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आधार लिंक नहीं तो धान बेचने से वंचित होंगे किसान
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आधार लिंक नहीं तो धान बेचने से वंचित होंगे किसान
पंजीकरण के दौरान आधार से मोबाइल नंबर लिंक होना है अनिवार्य
खाद्य विभाग की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन के लिए किसानों को लगानी होगी खतौनी और आधारकार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। धान खरीद के लिए शासन की ओर से क्रय नीति जारी कर दी गई है। इसके तहत किसानों का धान पॉस मशीन के माध्यम से खरीदा जाएगा। धान बेचने के लिए किसानों को आधार के माध्यम से विभाग की वेबसाइट पर अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। ऑनलाइन टोकन प्राप्त करने के बाद किसान अपना धान क्रय केन्द्रों पर बेच सकेंगे। इस नए नियम से कई धान बेचने से वंचित रह जाएंगे। अधिकांश किसानों का मोबाइल आधार से लिंक नहीं है।
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में जहां बाढ़ का प्रभाव नहीं था। वहां इस साल अभी तक किसानों की धान की फसल ठीक-ठाक है। पैदावार भी अच्छी होने की उम्मीद है। शासन ने धान का मूल्य पिछले साल के अपेक्षा 72 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ा दिया है। इससे इस साल सरकारी क्रय केन्द्रों पर धान की खरीद 1940 रुपये प्रति क्विंटल की दर से होगी। जबकि पिछले साल धान का मूल्य 1868 रुपये निर्धारित था। किसानों का धान खरीदने के लिए क्रय नीति जारी कर दी गई है। किसान निरंजन दुबे, वीरेन्द्र, ऐश मोहम्मद आदि ने बताया कि मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है। कई लोगों का तो मोबाइल नंबर भी बदल गया है। ऐसे में पंजीकरण कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। डुमरियागंज के एसएमआई उबैदुल्लाह ने बताया कि किसानों को अपना धान बेचने के लिए खाद्य विभाग की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। जिसके लिए खतौनी, खाता संख्या के साथ आधारकार्ड भी लगेगा। धान खरीद ई-पॉस मशीन के माध्यम से की जाएगी। शासन ने बिचौलियों के माध्यम से होने वाली धान खरीद पर रोक लगाने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। पिछले साल कागज में दो लाख से अधिक धान बेचने वाले किसानों का राशनकार्ड निरस्त कर दिया है। किसानों को इस साल धान बेचने के लिए ऑनलाइन टोकन भी जेनरेट करना होगा। किसानों का रजिस्ट्रेशन करने का कार्य शुरू है। किसान अपना पंजीकरण जनसुविधा केन्द्र व विपणन विभाग के माध्यम से करा सकते हैं।
मोबाइल नंबर का आधार से लिंक जरूरी
इस बार धान खरीद का रजिस्ट्रेशन करते समय आपके आधार लिंक मोबाइल नंबर पर वन टाइम पासवर्ड ओटीपी आएगा। इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि धान खरीद का रजिस्ट्रेशन करने से पहले किसान जरूर देख लें कि उनका मोबाइल नंबर आधार से लिंक है या नहीं। अगर अभी तक लिंक नहीं है तो ऐसी स्थिति में वे अपने मोबाइल नंबर को आधार से लिंक करा लें।
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पंजीकरण के दौरान आधार से मोबाइल नंबर लिंक होना है अनिवार्य
खाद्य विभाग की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन के लिए किसानों को लगानी होगी खतौनी और आधारकार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। धान खरीद के लिए शासन की ओर से क्रय नीति जारी कर दी गई है। इसके तहत किसानों का धान पॉस मशीन के माध्यम से खरीदा जाएगा। धान बेचने के लिए किसानों को आधार के माध्यम से विभाग की वेबसाइट पर अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। ऑनलाइन टोकन प्राप्त करने के बाद किसान अपना धान क्रय केन्द्रों पर बेच सकेंगे। इस नए नियम से कई धान बेचने से वंचित रह जाएंगे। अधिकांश किसानों का मोबाइल आधार से लिंक नहीं है।
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में जहां बाढ़ का प्रभाव नहीं था। वहां इस साल अभी तक किसानों की धान की फसल ठीक-ठाक है। पैदावार भी अच्छी होने की उम्मीद है। शासन ने धान का मूल्य पिछले साल के अपेक्षा 72 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ा दिया है। इससे इस साल सरकारी क्रय केन्द्रों पर धान की खरीद 1940 रुपये प्रति क्विंटल की दर से होगी। जबकि पिछले साल धान का मूल्य 1868 रुपये निर्धारित था। किसानों का धान खरीदने के लिए क्रय नीति जारी कर दी गई है। किसान निरंजन दुबे, वीरेन्द्र, ऐश मोहम्मद आदि ने बताया कि मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है। कई लोगों का तो मोबाइल नंबर भी बदल गया है। ऐसे में पंजीकरण कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। डुमरियागंज के एसएमआई उबैदुल्लाह ने बताया कि किसानों को अपना धान बेचने के लिए खाद्य विभाग की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। जिसके लिए खतौनी, खाता संख्या के साथ आधारकार्ड भी लगेगा। धान खरीद ई-पॉस मशीन के माध्यम से की जाएगी। शासन ने बिचौलियों के माध्यम से होने वाली धान खरीद पर रोक लगाने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। पिछले साल कागज में दो लाख से अधिक धान बेचने वाले किसानों का राशनकार्ड निरस्त कर दिया है। किसानों को इस साल धान बेचने के लिए ऑनलाइन टोकन भी जेनरेट करना होगा। किसानों का रजिस्ट्रेशन करने का कार्य शुरू है। किसान अपना पंजीकरण जनसुविधा केन्द्र व विपणन विभाग के माध्यम से करा सकते हैं।
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मोबाइल नंबर का आधार से लिंक जरूरी
इस बार धान खरीद का रजिस्ट्रेशन करते समय आपके आधार लिंक मोबाइल नंबर पर वन टाइम पासवर्ड ओटीपी आएगा। इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि धान खरीद का रजिस्ट्रेशन करने से पहले किसान जरूर देख लें कि उनका मोबाइल नंबर आधार से लिंक है या नहीं। अगर अभी तक लिंक नहीं है तो ऐसी स्थिति में वे अपने मोबाइल नंबर को आधार से लिंक करा लें।
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