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Siddharthnagar News: उमंग में लगाई छलांग, पलभर में चली पांच किशोरों और एक किशोरी की जान
Tue, 30 May 2023 11:28 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 30 May 2023 11:28 PM IST
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लोटन क्षेत्र के सिघोंरवा गांव में रोते-बिलखते परिजन। संवाद
सिद्धार्थनगर। गर्मी से निजात और तैराकी के उमंग में नदी में एक छलांग ने मंगलवार को छह की जान ले ली। उसका थाना क्षेत्र में नदी में नहाते समय चार किशोरों की जान चली गई। जबकि बांसी कोतवाली क्षेत्र में राप्ती नदी में डूबने से एक किशोर और किशोरी की मौत हो गई। मौत से परिवार के साथ ही गांव में गम है। तैराकी के कोच और जिला क्रीड़ाधिकारी आशुतोष अग्निहोत्री का कहना है कि मई और जून का महीना बच्चों के लिए बहुत ही संवेदनशील होता है। अगर गांव के पास नदी या बड़ा तालाब है तो बच्चों पर नजर रखें। क्योंकि खेल-खेल में बच्चे पानी के पास चले जा रहे हैं जो उनके लिए घातक हो रहा है। घटनाएं न हों इसके लिए परिवार को जागरूक होने की जरूरत है।
गर्मी की छुट्टी में अकसर बच्चे रिश्तेदारी में घूमने के लिए जाते हैं। जब बच्चों को समूह एक होता है तो खेलने के लिए बच्चे निकलते हैं। इसमें गर्मी के सीजन में अकसर बच्चे नहाने जाते हैं। जैसा की मंगलवार को हुआ। बांसी कोतवाली क्षेत्र के खरिका गांव के पास बूढ़ी राप्ती नदी में नहाने गए खेसरहा थाना क्षेत्र के टिकुर गांव निवासी 15 वर्षीय मो. समीर पुत्र सुबहान अली और 14 वर्षीय महक पुत्री इरशाद अली निवासी ग्राम मजोरा थाना खेसरहा की डूबकर मौत हो गई। परिवार के लोगों का कहना था कि दोनों का ना तो तैरना आता है और ना ही कभी नदी और तालाब में नहाने गए थे। अचानक बच्चों का साथ मिला और नदी में नहाते समय डूबकर मौत हो गई।
वहीं, उसका बाजार थाना क्षेत्र के इमिलिहा गांव के पास से बहने वाली कूड़ा नदी में डूबने से चार किशोरों की मौत हो गई। यह लोग भी कभी नदी में नहाने नहीं गए थे। ऐसा गांव के लोगों का कहना था। इस घटना में अलाउद्दीन (13) पुत्र सलाहुद्दीन, शादाब (13) पुत्र मो. युनुस निवासी सिहोरवा कोतवाली लोटन, साहिल (12) पुत्र रियाज निवासी चैनपुरवा थाना मोहाना और सोएब पुत्र वसी अहमद निवासी मोतीपुर थाना सिद्धार्थनगर जो रिश्तेदारी में सिंहोरवा गांव में आए हुए थे। इन मौतों ने परिवार को झकझोर कर रख दिया है। परिवार के लोगों की जा सी अनदेखी से उनकी दुनिया ही उजड़ गई। जिसकी अब भरपाई संभव नहीं है। वहीं विशेषज्ञ लोगों को सलाह दे रहे हैं कि बच्चों पर ध्यान दें।
