{"_id":"675a89d4170f2d346d08d8a9","slug":"additional-classes-were-to-be-conductedthe-course-was-also-not-completed-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1003-128807-2024-12-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: चलानी थीं अतिरिक्त कक्षाएं...कोर्स भी पूरा नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: चलानी थीं अतिरिक्त कक्षाएं...कोर्स भी पूरा नहीं
Thu, 12 Dec 2024 12:29 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 12 Dec 2024 12:29 PM IST
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। जिले में मौजूद राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों कमी से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही हैं। इससे माध्यमिक बोर्ड की तरफ से संचालित होने वाली परीक्षा के लिए अतिरिक्त कक्षाएं भी संचालित नहीं हो रही हैं। इससे जहां स्ववित्तपोषित विद्यालय के छात्र टॉपर हो रहे हैं।
वहीं, राजकीय छात्राें का जिला स्तर की लिस्ट में भी नाम नहीं आ पा रहा है। शिक्षक न होने से कोर्स भी पूरा होने का संकट हो गया है, जिससे विद्यार्थी परेशान हैं।
जिले में 28 राजकीय विद्यालय मौजूद हैं। इसमें से अधिकतर विद्यालयों में विज्ञान व गणित के शिक्षक मौजूद नहीं हैं। इससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है। जबकि, प्राइवेट विद्यालयों में चल रही अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन होने से जिले के छात्र प्रदेश स्तर पर टॉपर बन रहे हैं।
विज्ञापन
सरकारी व राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों सहित अन्य सुविधाओं के नहीं होने से छात्र पढ़ाई में भी रुचि नहीं ले रहे हैं। विद्यालय छात्रों को सुविधाएं देने के लिए माध्यमिक बोर्ड कई सुविधाएं दे रहा हैं। लेकिन, सुविधाएं धरा पर नहीं आने से छात्र परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं।
विज्ञापन
वहीं, राजकीय छात्राें का जिला स्तर की लिस्ट में भी नाम नहीं आ पा रहा है। शिक्षक न होने से कोर्स भी पूरा होने का संकट हो गया है, जिससे विद्यार्थी परेशान हैं।
विज्ञापन
जिले में 28 राजकीय विद्यालय मौजूद हैं। इसमें से अधिकतर विद्यालयों में विज्ञान व गणित के शिक्षक मौजूद नहीं हैं। इससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है। जबकि, प्राइवेट विद्यालयों में चल रही अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन होने से जिले के छात्र प्रदेश स्तर पर टॉपर बन रहे हैं।
विज्ञापन
सरकारी व राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों सहित अन्य सुविधाओं के नहीं होने से छात्र पढ़ाई में भी रुचि नहीं ले रहे हैं। विद्यालय छात्रों को सुविधाएं देने के लिए माध्यमिक बोर्ड कई सुविधाएं दे रहा हैं। लेकिन, सुविधाएं धरा पर नहीं आने से छात्र परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं।