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किसानों को सिखाया अरहर की खेती का गुर
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किसानों को सिखाया अरहर की खेती का गुर
- क्षेत्र के भरवठिया मुस्तहकम में पंक्तिबद्ध कराई अरहर की बिजाई
संवाद न्यूज एजेंसी
मन्नीजोत। बृहस्पतिवार को कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि वैज्ञानिकों ने भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र के भरवठिया मुस्ताकम गांव में फील्ड विजिट करके किसानों को अरहर की बुवाई वैज्ञानिक विधि से कराई गई।
कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. एलसी वर्मा ने अरहर की बुवाई पंक्ति से पंक्ति की दूरी 75 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 25 सेंटीमीटर पर बुवाई करने की सलाह दी। फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप कुमार ने अरहर की बुवाई राइजोबियम कल्चर से उपचारित करने के बाद ही बुवाई करने की सलाह दी। कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर एसएन सिंह ने किसानों को सलाह दी कि दलहनी फसलों की बुवाई ऊंची भूमि में और जलनिकासी युक्त खेतों में करें जिससे अधिक पानी लगने के खतरों से बचा जा सके। किसान एहसान अहमद, इकबाल कादरी, हुसैन, रामचरण यादव और लल्लन यादव उपस्थित रहे।
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- क्षेत्र के भरवठिया मुस्तहकम में पंक्तिबद्ध कराई अरहर की बिजाई
संवाद न्यूज एजेंसी
मन्नीजोत। बृहस्पतिवार को कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि वैज्ञानिकों ने भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र के भरवठिया मुस्ताकम गांव में फील्ड विजिट करके किसानों को अरहर की बुवाई वैज्ञानिक विधि से कराई गई।
कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. एलसी वर्मा ने अरहर की बुवाई पंक्ति से पंक्ति की दूरी 75 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 25 सेंटीमीटर पर बुवाई करने की सलाह दी। फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप कुमार ने अरहर की बुवाई राइजोबियम कल्चर से उपचारित करने के बाद ही बुवाई करने की सलाह दी। कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर एसएन सिंह ने किसानों को सलाह दी कि दलहनी फसलों की बुवाई ऊंची भूमि में और जलनिकासी युक्त खेतों में करें जिससे अधिक पानी लगने के खतरों से बचा जा सके। किसान एहसान अहमद, इकबाल कादरी, हुसैन, रामचरण यादव और लल्लन यादव उपस्थित रहे।
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