांड में गवाहों के बयान हो चुके हैं। बहस भी पूरी हो चुकी है। जल्द ही मामले में फैसला आने की उम्मीद है।
-राजेश कुमार त्रिपाठी, शासकीय अधिवक्ता, जनपद न्यायालय सिद्धार्थनगर