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Siddharthnagar News: किसानों को दी गई टिकाऊ खेती की जानकारी
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सिद्धार्थनगर। कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के तत्वावधान में ब्लॉक बांसी के डड़वा तकिया गांव में विश्व पर्यावरण दिवस पर शुक्रवार को खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य किसानों को मिट्टी के स्वास्थ्य संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना रहा।
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार ने किसानों से कहा कि कृषि भूमि की उर्वरता बनाए रखने के लिए संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा परीक्षण तथा फसल अवशेष प्रबंधन को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने किसानों से खेती को लाभकारी एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।
डॉ. प्रवेश कुमार देहाती ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य सुधार, हरी खाद, जैव उर्वरकों के उपयोग तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मिट्टी ही टिकाऊ कृषि और बेहतर उत्पादन का आधार है।
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डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र ने किसानों को जल संरक्षण, फसल विविधीकरण तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि बदलती जलवायु परिस्थितियों में संसाधन संरक्षण आधारित खेती समय की आवश्यकता है। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने कृषि वैज्ञानिक से विभिन्न कृषि समस्याओं पर चर्चा की तथा वैज्ञानिकों ने उनके प्रश्नों का समाधान किया। अंत में किसानों ने मिट्टी, जल एवं पर्यावरण संरक्षण के साथ टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सेतूराम मौर्य, दीपू, दिनेश त्रिपाठी, सुभाष चंद्र, राम उजागिर, नफीस आदि मौजूद रहे।
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कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार ने किसानों से कहा कि कृषि भूमि की उर्वरता बनाए रखने के लिए संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा परीक्षण तथा फसल अवशेष प्रबंधन को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने किसानों से खेती को लाभकारी एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।
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डॉ. प्रवेश कुमार देहाती ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य सुधार, हरी खाद, जैव उर्वरकों के उपयोग तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मिट्टी ही टिकाऊ कृषि और बेहतर उत्पादन का आधार है।
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डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र ने किसानों को जल संरक्षण, फसल विविधीकरण तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि बदलती जलवायु परिस्थितियों में संसाधन संरक्षण आधारित खेती समय की आवश्यकता है। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने कृषि वैज्ञानिक से विभिन्न कृषि समस्याओं पर चर्चा की तथा वैज्ञानिकों ने उनके प्रश्नों का समाधान किया। अंत में किसानों ने मिट्टी, जल एवं पर्यावरण संरक्षण के साथ टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सेतूराम मौर्य, दीपू, दिनेश त्रिपाठी, सुभाष चंद्र, राम उजागिर, नफीस आदि मौजूद रहे।