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पढ़ाई के बाद जब गर्मी की छुट्टियां होती हैं तो बच्चे खुद को खुला महसूस करते हैं। दूसरे बच्चों को पाते ही वह खेलते हैं। गर्मी की वजह से अकसर बच्चे पानी में नहाना चाहते हैं। लेकिन यह उनके लिए घातक साबित हो रहा है। कारण नदी और तालाब की गहराई के बारे में उन्हें पता नहीं रहता है। तैरना भी नहीं जानते हैं। इसके बाद नदी में छलांग लगा दे रहे हैं। जिससे उनकी मौत हो जा रही है। इससे बचने के लिए परिवार को तो ध्यान देने की जरूरत है ही। इसके साथ ही पुलिस विभाग को ऐसे नदी के तट जहां बच्चे खेलते हों, पोखरे और तालाब में नहाते हों, वहां पर दो माह नजर रखें। तो इस प्रकार के हादसे होने से बचा जा सकता है।
- आशुतोष अग्निहोत्री, जिला क्रीड़ा अधिकारी और तैराकी कोच, जिला स्टेडियम सिद्धार्थनगर
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गर्मी की छुट्टी में अकसर बच्चे रिश्तेदारी में घूमने के लिए जाते हैं। जब बच्चों को समूह एक होता है तो खेलने के लिए बच्चे निकलते हैं। इसमें गर्मी के सीजन में अकसर बच्चे नहाने जाते हैं। जैसा की मंगलवार को हुआ। बांसी कोतवाली क्षेत्र के खरिका गांव के पास बूढ़ी राप्ती नदी में नहाने गए खेसरहा थाना क्षेत्र के टिकुर गांव निवासी 15 वर्षीय मो. समीर पुत्र सुबहान अली और 14 वर्षीय महक पुत्री इरशाद अली निवासी ग्राम मजोरा थाना खेसरहा की डूबकर मौत हो गई। परिवार के लोगों का कहना था कि दोनों का ना तो तैरना आता है और ना ही कभी नदी और तालाब में नहाने गए थे। अचानक बच्चों का साथ मिला और नदी में नहाते समय डूबकर मौत हो गई।
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वहीं, उसका बाजार थाना क्षेत्र के इमिलिहा गांव के पास से बहने वाली कूड़ा नदी में डूबने से चार किशोरों की मौत हो गई। यह लोग भी कभी नदी में नहाने नहीं गए थे। ऐसा गांव के लोगों का कहना था। इस घटना में अलाउद्दीन (13) पुत्र सलाहुद्दीन, शादाब (13) पुत्र मो. युनुस निवासी सिहोरवा कोतवाली लोटन, साहिल (12) पुत्र रियाज निवासी चैनपुरवा थाना मोहाना और सोएब पुत्र वसी अहमद निवासी मोतीपुर थाना सिद्धार्थनगर जो रिश्तेदारी में सिंहोरवा गांव में आए हुए थे। इन मौतों ने परिवार को झकझोर कर रख दिया है। परिवार के लोगों की जा सी अनदेखी से उनकी दुनिया ही उजड़ गई। जिसकी अब भरपाई संभव नहीं है। वहीं विशेषज्ञ लोगों को सलाह दे रहे हैं कि बच्चों पर ध्यान दें।
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पढ़ाई के बाद जब गर्मी की छुट्टियां होती हैं तो बच्चे खुद को खुला महसूस करते हैं। दूसरे बच्चों को पाते ही वह खेलते हैं। गर्मी की वजह से अकसर बच्चे पानी में नहाना चाहते हैं। लेकिन यह उनके लिए घातक साबित हो रहा है। कारण नदी और तालाब की गहराई के बारे में उन्हें पता नहीं रहता है। तैरना भी नहीं जानते हैं। इसके बाद नदी में छलांग लगा दे रहे हैं। जिससे उनकी मौत हो जा रही है। इससे बचने के लिए परिवार को तो ध्यान देने की जरूरत है ही। इसके साथ ही पुलिस विभाग को ऐसे नदी के तट जहां बच्चे खेलते हों, पोखरे और तालाब में नहाते हों, वहां पर दो माह नजर रखें। तो इस प्रकार के हादसे होने से बचा जा सकता है।
- आशुतोष अग्निहोत्री, जिला क्रीड़ा अधिकारी और तैराकी कोच, जिला स्टेडियम सिद्धार्थनगर